organized – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com Delhi Ki Awaaz Thu, 12 Dec 2024 11:07:14 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 https://i0.wp.com/www.delhiaajkal.com/wp-content/uploads/2022/11/Black-minimalist-michael-vescera-logo.png?fit=32%2C32&ssl=1 organized – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com 32 32 212602069 Kalyan Barua Journalism Awards Organized In Delhi https://www.delhiaajkal.com/kalyan-barua-journalism-awards-organized-in-delhi/ https://www.delhiaajkal.com/kalyan-barua-journalism-awards-organized-in-delhi/#respond Thu, 12 Dec 2024 06:27:04 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=4334 दिल्ली में आयोजित हुआ “कल्याण बरूआ पुरस्कार 2024”

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
11 दिसंबर 2024

दूसरे कल्याण बरूआ पुरस्कारों से पूर्वोत्तर राज्यों के छह पत्रकारों को बुधवार को एक रंगारंग कार्यक्रम में सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम में उपस्थिति केंद्रीय विदेश मंत्रालय और वस्त्र मंत्रालय के राज्य मंत्री पबित्रा मार्गरेटा ने कहा, “स्व. कल्याण बरूआ ने असम और पूर्वोत्तर की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर ईमानदारी, समर्पण और अडिग प्रतिबद्धता के साथ प्रस्तुत किया. मैं सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को विभिन्न श्रेणियों में शुभकामनाएं देता हूं. ”

कुल छह पत्रकारों को दूसरे कल्याण बरूआ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. मुदीना अख्तर (फ्रीलांस पत्रकार) को प्रिंट मीडिया श्रेणी में पुरस्कार मिला. वहीं , मृदुस्मंता बोरूआ (प्रतिदिन टाइम्स) को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया श्रेणी में पुरस्कार प्राप्त हुआ. डॉ. क्षेत्रिमायुम चित्रभानु देवी (इंफाल रिव्यू ऑफ आर्ट्स एंड पॉलिटिक्स) को डिजिटल मीडिया श्रेणी में पुरस्कार मिला. वरिष्ठ पत्रकार किशोर सेराम को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया. फरहाना अहमद (द असम ट्रिब्यून) को मानव तस्करी और मजबूरी में पलायन पर उनके लेखों के लिए प्रिंट मीडिया श्रेणी में विशेष उल्लेख प्राप्त हुआ. जबकि अपारमिता दास को स्टिल फोटोग्राफी श्रेणी में उनके फोटो निबंध के लिए विशेष उल्लेख प्राप्त हुआ.

पूर्व राष्ट्रीय सचिव भाजपा और ‘माई होम इंडिया’ के संस्थापक सुनील देवधर ने कहा, “ऐसे पुरस्कार, जैसे कि कल्याण बरूआ पुरस्कार, निश्चित रूप से नवोदित पत्रकारों को समर्पण के साथ काम करने और पूर्वोत्तर के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे.”

यह पुरस्कार समारोह उत्तर-पूर्व मीडिया फोरम (NEMF) और माई होम इंडिया द्वारा सह-आयोजित किया गया था.

सुनील देवधर ने कहा, “कल्याण बरूआ एक सच्चे पत्रकार थे. जिन्होंने हमेशा पूर्वोत्तर के बारे में सोचा और अपनी लेखनी के माध्यम से क्षेत्र को उजागर करने का काम किया. ”

कल्याण बरूआ पुरस्कार उन पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को दिए जाते हैं. जो पूर्वोत्तर क्षेत्र को रिपोर्टिंग और कहानी सुनाने के जरिए प्रमोट करने के लिए भारत के विभिन्न हिस्सों में या पूर्वोत्तर में कार्यरत हैं.
यह पुरस्कार समारोह स्व. कल्याण बरूआ की जयंती पर आयोजित किया गया था. जो ‘द असम ट्रिब्यून’ से 27 वर्षों से अधिक समय तक जुड़े रहे थे. 2021 में कोविड-19 के कारण वे और उनकी पत्नी निलाक्षी भट्टाचार्य का निधन हो गया था. कल्याण बरूआ पुरस्कार की घोषणा 2022 में की गई थी.

