Priyanka Gandhi – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com Delhi Ki Awaaz Thu, 07 Sep 2023 12:25:11 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.2 https://i0.wp.com/www.delhiaajkal.com/wp-content/uploads/2022/11/Black-minimalist-michael-vescera-logo.png?fit=32%2C32&ssl=1 Priyanka Gandhi – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com 32 32 212602069 Has Priyanka Gandhi become a victim of fake news on the price of apples in Himachal Pradesh? https://www.delhiaajkal.com/has-priyanka-gandhi-become-a-victim-of-fake-news-on-the-price-of-apples-in-himachal-pradesh/ https://www.delhiaajkal.com/has-priyanka-gandhi-become-a-victim-of-fake-news-on-the-price-of-apples-in-himachal-pradesh/#respond Thu, 07 Sep 2023 12:25:07 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=2416

क्या हिमाचल प्रदेश में सेब के दाम पर प्रियंका गांधी हो गईं फेक न्यूज का शिकार!

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
7 सितंबर 2023

क्या हिमाचल प्रदेश में सेब के दाम को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी फेक न्यूज या भ्रामक समाचारों का शिकार हो गई हैं. यह सवाल हिमाचल प्रदेश में तेजी से लोगों के बीच किया जा रहा है. इसकी वजह यह है कि प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए कहा था कि अडानी की ओर से सेब के दाम कम पर खोले जाने की वजह से किसानों को नुकसान हो रहा है. जबकि दूसरी ओर, विभिन्न सेब मंडी में दावा किया जा रहा है कि इस बार दाम में इजाफा हुआ है. रोचक यह है कि प्रियंका गांधी ने यह आरोप हिमाचल प्रदेश में सेबों की कीमत को लेकर लगाया है. जहां पर कांग्रेस की ही सरकार है. कृषि उत्पादों का मूल्य केंद्र और राज्य दोनो तय कर सकते हैं. लेकिन ये काफी हद तक राज्य सरकार के जिम्मे आता है. अगर प्रदेश की कांग्रेस सरकार को मंडियों में दी जा रही सेब की कीमतों काम लग रही है तो वह आसानी से इसका समाधान कर सकती हैं और उसका असर निजी कंपनियों द्वारा निर्धारित मूल्यों पर भी पड़ेगा.

हिमाचल प्रदेश में मौसम की मार के बीच आए प्रियंका गांधी के बयान के बाद राजनीति गर्मा गई है. यह दावा किया जा रहा है कि प्रियंका गांधी को शायद किसी ने फेक न्यूज दी है. जिसकी वजह से उन्होंने सेब के दाम को लेकर बयान दिया है. जबकि दूसरी ओर,स्थानीय मंडी से प्रतिस्पर्धी दामों के कारण बड़ी संख्या में सेब किसान अदाणी के सीए स्टोरेज सेंटर्स (कंट्रोल एटमॉस्फियर स्टोरेज) पहुंच रहे हैं. ठियोग के सैंज, रोहड़ू के मेंहदली और रामपुर के बिथल में बने स्टोर्स में लगभग 10 दिन के भीतर कुल 5000 मीट्रिक टन से अधिक सेब खरीदी हो चुकी है.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बुधवार को ट्वीट करते कहा कि अदाणी के दाम जारी करने के बाद सेब की पेटियां स्थानीय मंडी में पहले से एक तिहाई दाम पर बिक रही हैं. इससे सेब किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सेब के दाम पर उनको घेरने का प्रयास किया था. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गर्मा गई है. सेब कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कृषि उत्पादों का मूल्य केंद्र और राज्य दोनो तय कर सकते हैं. लेकिन यह काफी हद तक राज्य सरकार के जिम्मे आता है. अगर प्रदेश की कांग्रेस सरकार को मंडियों में दी जा रही सेब की कीमत कम लग रही है तो वो आसानी से इसका समाधान कर सकती है. इसके दाम को बढ़ा सकती है. जिसका असर निजी कंपनियों द्वारा निर्धारित मूल्यों पर भी पड़ेगा.

यह कहा जा रहा है कि अडानी ने पिछले सीजन की तुलना में इस बार 19 रुपये बढ़ाकर दाम खोले थे. जिसके परिणामस्वरूप किसान प्रति किलो 25 से 30 रुपये बचाने में सक्षम हो गए. इसी कारण प्रदेश के अधिकतर सेब उत्पादकों ने अडानी को अपनी पहली पसंद बनाया है.

