Rail / Metro Rail / DTC – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com Delhi Ki Awaaz Wed, 09 Nov 2022 18:03:19 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 https://i0.wp.com/www.delhiaajkal.com/wp-content/uploads/2022/11/Black-minimalist-michael-vescera-logo.png?fit=32%2C32&ssl=1 Rail / Metro Rail / DTC – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com 32 32 212602069 डीएमआरसी ने रेडलाइन से की 8 कोचों वाली मेट्रो ट्रेन की शुरूआत https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-8/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-8/#respond Wed, 09 Nov 2022 18:03:17 +0000 https://delhiaajkal.com/?p=1412 दिल्ली आजकल ब्यूरो , दिल्ली

 9 नवंबर 2022

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी)ने  रेड लाइन (लाइन-1 अर्थात् रिठाला से शहीद स्थल न्यू बस् अड्डा) पर यात्रि सेवा के लिए 6-कोच वाली ट्रेनों के  39 ट्रेनों के बेड़े में से 02 ट्रेनों को 8-कोच वाली ट्रेन बनाकर चलाने की शुरुआत की है. इस शुरुआत से इस लाइन पर सभी ट्रेनें प्लेटफॉर्मों के किनारे पर ठहरेंगी.

रेड लाइन पर इन 39 ट्रेन सेटों में मैसर्स भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) से खरीदे गए 78 अतिरिक्त कोच जोड़े जा रहे हैं. इन अतिरिक्त कोचों से रेड लाइन (लाइन-1) की यात्री क्षमता में बढ़ोतरी होगी. लगभग 34 कि.मी. लंबी इस लाइन का वर्ष 2019 में गाज़ियाबाद में शहीद स्थल न्यू बस अड्डा तक विस्तार किया गया था. रेड लाइन पर 6 कोच वाली ट्रेन को 8 कोच वाली ट्रेनों में बदलने का कार्य चरणबद्ध रूप से किया जा रहा है. जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि नियमित यात्री सेवाओं पर कोई प्रभाव न पड़े.  यह कार्य वर्ष 2024 तक पूरा किया जाना संभावित है.

 यात्रियों द्वारा उपयोग (वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 4.7 लाख यात्री) के संदर्भ में रेड लाइन सबसे पुरानी और डीएमआरसी नेटवर्क के सबसे महत्वपूर्ण कॉरिडॉरों में से एक है. जिसमें वैलकम, कश्मीरी गेट, इन्द्रलोक और नेताजी सुभाष प्लेस नामक 4 इंटरचेंज स्टेशन मौजूद हैं. रेड लाइन पर फेज़-IV  के पूरा हो जाने पर पुलबंगश और पीतमपुरा नामक दो और स्टेशन इंटरचेंज स्टेशन बन जाएंगे. 

पिछले वर्ष, येलो लाइन (लाइन-2 अर्थात् समयपुर बादली से हुडा सिटी सेंटर) और ब्लू लाइन (लाइन- 3/4 अर्थात् द्वारका सेक्टर-21 से नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी/ वैशाली) के शेष   6-कोच वाली ट्रेनों के बेड़े में अतिरिक्त कोच जोड़े जाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया था. 

 फेज़-I के अंतर्गत ये लाइनें, जिन्हें आरंभ में शुरु किया गया था, ब्रॉड गेज़ पर बनाई गई थीं जिस पर 8-कोच वाली ट्रेनें चलाने की व्यवस्था है.  दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर 6-कोच वाली पहली ट्रेन सेवा भी वर्ष 2013 में रेड लाइन (लाइन-1) पर ही शुरु की गई थी. इस समय दिल्ली मेट्रो में 336 ट्रेन सेटों का बेड़ा है. जिनमें सभी कॉरिडॉरों (रैपिड मेट्रो, गुरुग्राम और नोएडा मेट्रो को छोड़कर) पर 176 6-कोच वाली ट्रेनें हैं,.138 ट्रेनें 8-कोच वाली तथा 22 ट्रेनें 4-कोच वाली हैं.

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प्रदूषण की वजह से दिल्ली के प्राइमरी स्कूल बंद, 50 प्रतिशत कर्मचारी ही आएंगे कार्यालय https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%9c%e0%a4%b9-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%95/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%9c%e0%a4%b9-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%95/#respond Fri, 04 Nov 2022 19:21:49 +0000 https://delhiaajkal.com/?p=1339 बृजेंद्र नाथ, दिल्ली

4 नवंबर 2022

दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक बढ़ने के बाद दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को कई फैसले किये. जिससे दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने में मदद हासिल हो पाए. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने उन तमाम निर्णयों की जानकारी दी. जो दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए किये हैं.

गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में हॉटस्पॉट्स पर वायु प्रदूषण को रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा. सभी डीजल वाले ट्रकों की दिल्ली में एंट्री बैन रहेगी. प्राइमरी स्कूल बंद रखे जाएंगे. मिडिल क्लास के लिए आउटडोर एक्टिविटी बंद रहेगी. अगर संभव हो तो स्कूल आनॅलाइन पढ़ाई कराएं. सरकार दिल्ली में 500 अतिरिक्त बस को कांट्रेक्ट पर चलाएगी. निजी कार्यालयों को कहा गया है कि वे अपने कर्मचारियो को वर्क फ्रॉम होम की इजाजत दें. दिल्ली सरकार के कार्यालयों में केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी आएंगे. जबकि अन्य कर्मचारी घर से काम करेंगे. दिल्ली सरकार ने प्रदूषण विरोधी प्रतिबंधों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए 6 सदस्यीय पैनल का गठन किया है. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत हुई तो दिल्ली में एक बार फिर से आडॅ—इवन योजना  लागू की जाएगी. जिसमें एक दिन सम और एक दिन विषम संख्या वाली गाड़ियो को ही सड़कों पर इजाजत दी जाएगी.

वायु गुणवत्ता इंडेक्स जब 400 से उपर होता है. उस समय वायु प्रदूषण को खतरनाक माना जाता है. यह कहा जाता है कि उस समय श्वासं रोग, चर्म रोग के अलावा फेफड़ो की बीमारी बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है. इन बीमारियों से पीड़ित लोगों की समस्या में भी इजाफा हो जाता है. शुक्रवार को दिल्ली के अधिकतर इलाकों में वायु गुणवत्ता को गंभीर श्रेणी में माना गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार  आनंद विहार और जहांगीरपुरी राजधानी में सबसे प्रदूषित स्थान रहे. जहां एक्यूआई क्रमश: 471 और 485 रहा. जिन क्षेत्रों में ‘गंभीर’ एक्यूआई दर्ज किया गया है. उनमें अलीपुर (475), अशोक विहार (470), बवाना (482), बुराड़ी (460), डीटीयू (446), द्वारका (474), आईटीओ (438), मुंडका (476), नरेला (477), नेहरू नगर (482), पटपड़गंज (435), रोहिणी (474), सोनिया विहार (472), विवेक विहार (471) और वजीरपुर (475) आदि शामिल है.

पराली पर आम आदमी पार्टी और भाजपा में आरोप—प्रत्यारोप

भाजपा ने कहा है कि पहले अरविंद केजरीवाल कहते थे कि पंजाब में पराली जलाने से दिल्ली की सांस में समस्या हो रही है. लेकिन जब से वहां केजरीवाल की पार्टी की सरकार बनी है. वह पराली जलाने पर चुप्पी साध गए हैं. उन्होंने कहा था कि वह किसानों को इसे जलाने की जगह अन्य विकल्प देंगे. लेकिन सरकार बनने के बाद वह किसानों से इस मुददे पर बात नहीं कर रहे हैं. दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने कहा है कि पराली केवल पंजाब में नहीं जलती है. हरियाणा, उप्र में भी यह समस्या है. उत्तर भारत की इस समस्या से निपटने के लिए उत्तर भारत के सभी राज्यों को मिलकर कार्य करना होगा. भाजपा को इस पर राजनीति बंद करनी चाहिए. 

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अगले साल तक देश का हर मोबाइल फोन हो जाएगा 4जी https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%87/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%87/#respond Wed, 02 Nov 2022 20:29:46 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1239 संदीप जोशी, दिल्ली
28 अप्रैल 2022

देश में अगले साल तक हर 2जी मोबाइल फोन को 4जी में बदलने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. उसने यह तय किया है कि वह देश के हर एक टॉवर को 4जी तकनीक से लैस करेगी. इसके प्रथम चरण में केंद्रीय कैबिनेट ने एक दिन पहले ही नक्सल प्रभावित इलाकों में 2342 मोबाइल टॉवर को अपग्रेड कर 4जी तकनीक से चलाने का निर्णय किया है.