दूसरे कल्याण बरूआ पुरस्कारों के लिए पूरे देश से कई नामांकनों की प्राप्ति हुई. जिसके बाद पुरस्कारों के निर्णायक मंडल ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया सहित तीन श्रेणियों में पुरस्कार तय किए.
निर्णायक मंडल में वरिष्ठ पत्रकार और प्रमुख व्यक्तित्व शामिल थे: उत्तपाल बोरपुजारी, मौशुमी चक्रवर्ती, संदीप फुकन, प्रो. शश्वती गोस्वामी और संगीता बरूआ पीशारोती. इन सभी ने मार्किंग प्रणाली का पालन करते हुए नामांकनों का मूल्यांकन किया. प्रत्येक निर्णायक को हर प्रविष्टि को 20 अंक देने का अवसर था और प्रत्येक प्रविष्टि को कुल 120 अंकों के आधार पर आंका गया.

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Uttrakhand’s Lok-parv ‘ Igaas ‘ organized , PM performed puja of Agni-Devta https://www.delhiaajkal.com/uttrakhandd-lok-parv-lgaas-organized-pm-performed-puja-of-agni-devta/ https://www.delhiaajkal.com/uttrakhandd-lok-parv-lgaas-organized-pm-performed-puja-of-agni-devta/#respond Fri, 15 Nov 2024 10:07:44 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=4155 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से फिर से उत्तराखंड से लेकर दुनिया में शुरू हुआ लोक पर्व ‘ इगास ‘ का आयोजन – अनिल बलूनी

दिल्ली आजकल ब्यूरो , दिल्ली
11 नवंबर 2024

उत्तराखंड से सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सेल के प्रमुख अनिल बलूनी के दिल्ली स्थित सरकारी निवास पर उत्तराखंड के लोक लोक पर्व ‘ इगास ‘ का आयोजन किया गया. इसे बूढ़ी दिवाली भी कहा जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां पहुंचकर गाय माता की पूजा करने के साथ ही ‘ इगास ‘ पर्व की अग्नि को भी प्रज्वलित किया. वह करीब आधे घंटे से अधिक समय तक इस लोक पर्व के आयोजन में उपस्थित रहे. प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर वहां उपस्थित लोगों से मुलाकात भी की.

प्रधानमंत्री के अलावा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल , भाजपा संगठन महासचिव बीएल संतोष सहित उत्तराखंड मूल के कई वरिष्ठ नौकरशाह व सैन्य अधिकारी और अन्य लोगों ने इसमें शिरकत की.

इस लोक पर्व के आयोजन से पहले अनिल बलूनी ने इसके महत्व और इससे जुड़ी किवदंती भी साझा की. उन्होंने कहा कि पहाड़ों पर भगवान राम के अयोध्या लौटने की सूचना कुछ देर से पहुंची थी. यही वजह है कि वहां पर दिवाली देश के अन्य हिस्सों की तुलना में कुछ समय बाद मनाई जाती है. इसके साथ ही उन्होंने इससे जुड़ी एक अन्य किवदमती भी साझा की. अनिल बलूनी ने कहा कि इस लोक पर्व का आयोजन फिर से शुरू होने के पीछे भी एक रोचक कहानी है. बलूनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने सभी सांसदों और नेताओं को कहा कि वह अपने राज्य के लोक पर्व और त्योहारों को मनाना शुरू करें. यह हमारी संस्कृति के परिचायक और हमारी सभ्यता के सूचक हैं. अगर हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर और त्योहारों को नहीं बचाएंगे तो आने वाले समय में धर्म को नहीं बचाया जा सकेगा.

बलूनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस प्रेरक उद्बोधन के बाद उन्होंने दिल्ली स्थित अपने सरकारी निवास के अलावा अपने गांव में भी इस लोक पर्व को मनाना शुरू किया. इसके उपरांत प्रधानमंत्री के संदेश की वजह से समस्त देश और दुनिया के कई मुल्कों में उत्तराखंड के निवासियों ने इस लोक पर्व का आयोजन शुरू कर दिया. उत्तराखंड सरकार ने इस लोक पर पर छुट्टी का भी ऐलान किया है. बलूनी ने कहा कि यह लोक पर्व खत्म हो चुका था. लोग इसकी चर्चा भी यदा- कदा ही करते थे. इसे मानने की परंपरा तो लगभग खत्म हो गई थी. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा के बाद समस्त दुनिया में इसका आयोजन शुरू हो गया है. उत्तराखंड के इस लोक पर्व के संरक्षण और फिर से इसका आयोजन शुरू होने में प्रधानमंत्री की भूमिका युग-युगों तक याद की जाएगी.

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Sulabh International Organized Medical Camp In Najafgarh https://www.delhiaajkal.com/sulabh-international-organized-medical-camp-in-najafgarh/ https://www.delhiaajkal.com/sulabh-international-organized-medical-camp-in-najafgarh/#respond Tue, 24 Sep 2024 17:07:48 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3833 सुलभ इंटरनेशनल ने नजफगढ़ में चिकित्सा शिविर का आयोजन किया

दिल्ली आजकल ब्यूरो , दिल्ली

“इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड हाइजीन”, “सुलभ इंटरनेशनल “और “आश एक किरण “फाउंडेशन ने केंद्रीय वन एवम् पर्यावरण मंत्रालय के सहयोग से मंगलवार को नई दिल्ली के नजफगढ़ में तमन्ना (सिस्टर्स ऑफ चैरिटी) रेजिडेंट्स कैंपस में स्वच्छता ही सेवा, मिशन लाइफ, मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन और परित्यक्त महिलाओं के लिए चिकित्सा शिविर पर केंद्रित एक कार्यक्रम आयोजित किया.

इस अवसर पर कार्यक्रम की रूप रेखा प्रस्तुत करते हुए डॉ. नमिता माथुर ने कहा, “इस पहल का उद्देश्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना और समुदाय में महिलाओं और लड़कियों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना है”.

आश -एक किरण फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने कहा कि शिविर में सामान्य चिकित्सा, हड्डी रोग, ईएनटी, दंत चिकित्सा और स्त्री रोग के विशेषज्ञों के परामर्श सहित कई तरह की चिकित्सा सेवाएं शामिल थीं. प्रतिष्ठित डॉक्टरों की एक टीम द्वारा हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा और रक्तचाप की जांच भी की गई. ये महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मिशन लाइफ़ थीम “स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ” के अंतर्गत वंचित समुदायों में महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयासों का हिस्सा हैं.

इस अवसर पर आर.सी. झा, आनंद चौहान सहित सुलभ इंटरनेशनल के वरिष्ठ अधिकारियों और डॉक्टर्स ने अपने विचार व्यक्त किए. चिकित्सा जाँच के अलावा, कार्यक्रम में मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रथाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शैक्षिक सत्र शामिल थे.

प्रतिभागियों को सैनिटरी उत्पादों के उचित उपयोग पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ. जिसमें मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन के महत्व को रेखांकित किया गया. इस उद्देश्य को और अधिक समर्थन देने के लिए, सुलभ IIHH ने महिलाओं को आवश्यक स्वच्छता आपूर्ति तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए सैनिटरी पैड वितरित किए.

“स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता” थीम के तहत स्वच्छता की शपथ भी सभी प्रतिभागियों द्वारा ली गई,l. जिसमें आदतों और परिवेश दोनों में स्वच्छता को प्रोत्साहित किया गया. स्वच्छता पर ज्ञानवर्धक उत्पाद वितरित किए गए और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई पर जोर दिया गया. वृक्षारोपण अभियान भी शुरू किया गया. जो समुदाय के भीतर स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के कार्यक्रम के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप था. लगभग 150 प्रतिभागियों के साथ, इस कार्यक्रम ने समुदाय की मजबूत भागीदारी और रुचि को आकर्षित किया. निःशुल्क चिकित्सा शिविर स्पष्ट रूप से सफल रहा. जिसमें न केवल महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं, बल्कि स्वास्थ्य शिक्षा और बुनियादी स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच के महत्व पर भी जोर दिया गया.