हिमाचल के किसानों को इस सीजन भूस्खलन और भारी तबाही का सामना करना पड़ा है. जिसके कारण पैदावार भी कम हुई है और सेब की क्वालिटी भी बेहतर नहीं आ रही है. ऐसे में अदाणी एग्री फ्रेश लोकल मंडी के 75 से 85 रुपये प्रति पेटी सेब खरीदी के ऐवज में 110 रुपये तक सेब खरीद रही है. सेब के दाम अच्छे मिलने के साथ साथ किसानों को कम गुणवत्ता वाले सेबों को बेंचने का भी मौका मिल रहा है. सूत्रों की मानें तो लोकल मंडी के कुछ अराजक तत्वों द्वारा अडानी को लेकर कई तरह की भ्रामक अफवाहें फैलाई जा रही हैं. जबकि किसानों का कहना है कि अदाणी एग्री फ्रेश में पैसे भी तत्काल मिल जाते हैं और एक भी सेब रिजेक्ट नहीं होता है. दरअसल इस साल सेब किसानों को राहत देने के उद्देश्य से अडानी ने दो बार सेब के दाम बढ़ाएं हैं. साथ ही स्टोरेज सेंटर्स को सर्वसुविधा युक्त किया गया है. जिससे  दूर दराज से आने वाले किसान ठहरने रुकने में कोई असुविधा महसूस न करें.

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Jaiprakash Agarwal can become the next president of Delhi Pradesh Congress, Priyanka Gandhi reached home to persuade him https://www.delhiaajkal.com/jaiprakash-agarwal-can-become-the-next-president-of-delhi-pradesh-congress-priyanka-gandhi-reached-home-to-persuade-him/ https://www.delhiaajkal.com/jaiprakash-agarwal-can-become-the-next-president-of-delhi-pradesh-congress-priyanka-gandhi-reached-home-to-persuade-him/#respond Tue, 29 Aug 2023 07:09:09 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=2282

जयप्रकाश अग्रवाल बन सकते हैं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अगले अध्यक्ष, उनको मनाने घर पहुंची प्रियंका गांधी

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
29 अगस्त 2023

मध्यप्रदेश के प्रभारी पद से हटाए गए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश अग्रवाल के घर अचानक से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पहुंचने से दिल्ली की कांग्रेस राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है. यह माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी का जयप्रकाश अग्रवाल के घर जाना औचक निर्णय नहीं था. कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि अग्रवाल दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की भूमिका स्वीकार करें. वह इस जिम्मेदारी को लेने से इनकार कर चुके हैं. जयप्रकाश अग्रवाल को गांधी  परिवार का करीबी और विश्वस्त माना जाता है. यही वजह है कि यह माना जा रहा है कि गांधी परिवार उनको एक बार फिर से दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाना चाहता है. वह पहले भी यह पद संभाल चुके हैं.

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी का कार्यकाल खत्म होने वाला है. उनको विस्तार देने को लेकर कांग्रेस नेतृत्व अनिच्छुक है. यही वजह है कि नए अध्यक्ष की तलाश काफी दिनों से की जा रही है. पहले यह प्रयास किया गया था कि किसी युवा को इस पद पर आसीन किया जाए. लेकिन जब यह देखा गया कि अधिकतर युवाओं की रिपोर्ट कार्ड खराब है तो एक बार फिर से किसी अनुभवी को ही इस पद पर लाने को लेकर भी मंथन शुरू किया गया. इस कड़ी में अजय माकन से लेकर जयप्रकाश अग्रवाल तक के नाम सामने आए. कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि अजय माकन राष्ट्रीय भूमिका में रहे. यही वजह है कि कांग्रेस नेतृत्व ने अपने विश्वस्त जयप्रकाश अग्रवाल को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बनाने का मन बनाया है. सभी के साथ बेहतर संबंध, मृदभाषी, दिल्ली की संपूर्ण जानकारी, दिल्ली के हर इलाके में कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद आदि वह गुण हैं. जो प्रदेश अध्यक्ष के लिए जयप्रकाश अग्रवाल को कांग्रेस नेतृत्व की पसंद बना रहा है. यह कहा जा रहा है कि उनके अध्यक्ष काल में दिल्ली में कांग्रेस का विस्तार भी हुआ था. इसके साथ ही जयप्रकाश अग्रवाल कभी किसी विवाद का हिस्सा नहीं रहे हैं. वह संतलित और मर्यादित विचार—व्यवहार के लिए भी कार्यकर्ताओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं. यह कहा जा रहा है  कि अगर जयप्रकाश अग्रवाल अध्यक्ष नहीं बनते हैं तो फिर देवेंद्र यादव को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है.