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि हमनें स्वदेशी 4जी तकनीक विकसित कर ली है. यह मौजूदा विदेशी 4जी तकनीक से काफी अधिक प्रभावी और सस्ती भी है. इससे हम आने वाले समय में स्वदेशी तकनीक पर 5जी सेवा भी लांच कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि यह निर्णय भी किया गया है कि अगले साल के अंत तक देश के सभी टॉवरों को 4जी सेवा से लैस कर दिया जाए. इसके लिए अगले चरण में करीब 6 हजार टॉवर और उसके उपरांत 1 लाख टॉवरों को 4जी सेवा से लैस किया जाएगा. इससे हर व्यक्ति का फोन 4जी हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि देश में 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी मई—जून तक हो जाएगी. जिससे देश में अगस्त—सितंबर तक अधिकारिक रूप से 5जी सेवा शुरू हो जाएगी. इंडस्ट्री ने यह कहा है कि 5जी स्पेक्ट्रम कुछ महंगा है. इसको लेकर उनसे हम बात करने को तैयार हैं. यह मामला सुलझा लिया जाएगा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गांवों में इंटरनेट पहुंचाने के लिए भारत नेट को बीएसएनएल के साथ मिला दिया गया है. वहां पर स्थानीय व्यक्ति को इंटरनेट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जा रही है. यह इस योजना का प्रभाव है कि गांव में भी प्रति मोबाइल यूजर 70—80 जीबी डाटा की खपत सामने आ रही है. हमें उम्मीद है कि जल्द ही एमटीएनएल और बीएसएनएल फिर से बेहतर व्यवसायिक कारोबार करने में सक्षम होंगे.

बॉक्स: मोबाइल के दामों में दखल नहीं देगी सरकार, 15 अगस्त को पीएम कर सकते हैं पहली 5जी कॉलिंग
सूत्रों के मुताबिक 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में पहली 5जी तकनीक आधारित कॉल कर सकते हैं. यही वजह है कि दूरसंचार मंत्रालय किसी भी हालत में मई—जून में 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी करना चाहता है. वहीं, मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि मोबाइल कंपनियां अगर दरों में इजाफा करती है तो उसमें सरकार दखल नहीं देगी. यह कार्य ट्राई और प्रतिस्पर्धा आयोग का है कि वह यह देखें कि क्या कंपनियां मिलकर तो दाम नहीं बढ़ा रही है. इसमें मंत्रालय का दखल नहीं होता है.

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कांग्रेस का चिंतन शिविर नौ साल बाद फिर से राजस्थान में https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%a8/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%a8/#respond Wed, 02 Nov 2022 19:17:20 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1221 विनय कुमार, दिल्ली
19 अप्रैल 2022

पांच राज्यों में करारी हार की वजह तलाश करने और आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति पर विचार करने के लिए कांग्रेस ने नौ साल बाद राजस्थान में अपना चिंतिन शिविर आयोजित करने का फैसला किया है. इस तीन दिन के अधिवेशन में कांग्रेस के 700 से अधिक नेता शिरकत करेंगे. इसका आयोजन 14—16 मई के बीच किया जाना प्रस्तावित है.

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी भी इसमें हिस्सा लेंगे. यह उम्मीद की जा रही है कि इस चिंतन शिविर से पहले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी औपचारिक रूप से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर लेंगे और इस शिविर में हिस्सा लेंगे.

इस शिविर में देश भर से आए प्रतिनिधियों से पांच राज्यों की चुनावी हार पर उनकी राय हासिल की जाएगी. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ चुनाव की रणनीति को लेकर भी विमर्श किया जाएगा.

कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि इस शिविर में कांग्रेस के सभी महासचिव भी हिस्सा लेंगे. यहां पर लोकसभा चुनाव 2024 में विभिन्न दलों के साथ गठबंधन पर चर्चा के साथ ही प्रशांत किशोर की ओर से दिए गए सुझाव पर भी मंथन किया जाएगा. इसमें यह भी तय किया जाएगा कि लोकसभा चुनाव में मुकाबला के लिए कांग्रेस की क्या रणनीति रहेगी.

आम चुनाव 2024 में राहुल गांधी को बतौर प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किये जाने पर क्या इस शिविर में चर्चा होगी. इसके जवाब में कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि पहले हमें कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त करना है. वह हमारी प्राथमिकता है. उसके लिए संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है. प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा. यह कांग्रेस से होगा या संयुक्त् विपक्ष बनने पर किसी अन्य दल से उम्मीदवार सामने आएगा. यह सभी बिंदु चुनाव के समय ही तय किये जा सकते हैं. लेकिन शिविर में लोकसभा चुनाव के लिए बड़े स्तर पर एक चर्चा जरूर होगी.