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Sabke Siyaram seminar organized in Delhi https://www.delhiaajkal.com/sabke-siyaram-seminar-organized-in-delhi/ https://www.delhiaajkal.com/sabke-siyaram-seminar-organized-in-delhi/#respond Wed, 20 Dec 2023 05:34:17 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3256 सबके सियाराम ‘ संगोष्ठी का दिल्ली में आयोजन

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
19 दिसंबर 2023

भारत नेपाल सांस्कृतिक संबंधों के पहले संस्करण के रूप में मंगलवार, 19 दिसंबर को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब नई दिल्ली में एक संगोष्ठी ‘सबके सियाराम’ का आयोजन किया गया. दोनों देशों के राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ.

इनक्रेडिबल चैंबर्स ऑफ इंडिया द्वारा नेपाल दूतावास के साथ आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों के बीच पौराणिक रामायणकालीन सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है.

इस अवसर पर नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर, काशी पीठाधीश्वर दंडी स्वामी अनंतानंद सरस्वती, विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल और आईसीसीआर के प्रोडक्शन डायरेक्टर ब्रिज कुमार गुहारे मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे.

काठमांडू विश्वविद्यालय, नेपाल के रजिस्ट्रार डॉ. अच्युत वागले, त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल की व्याख्याता मंचला झा, स्वदेश अखबार के समूह संपादक अतुल तारे, नेपाल के वरिष्ठ पत्रकार गोपाल झा और वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सरदाना संगोष्ठी में प्रमुख वक्ता रहे.

इनक्रेडिबल चैंबर ऑफ इंडिया की पदाधिकारी और आयोजक वरिष्ठ पत्रकार अनीता चौधरी ने इस कार्यक्रम के दौरान माँ सीता से जुड़े विश्व भर के सभी रामायण और साक्ष्यों पर शोध के लिए जानकी रिसर्च काउंसिल की घोषणा की. इस काउंसिल का उद्देश्य माता सीता से जुड़े साक्ष्यों और व्यक्तित्व पर शोध कर उन्हें एक जगह संग्रहित कर उनके अद्वितीय ,पूजनीय व्यक्तित्व को संग्रहित करना है. प्रसिद्ध भरतनाट्यम कलाकार वाणी राजमोहन और गायिका अमिता कमल ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई

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‘Nari Shakti Sangam: Women – Yesterday, Today and Tomorrow’ organized in East Delhi https://www.delhiaajkal.com/nari-shakti-sangam-women-yesterday-today-and-tomorrow-organized-in-east-delhi/ https://www.delhiaajkal.com/nari-shakti-sangam-women-yesterday-today-and-tomorrow-organized-in-east-delhi/#respond Mon, 04 Dec 2023 07:40:47 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3161 ‘नारी शक्ति संगम: महिला – कल, आज और कल’ का पूर्वी दिल्ली में आयोजन