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Congress announced its New Working Committee, Gandhi Family loyalist included  https://www.delhiaajkal.com/congress-announced-its-new-working-committee-gandhi-family-loyalist-included/ https://www.delhiaajkal.com/congress-announced-its-new-working-committee-gandhi-family-loyalist-included/#respond Thu, 24 Aug 2023 05:41:47 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=2164

कांग्रेस कार्य समिति का ऐलान, सचिन पायलट और शशि थरूर नए सदस्य के रूप में शामिल हुए

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
 20 अगस्त 2023

लोकसभा सदस्य शशि थरूर और राजस्थान कांग्रेस के नेता तथा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट को कांग्रेस की पुनर्गठित कांग्रेस कार्य समिति का सदस्य बनाया गया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 79 वें जन्मदिन पर रविवार 20 अगस्त को कांग्रेस की नई कार्य समिति का ऐलान किया गया है. पहले कार्य समिति के सदस्यों का चयन चुनाव के माध्यम से करने का निर्णय किया गया था. लेकिन पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए अंत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को ही सदस्यों की नियुक्ति का अधिकार सर्व समिति से दिया गया था. यह कांग्रेस की सबसे बड़ी निर्णय करने वाली संस्था है. इसके गठन को लेकर पिछले काफी लंबे समय से प्रतीक्षा की जा रही थी.

 कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से पुनर्गठित कांग्रेस कार्य समिति में कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी के साथ ही पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को भी  शामिल किया गया है. इन दोनों को ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष होने के नाते कार्य समिति का सदस्य घोषित किया गया है. पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में डॉक्टर मनमोहन सिंह को भी कार्य समिति में जगह दी गई है. इसके साथ ही प्रियंका गांधी भी कांग्रेस कार्य समिति की सदस्य घोषित की गई हैं. कांग्रेस कार्य समिति का ऐलान मल्लिकार्जुन खड़गे के अध्यक्ष बनने के लगभग 6 महीने बाद किया गया है. उन्हें रायपुर प्लेनेरी सेशन के दौरान फरवरी महीने में कांग्रेस कार्य समिति के पुनर्गठन का अधिकार  दिया गया था. कांग्रेस कार्य समिति में पहले के 24 की तुलना में इस बार 39 सदस्यों को शामिल किया गया है. इनमें से 18 स्थाई सदस्य हैं. जबकि 14 प्रभारी और  विशेष आमंत्रित सदस्य भी  शामिल किए गए हैं. इसके अलावा कांग्रेस के विभिन्न संगठनों के अध्यक्षों को भी संबंधित इकाई के अध्यक्ष के रूप में कार्य समिति में शामिल किया गया है. 

कार्य समिति में जिन अन्य प्रमुख लोगों को शामिल किया गया है. उसमें पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चौहान, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व सांसद दीपा दासमुंशी,  लोकसभा सदस्य गौरव गोगोई और राज्यसभा सदस्य सैयद नासिर हुसैन शामिल है.  इसके अलावा लोकसभा सदस्य मनीष तिवारी और केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, नौकरशाह से राजनेता बने के राजू को भी स्थाई सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. इसके साथ ही कोडीकुन्नील सुरेश और प्रीनीति शिंदे को भी कार्य समिति में शामिल किया गया है. कार्य समिति के गठन के दौरान युवा नेताओं को भी शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया गया है. कांग्रेस की तेजतर्रार प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत  के साथ ही अलका लांबा और पवन खेड़ा को भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. वहीं,  कन्हैया कुमार को कांग्रेस कार्यसमिति में छात्र इकाई एनएसयूआई के प्रभारी के रूप में जगह दी गई है. दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर विरोध का स्वर मुखर करने वाले अजय माकन को भी कार्य समिति में जगह दी गई है. इसके अलावा मुकुल वासनिक, रणदीप सुरजेवाला, दीपेंद्र हुड्डा और अभिषेक मनु सिंघवी को भी कार्य समिति में शामिल किया गया है. 