कांग्रेस ने इससे पहले 2013 में राजस्थान के जयपुर में अपना चिंतन शिविर आयोजित किया था. जिसमें राहुल गांधी को उस समय उपाध्यक्ष बनाने का ऐलान किया गया था. हाल ही में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में यह फैसला किया गया था कि चुनावी हार पर मीमांसा के लिए कांग्रेस एक बार फिर से चिंतन शिविर का आयोजन करेगी. 

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रूपये—रूबल में रूस के साथ कारोबार पर विचार नहीं कर रही सरकार https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%ac%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%ac%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5/#respond Wed, 02 Nov 2022 19:06:40 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1215 विनय कुमार, दिल्ली
13 अप्रैल 2022

केंद्र सरकार ने रूस के साथ कारोबार के लिए रूपये—रूबल की किसी भी संभावना से इनकार किया है. उसका कहना है कि रूस के साथ पैसों के लेन—देन के लिए भारतीय मुद्रा रूपये और रूसी मुद्रा रूबल में व्यापार करने के मुददे पर रूस से कोई बातचीत नहीं हो रही है. वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि रूस—यूक्रेन युद्ध की वजह से अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं. इस वजह से यह आकलन किया जा रहा है कि भारत और रूस के बीच इस तरह का कोई करार हो सकता है क्योंकि प्रतिबंध की वजह से दोनों देश पैसों का लेन—देन डॉलर में नहीं कर सकते हैं.

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि रूस के साथ भारत का कारोबार काफी सीमित है. ऐसे में भारत पर उन प्रतिबंधों का कोई बड़ा असर नहीं होगा. जो यूरोपीय देशों और अमेरिका ने रूस पर लगाए हैं. इस अधिकारी ने कहा कि रूस के साथ पैसों के लेन—देन को लेकर सीमित बिंदु पर बातचीत हो रही है. हमारे कुछ कारोबारियों ने अपना सामान रूस को बेचा है. उनका सामान वहां पहुंच गया है. लेकिन उसकी कीमत उन्हें नहीं मिली है. इस बीच रूस पर अमेरिका और यूरोपीय देशों ने यूक्रेन युद्ध की वजह से कई प्रतिबंध लगा दिए. जिसकी वजह से कई बैंकों से लेन—देन बंद हो गया है. इस वजह से हमारे कारोबारियों का पैसा वहां फंस गया है. हम यह प्रयास कर रहे हैं कि ऐसे बैंक जो रूस में अमेरिका व यूरोपीय देशों की ओर से प्रतिबंधित नहीं किये गए हैं. उनके माध्यम से कारोबार किया जाए. हम रूस के साथ कोई नया लेन—देन तंत्र नहीं बना रहे हैं. इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि हमारा रूस के साथ कोई बहुत अधिक कारोबार नहीं है. ऐसे में प्रतिबंध का हमारे व्यापारियों पर कोई बड़ा असर नहीं होने वाला है. 

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राज्यसभा से सेवानिवृत हो रहे 72 सांसदों को विदाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा लौट कर आईये https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a5%8b/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a5%8b/#respond Wed, 02 Nov 2022 18:27:59 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1203 संदीप जोशी, दिल्ली
31 मार्च 2022

राज्यसभा के 72 सदस्य मार्च से जुलाई के बीच सेवानिवृत हो रहे हैं. इन सदस्यों को राज्यसभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गुरूवार को विदाई दी. इन सांसदों में सुब्रहमण्यम स्वामी, कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा, पी चिदंबरम, प्रसन्ना आचार्य, संजय राउत, सतीश चंद्र मिश्रा, नरेंद्र जाधव शामिल हैं. इस अवसर पर अधिकतर सांसद भावुक थे. विदाई समारोह के दौरान कुछ हल्के—फुल्के पल भी सामने आए. सेवानिवृत होने वाले सदस्यों ने पार्टी लाइन से हटकर सहयोगियों के साथ संसद में बिताए दिनों की यादों को साझा किया.राज्यसभा से विदा लेने वाले सदस्यों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपने इस सदन से बहुत अनुभव हासिल किया है. अगर संभव हो तो एक बार फिर सदन में लौट कर आईये. सेवानिवृत होने वाले सदस्यों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हैं. हालांकि इन दोनों का सदन में फिर से आना तय है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवानिवृत होने वाले सदस्यों से कहा कि उन्होंने सदन से बहुत अनुभव हासिल हुए हैं. इसे लोगों के हित में समस्त भारत में ले जाने और आनी वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने में मदद देने के लिए उपलब्ध कराएं. सेवानिवृत हो रहे सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुभव से जो प्राप्त हुआ होता है. उसमें समस्याओं के समाधान के लिए उपाय सरल होते हैं. अनुभव का अपना अलग ही महत्व होता है. जब ऐसे अनुभवी साथी सदन से जाते हैं तो सदन व राष्ट्र को बहुत बड़ी कमी महसूस होती है. उन्होंने रिटायर हो रहे सांसदों के लिए कहा कि आप बड़े मंचों पर जाकर आजादी के अमृत महोत्सव के पर्व को माध्यम बनाकर लोगों को प्रेरित करने में योगदान कर सकते हैं.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू जी ने राज्य सभा को शक्ति और अन्तरंगता प्रदान की थी.  उन्होंने ही राज्यसभा सांसदों को विभिन्न समितियों का सदस्य बनाया.  धन विधेयकों को अगर छोड़ दिया जाए तो दोनों सदन समान रूप से शक्तिशाली हैं. उन्होंने कहा कि राज्यसभा एक स्थायी सदन है. कुछ सदस्य सेवानिवृत्त होंगे. जबकि कुछ अन्य आएंगे. लेकिन यह सदन हमेशा चलता रहेगा. हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं. लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम कुशलता से काम करते रहें.  उन्होंने कहा कि राजनीति में एक कहावत है कि उतार-चढ़ाव अक्सर आते रहते हैं. लेकिन कभी भी मैदान नहीं छोड़ना चाहिए. लोगों के लिए काम करते समय हमें इसे ध्यान में रखना चाहिए.

इस साल मार्च से लेकर जुलाई तक सात मनोनीत सदस्यों सहित कुल 72 राज्यसभा सांसद सेवानिवृत्त हो रहे हैं. यह सदन की कुल संख्या के लिहाज से एक तिहाई है. जिससे आने वाले दिनों में राज्यसभा का स्वरूप काफी बदला हुआ होगा. यह पहली बार होगा. जब अकाली दल का कोई भी सदस्य इस सदन में नहीं होगा. वहीं, आम आदमी पार्टी के सदस्य संख्या भी बढ़कर नौ—दस तक हो जाएगी. हालांकि सेवानिवृत होने वाले कुछ सदस्य फिर से सदन में लौट भी सकते हैं. इनमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल प्रमुख नाम हैं. सेवानिवृत्त होने वाले सदस्य 19 राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इनमें से कुछ के पास पांच कार्यकाल का अनुभव है. राज्यसभा से सेवानिवृत्त होने वालों में एके एंटनी, अंबिका सोनी, पी चिदंबरम, आनंद शर्मा, जयराम रमेश, सुरेश प्रभु, प्रफुल पटेल, सुब्रमण्यम स्वामी, प्रसन्ना आचार्य, संजय राउत, नरेश गुजराल, सतीश चंद्र मिश्रा, एमसी मैरी कॉम, स्वप्न दासगुप्ता और नरेंद्र जाधव शामिल हैं.

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गांवों में ई—कॉमर्स और लॉजिस्टिक कारोबार बढ़ाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर ने ओपन नेटवर्क फॉर डिजीटल कॉमर्स में किया निवेश https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b5%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a5%89/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b5%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a5%89/#respond Wed, 02 Nov 2022 17:39:14 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1191 संदीप जोशी,  दिल्ली
22 मार्च 2022

सूचना प्रौदयोगिकी मंत्रालय के निकाय कॉमन सर्विस सेंटर , सीएससी, ने ओपन नेटवर्क फॉर डिजीटल कॉमर्स में निवेश किया है. इसका उददेश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ई—कॉमर्स औश्र लॉजिस्टिक कारोबार को बढ़ाना है. ओपन नेटवर्क फॉर डिजीटल कॉमर्स डिपार्टमेंट फोर प्रमोशन आफॅ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड, डीपीआईआईटी, की एक पहल है. यह विभाग वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है. इस पहल का उददेश्य एक स्वतंत्र प्रोटोकॉल स्थापित करना है. जिसका उपयोग सभी कर पाएं.

कॉमन सर्विस सेंटर के मुताबिक यह प्रोटोकॉल सभी वर्गो के खरीदार और विक्रेताओं को लाभ देने वाला है. इन लाभ हासिल करने वालों में मोबिलिटी, ग्रोसरी—खानपान का सामान से  लेकर खाने का आर्डर देने वाले उनको डिलीवरी उपलब्ध कराने वाले और होटल बुकिंग से लेकर यातायात पर्यटन की सुविधा देने वाले शामिल हैं. यह छोटे मंझोले सूक्ष्म कारोबार करने वालों से लेकर छोटे टेडर्स को आनॅलाइन प्लेटफॉर्म पर अपना कारोबार करने की सुविधा देने में मदद करेगा.