कांग्रेस कार्यसमिति में सभी वर्ग को शामिल करने का प्रयास किया गया है. लेकिन इसके साथ ही सबसे खास बात यह है कि मुख्यमंत्रियों को उनके दायरे में रखने को लेकर भी कार्यसमिति गठन के दौरान ध्यान रखा गया है. उन लोगों को कार्यसमिति में जगह दी गई है.  जो अपने राज्य में कांग्रेस मुख्यमंत्री के सामने आने वाले समय में मजबूत उम्मीदवार हो सकते हैं. यह कदम उठाकर कांग्रेस ने यह सुनिश्चित किया है कि आने वाले समय में कोई भी मुख्यमंत्री सर्व शक्तिशाली होने के भ्रम में न रहे और पार्टी के खिलाफ बगावत न कर पाए.

कार्यसमिति में एके एंटोनी और अंबिका सोनी को शामिल किए जाने को आश्चर्यजनक माना जा रहा है. इसकी वजह यह है कि इन दोनों ही नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व को कहा था कि वह अपने स्वास्थ्य कारणों और बढ़ती उम्र की वजह से नियमित राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहना चाहते हैं. यह माना जा रहा है कि इन दोनों ही नेताओं की सोनिया गांधी के साथ निकटता की वजह से उनको शामिल किया गया है. कांग्रेस यह चाहती है कि आने वाले समय में इन दोनों नेताओं के अनुभव का लाभ चुनाव में लिया जाए. यह भी माना जा रहा है कि एके एंटनी को शामिल करने की एक अन्य वजह यह है कि कांग्रेस के पास कोई क्रिश्चियन चेहरा नहीं था. इसके अलावा केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता ओमन चांडी के निधन की वजह से भी कांग्रेस के ऊपर केरल से किसी वरिष्ठ नेता को चुनने का दबाव था. इसके अलावा केरल से ही शशि थरूर को भी कांग्रेस कार्य समिति में जगह दी गई है. यह माना जा रहा था कि मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले शशि थरूर को शायद कार्यसमिति में जगह न मिले. लेकिन कांग्रेस ने  थरूर को कार्यसमिति में शामिल कर यह संदेश दिया है कि वह अगले आम चुनाव में केरल में पूरी ताकत से चुनाव लड़ना चाहती है. यही वजह है कि वह राज्य में किसी नेता को नाराज नहीं करना चाहती है. मल्लिकार्जुन के खिलाफ अध्यक्ष का चुनाव लड़ने वाले शशि थरूर ने तमाम कांग्रेस की ओर से खड़गे को समर्थन दिए जाने के बावजूद भी चुनाव में 1000 वोट हासिल किए थे. 

सचिन पायलट को भी कांग्रेस कार्य समिति में जगह दी गई है. जिससे यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में अशोक गहलोत के विकल्प में सचिन पायलट को कांग्रेस आगे करना चाहती है.   कांग्रेस ने सचिन पायलट को राजस्थान से शामिल करने के साथ ही संतुलन बनाने के लिए महेंद्रजीत सिंह को भी कार्य समिति में जगह दी है. उनको अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है.   इसी तरह से छत्तीसगढ़ के प्रभावी नेताओं में शामिल तामध्वज साहू को भी कांग्रेस कार्यसमिति में जगह दी गई है. एक समय साहू का नाम भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  के संभावित नाम के रूप में काफी चर्चा में रहा था.

हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस ने प्रतिभा सिंह को कार्य समिति में शामिल किया है. राज्य में कांग्रेस की जीत के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था. लेकिन कांग्रेस ने वहां सुखविंदर सिंह सुक्कू को मुख्यमंत्री बनाया था. कर्नाटक से कांग्रेस ने सैयद नासिर हुसैन के साथ ही एम वीरप्पा मोहिनी और बीके हरिप्रसाद को भी स्थाई सदस्य के रूप में कांग्रेस कार्य समिति का सदस्य बनाया है. यह माना जा रहा है इसके सहारे मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को भी संदेश देने का प्रयास किया गया है. महाराष्ट्र के नेताओं को प्रमुखता से कार्यसमिति में शामिल करने को लेकर कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि आगामी आम चुनाव में महाराष्ट्र सबसे महत्वपूर्ण राज्य रहने वाला है. यही वजह है कि महाराष्ट्र को लेकर विशेष कदम उठाए गए हैं.

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