कॉमन सर्विस सेंटर ने कहा कि सीएससी ओपन नेटवर्क में निवेश करने के साथ ही अपने ई—कॉमर्स एप्लीकेशन को समग्रित बनाने का भी कार्य करेगी. सीएससी अपने ई—ग्रामीण स्टोर को इस तरह से समग्रित करेगी. जिससे ग्रामीण ई—कॉमर्स को बढ़ाने में मदद मिलेगी. सीएससी के प्रबंध निदेश्क डा दिनेश त्यागी ने कहा कि यह पहली बार है. जब सीएससी  ने इस तरह की किसी पहल में निवेश किया है. यह डिजीटल कॉमर्स का एक ऐसा स्वतंत्र तंत्र बनाने में मदद करेगा. जो सभी के लिए उपलब्ध होगा. एक रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण जनता तेजी से ब्रांडेड सामान खरीदारी की ओर कदम बढ़ा रही है. सीएससी ग्रामीण ई—स्टोर के ओपन नेटवर्क फॉर डिजीटल कॉमर्स से जुड़ने से यह लाभ होगा कि ऐसी कंपनियां जो देश की ग्रामीण जनता तक पहुंचना चाहती है. वे हमारे तीन लाख स्टोर के माध्यम से उन तक तेजी से पहुंच सकती है. 

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नया टेलीकॉम कानूनव्हाट्सएप कॉल की चुकानी पड़ सकती है कीमत , हर कॉलर की होगी पहचान https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8/#respond Wed, 02 Nov 2022 03:59:45 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1140 संदीप जोशी, दिल्ली, 23 September 2022

केंद्र सरकार जल्द ही नया टेलीकॉम कानून लाने की तैयारी कर रही है. इससे संबंधित बिल का प्रारूप दूरसंचार मंत्रालय ने सार्वजनिक कर दिया है. इस पर जनता से 20 अक्टूबर तक सलाह-आपत्ति मांगी गई है. इसके उपरांत इस बिल को संसदीय समिति के समक्ष रखा जाएगा. उसकी सिफारिशों के अनुरूप इसमें बदलाव किया जा सकता है. जिसके उपरांत इसे संसद में पेश कर कानून की शक्ल दी जाएगी. नए प्रस्तावित टेलीकॉम कानून के तहत मैसेजिंग और ओटीटी प्लेटफार्म को भी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा. ऐसा होने पर व्हाट्सएप से की जाने वाली कॉल के लिए पैसे देने पड़ सकते हैं. इसके साथ ही नए प्रस्तावित कानून में हर कॉलर की पहचान उजागर करने का नियम भी लाया जा रहा है. इसका लाभ यह होगा कि ट्रू-कॉलर या इस जैसी किसी अन्य ऐप का प्रयोग किए बिना ही कॉल रिसीव करने वाले को यह पता लग जाएगा कि कॉल कौन कर रहा है. इससे बड़े स्तर पर साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामलों पर भी लगाम लगाने में मदद हासिल हो सकती है. दूरसंचार मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि नया कानून 8-10 महीने में आ सकता है

दूरसंचार मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि टेलीकॉम क्षेत्र में सुधार और बेहतरी के लिए नया कानून मील का पत्थर साबित होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट निर्देश है कि उपभोक्ताओं को अधिक सुविधाएं और अधिकार दिए जाएं. इसके साथ ही टेलीकॉम क्षेत्र को भी अनावश्यक कानूनों से मुक्त किया जाए. वही, सभी के लिए समान अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं. प्रधानमंत्री के इन तीन मूल मंत्रों पर नया कानून पूरी तरह से अमल करेगा. उन्होंने कहा कि हर उपभोक्ता को यह जानने का हक है कि उसे कौन कॉल कर रहा है. ग्राहकों को ‘राइट टू नो’ का अधिकार होगा. जब भी किसी व्यक्ति के पास कोई कॉल आएगा. उसे यह पता होगा कि कॉल करने वाला कौन है. यह माना जा रहा है कि इस नई सुविधा का एक लक्ष्य साइबर और ऑनलाइन ठगी पर रोक लगाना है. यह आए दिन सामने आता है कि फर्जी कॉल कर साइबर ठग लोगो के बैंक अकाउंट से पैसा निकाल लेते हैं. ऐसे में जब वह देखेंगे कि कोई ऐसा व्यक्ति कॉल कर रहा है. जिसका नाम उनकी फोन बुक में नहीं है. वह संदिग्ध लग रहा है तो फिर आम उपभोक्ता ऐसी कॉल से सजग और सतर्क रहेंगे.

नए प्रावधान में ओटीटी और मैसेजिंग प्लेटफार्म को भी लाइसेंस लेना होगा. इससे OTT सेवा देने वाली कंपनियों पर भी वही नियम प्रभावी होंगे. जो टेलीकॉम कंपनियों पर होते हैं. इसी तरह से व्हाट्सएप, जूम या स्काइप जैसी सेवाओं को भी नियमों के दायरे में आना होगा. उन्हें लाइसेंस फीस चुकानी होगी. यह संभव है कि इन कंपनियों पर जब लाइसेंस फीस प्रभावी होगा. उस समय वह उपभोक्ता से अपनी सेवा के बदले कुछ शुल्क ले या फिर किसी तरह की विशेष मेंबरशिप योजना लेकर सामने आए. हालांकि यह देखना रोचक होगा कि यह कंपनियां किस तरह का कदम उठाती है. इसकी वजह यह है कि इस समय भी जब हम व्हाट्सएप के सहारे कॉल करते हैं. उस समय डाटा शुल्क के रूप में पैसा चुकाते है. नए कानून में टेलीकॉम कंपनियों को एक बड़ी राहत दी जा रही है. अगर कोई कंपनी अपना स्पेक्ट्रम वापस करती है तो उसे लाइसेंस फीस वापस दिया जा सकता है. इसी तरह से सरकार अगर चाहेगी तो किसी कंपनी के लाइसेंस की फीस पूर्णता या आंशिक रूप से माफ कर सकती है. ऐसा होने पर टेलीकॉम कंपनियां अपने ग्राहकों को सस्ती टेलीकॉम सेवा भी दे सकती है. इसी तरह से सरकार ने नए टेलीकॉम कानून में कई तरह के जुर्माना और अन्य तरह के प्रावधानों को भी खत्म करने का निर्णय किया है. जिससे टेलीकॉम कंपनियों को काफी राहत हासिल होगी. दूरसंचार मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि सरकार अपनी ओर से इंडस्ट्री को हरसंभव राहत देने का प्रयास कर रही है. उन्हें भी ग्राहकों को बेहतर सेवा उपलब्ध करानी होगी. इसके लिए सेवा गुणवत्ता नियमों में भी परिवर्तन प्रस्तावित है. इसे मौजूदा मानक के मुकाबले 3 से 4 गुना तक अधिक किया जाना प्रस्तावित है. जिससे ग्राहकों को निर्बाध सेवा मिल सके.

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वैज्ञानिकों ने कोविड-19 से निपटने के लिए स्व-कीटाणुनाशक और जैविक रूप से नष्ट होने वाले फेस मास्क को विकसित किया https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a1-19-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a8/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a1-19-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a8/#respond Tue, 01 Nov 2022 19:57:29 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1130
संदीप जोशी , दिल्ली, 4 February 2022

एक उद्योग साझेदार की सहभागिता में भारतीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने कोविड-19 महामारी से लड़ाई के लिए एक स्व-कीटाणुनाशक ‘कॉपर-आधारित नैनोपार्टिकल-कोटेड एंटीवायरल फेस मास्क’ विकसित किया है. यह मास्क कोविड-19 विषाणु के साथ-साथ कई अन्य वायरल व बैक्टीरियल संक्रमणों के खिलाफ बेहतर काम करता है और यह जैवनिम्निकरण (बायोडिग्रेडेबल यानी जैविक रूप से नष्ट होने वाला), सांस लेने में सुविधाजनक और धोने योग्य है.

सार्स-सीओवी-2 के कारण होने वाले कोविड-19 विषाणु के प्रसार को कम करने में सार्वजनिक स्थलों पर मास्क का उपयोग सबसे प्रभावी है. सार्स-सीओवी-2 एक आवरणयुक्त पॉजिटिव सेंस सिंगल स्ट्रेन आरएनए वायरस है. जो हवा के माध्यम से श्वसन कणों के जरिए संचारित होता है.

वायरस के प्रसार को कम करने के लिए मास्क के उपयोग से संबंधित विज्ञान पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. वहीं, भारतीय बाजार में वैसे महंगे मास्कों की बिक्री हो रही है. जिनमें विषाणुरोधी और जीवाणुरोधी विशेषताएं नहीं होती हैं. इन बातों को देखते हुए पारंपरिक मास्क पहनकर, विशेष रूप से घनी आबादी वाले स्थानों जैसे अस्पतालों, हवाईअड्डों, स्टेशनों, शॉपिंग मॉल आदि में जहां विषाणु की संख्या बहुत अधिक होती है. संक्रमण को नियंत्रित करना बहुत मुश्किल काम है. मौजूदा परिस्थिति में जहां कोरोना वायरस में म्यूटेशन (उत्परिवर्तन) के कारण कोविड-19 महामारी तेजी से फैल रही है. ऐसी स्थिति में कम लागत वाला एक एंटीवायरल मास्क को विकसित करने की तत्काल जरूरत थी.

इस जरूरत को पूरा करने के लिए सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीएसआईआर-सीसीएमबी) और बेंगलुरू स्थित कंपनी रेसिल केमिकल्स की सहभागिता से भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्त अनुसंधान व विकास केंद्र- इंटरनेशनल एडवांस्ड रिसर्च सेंटर फोर पाउडर मेटलर्जी एंड न्यू मैटेरियल्स (एआरसीआई) के वैज्ञानिकों ने स्व-कीटाणुनाशक ‘कॉपर-आधारित नैनोपार्टिकल-कोटेड एंटीवायरल फेस मास्क’ विकसित किया है. यह कार्य कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए डीएसटी की प्रायोजित नैनो मिशन परियोजना के तहत किया गया है. 

एआरसीआई ने एक फ्लेम स्प्रे पायरोलिसिस (एफएसपी) यानी आग की लौ का छिड़काव कर पदार्थ को विघटित करने की प्रक्रिया के जरिए लगभग 20 नैनोमीटर के तांबा आधारित नैनो कण विकसित किए. सॉलिड लोडिंग और पीएच (पोटेंशियल ऑफ हाइड्रोजन) को अनुकूलित करके स्थिर नैनो पार्टिकल सस्पेंशन प्राप्त किया गया. एक उपयुक्त बाइंडर का उपयोग करके अच्छे आसंजन के साथ सूती कपड़े पर इस नैनो-कोटिंग की एक समान परत प्राप्त की गई थी. इस लेपित कपड़े ने जीवाणु के खिलाफ 99.9 फीसदी से अधिक की दक्षता का प्रदर्शन किया. सीएसआईआर-सीसीएमबी ने अपने रोगाणुशोधन गुणों के लिए सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ इस कपड़े की दक्षता का परीक्षण किया और जैसा कि मानक परिणामों से स्पष्ट है. इसके रोगाणुनाशक होने की क्षमता 99.9 फीसदी होने की जानकारी दी.

बाहरी परत के रूप में नैनो कण लेपित कपड़े के साथ एकल परत और तीन परतों जैसे विभिन्न डिजाइन वाले प्रोटोटाइप (प्रारंभिक नमूना) मास्क का प्रदर्शन किया गया. सिंगल लेयर मास्क, एक नियमित मास्क के ऊपर एक सुरक्षात्मक विषाणुरोधी बाहरी मास्क के रूप में विशेष रूप से उपयोगी होता है.

इस पहल में औद्योगिक साझेदार कंपनी बेंगलुरू स्थित रेसिल केमिकल्स अब बड़े पैमाने पर ऐसे दोहरी परत वाले मास्क का निर्माण कर रही है. मौजूदा समय में फेस मास्क विषाणु को मारते नहीं हैं. उनका केवल फिल्टर करते हैं. इसे देखते हुए मास्क को ठीक से नहीं पहनने या सही तरीके से निपटान नहीं करने पर संक्रमण का खतरा रहता है. समुदाय में सामान्य बहु-परत वाले कपड़े के मास्क का उपयोग कोविड-19 संक्रमण को कम करने में एक व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करते हैं और इन स्व-रोगाणुनाशक कपड़े के मास्क को पहनना निश्चित रूप से उनमें से एक है.

इसके अलावा पूरे विश्व में उपयोग किए जाने के बाद मास्क के निपटान को लेकर एक बड़ी चिंता व्यक्त की जाती है. कोविड-19 के खिलाफ प्रभावी अधिकांश पारंपरिक मास्क एक बार के उपयोग योग्य हैं और जैव-निम्निकरण (प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले) नहीं हैं. इसके चलते पर्यावरण से संबंधित गंभीर चिंताएं और अपशिष्ट-प्रबंधन के मुद्दे उत्पन्न होते हैं. मौजूदा विषाणुरोधी मास्क सूती कपड़े से निर्मित है और प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाला है. इसके चलते यह इन समस्याओं को समाप्त करने के साथ-साथ सांस लेने में सुविधाजनक है और इसे धोया भी जा सकता है.

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