अर्चना चौधरी
दिल्ली आजकल ब्यूरो , दिल्ली
26 नवंबर, 2023

महाराजा अग्रसेन कॉलेज, वसुंधरा एन्क्लेव, दिल्ली में “नारी शक्ति संगम : महिला – कल, आज और कल” का आयोजन किया गया. पूर्वी विभाग के एक दिवसीय ‘महिला – कल आज और कल’ का यह विमर्श कार्यक्रम तीन सत्रों में था. उद्घाटन सत्र का विषय “भारतीय चिंतन में महिला” था. जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में प्रो सुष्मिता पांडे (राष्ट्रीय महिला प्रमुख, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना समिति) ने बताया कि वैदिक काल से ही भारतीय महिलाओं को आध्यात्मिक अधिकार एवं शैक्षणिक अधिकार प्राप्त थे. कई महिलाएं विदुषी हुई है तथा वेदों में भी उनकी ऋचाएं है. प्रत्येक संस्कृति में कुछ सनातन प्रतिमान होते हैं. जिसको प्रथम धर्माणी भी कहा गया है. वैदिक युग में अनंत की खोज में सभी लोग लगे हुए थे. महिलाएं भी उसमें सहभागी थी. विश्वबारा, मैत्रेयी, गार्गी, अपाला, घोषा इन सब उस युग की विदूषी महिलाओं के नाम हमने सुने हुए हैं. ये सब वैदिक ज्ञान विज्ञान में पारंगत थीं. यही नहीं वैदिक काल की सामान्य स्त्रियाँ भी वैदिक ज्ञान से परिचित थीं. इसलिए वैदिक युग को गरिमामयी काल कहा गया है. इसी तरह उस काल में स्त्रियाँ शास्त्र विद्या के साथ शस्त्र विद्या में भी निपुण होतीं थीं. आज जब हम किसी सभ्यता या संस्कृति का आकलन करते हैं तो उसके मूल्य क्या हैं और वो किस प्रकार से क़ानून में अभिव्यक्त हो रहे हैं.उसको देखना चाहिए. इसलिए सामाजिक मूल्यों और सामाजिक प्रतिमानों से सभ्यता का आकलन करना होता है. सामाजिक तथ्यों से नहीं. क्योंकि प्राचीनतम काल से मानव तो मानव ही है.सभी प्रकार के दोष उसमें भी हैं. वो तथ्य तो रहेंगे ही. लेकिन संविधान क्या है. मूल्य क्या हैं. उसको देखना चाहिए. उससे ही हमको किसी सभ्यता का आकलन करना चाहिए. इसमें भारतीय सभ्यता और संस्कृति सर्वश्रेष्ठ है.

प्रथम सत्र की मुख्य अतिथि कारगिल युद्ध में शहीद महावीर चक्र से सम्मानित योद्धा कैप्टन अनुज नय्यर की माता मीना नय्यर ने बाताया कि नारी खुद में ही बहुत शक्तिशाली है. अपने जीवन से जुड़े आघातों से आगे निकलकर हर परिस्थिति से जूझने के बारे में उन्होंने महिलाओं को बताया.
प्रथम सत्र के पश्चात चर्चा सत्र का आयोजन किया गया. जिसका विषय “वर्तमान में महिलाओं की स्थिति, प्रश्न एवम् करणीय कार्य” थे.

समापन सत्र का विषय “भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका” रही. जिसमें मुख्य वक्ता पद्मश्री निवेदिता रघुनाथ भिड़े (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी) ने कहा कि हमें स्वयं को काबिल व सक्षम बनाकर हर परिस्थिति का सामना करने वाली महिला हमें बनना है. हमारे देश में अनेकों महिलाओं के ऐसे जीवन चरित्रों को बनाने का काम राष्ट्र सेविका समिति कर रही है. जब हम कोई अच्छा कार्य हाथ में लेते हैं तो अपने आप आत्मशक्ति प्रकट होती है. उस आत्मशक्ति के बल पर हमें अपनी तथा समाज की सुरक्षा करनी है. भारत का हर व्यक्ति दार्शनिक है. लेकिन उससे समाज में तभी प्रभाव पड़ेगा. जब हमारे कृतित्व में वह दर्शन प्रकट है. नारी शक्ति संगम में आई महिलाओं का आहवान करते हुए उन्होंने कहा कि संकल्प लें कि अपनी आत्मशक्ति की अनुभूति करके परिवार समाज राष्ट्र के हित में उसका प्रकटीकरण करेंगी.

पूर्वी दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आईपीएस अधिकारी अमृता गुगुलोथ समापन सत्र में मुख्य अतिथि रहीं.अपने ओजपूर्ण संबोधन में उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए. क़ानून आपको क्या दे रहा है. आपके लिए क्या कर सकता है. इन सारी बातों को महिलाओं को ज्ञान होना चाहिए. अगर किसी महिला या बालिका के ऊपर कोई मुसीबत आ गयी तो उनको एरिया के पुलिस थाने का पता होना चाहिए. उन्होंने पुलिस सेवा के अनुभव साझा करते हुए बताया कि आए दिन 13 से 17 वर्ष की बालिकों के घर से भागने के केस समाज के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है. चोकलेट, रोज, टेडी बेयर, बाइक की सवारी के आकर्षण में अबोध बालिकाएं परिणाम के खतरे से अनभिज्ञ अनजान युवको के हाथों अपना भविष्य समाप्त कर देती हैं. ज्यादातर यह निम्न आय वर्ग के घर जहाँ माता पिता दोनों आजीविका के लिए जाते हैं. वहां देखा गया है. इस आयु में बालिकाओं को उनके भविष्य के बारे में नहीं पता होता कि इस कदम से वह आगे कितनी बड़ी मुसीबत में पड़ जाएंगी. इसलिए माताओं तथा महिला संगठनों को इस आयु वर्ग की बालिकाओं की जागरूकता के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए.

कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रांत संयोजिका प्रतिमा लाकड़ा , विभाग संयोजिका इन्दु नायर के साथ महिला समन्वय के सभी विभागों की स्त्री शक्ति की भागीदारी रही.

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Cultural program will welcome foreign guests at the airport https://www.delhiaajkal.com/cultural-program-will-welcome-foreign-guests-at-the-airport/ https://www.delhiaajkal.com/cultural-program-will-welcome-foreign-guests-at-the-airport/#respond Mon, 28 Aug 2023 05:07:56 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=2236 सांस्कृतिक कार्यक्रम से होगा एयरपोर्ट पर विदेशी मेहमानों का स्वागत 

दिल्ली आजकल ब्यूरो , दिल्ली 

27 अगस्त 2023

राजधानी में होने वाले जी20 सम्मेलन के लिए अगले सप्ताह से विदेशी मेहमानों का आना शुरु हो जाएगा. आगामी 7 और 8 सितंबर को इसमें भाग लेने वाले अधिकांश विदेशी मेहमान दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेंगे. ऐसे में एयरपोर्ट पर उनके भव्य स्वागत की तैयारी की जा रही है. वहां भारतीय परंपरा से उनका स्वागत करने के लिए तैयारी की जा रही है. इसके साथ ही एयरपोर्ट पर उनके मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे. 

G20 को लेकर जहां एक तरफ जहां आईजीआई एयरपोर्ट पर सुरक्षा को लेकर विभिन्न एजेंसियां तैयारी कर रही हैं. वहीं दूसरी तरफ, विदेशी मेहमानों के स्वागत को लेकर विदेश मंत्रालय की देखरेख में तैयारियां जोरों पर हैं.  विभिन्न राष्ट्र अध्यक्ष जहां एयरफोर्स पालम स्टेशन पर आएंगे तो वहीं अन्य विदेशी मेहमान एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर पहुंचेंगे. उनके विमान T- 3 पर सेरिमोनियल लाउंज के पास आएंगे. यहां पर उनके स्वागत के लिए सेरिमोनियल लाउंज को सजाया जा रहा है. इसके अलावा एक अतिरिक्त सेरिमोनियल लाउंज भी बनाया जा रहा है. 

विदेशी मेहमानों के लिए विशेष इमिग्रेशन काउंटर बनाए गए हैं ताकि जल्दी से वह कागजी कार्रवाई पूरी कर बाहर निकल सकें. एयरपोर्ट पर इन विदेशी मेहमानों का स्वागत करने के लिए विदेश मंत्रालय के अधिकारी खुद मौजूद रहेंगे. वहीं, अंदर की सुरक्षा में सीआईएसएफ के साथ दिल्ली पुलिस भी तैनात रहेगी. इसके साथ ही डायल के अधिकारी भी वहां तैनात रहेंगे. 

एयरपोर्ट के बाहर निकलते ही उनके लिए गाड़ी का इंतजाम होगा. यहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए मंच बनाया जा रहा है. यहां पर कलाकार देशभक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से उनका मनोरंजन करेंगे. यहां से उनकी गाड़ियां सीधे उस होटल जाएंगी. जहां उनके लिए कमरा बुक हो रखा है.

विदेशी मेहमानों की गाड़ियों को T-3 से निकालने के लिए पहले कैरिज-वे को आरक्षित रखा गया है. इससे केवल G-20 में आने वाले विदेशी मेहमान एवं इमरजेंसी सेवा की गाड़ियों को ही जाने की अनुमति होगी.  दूसरे कैरिज-वे से केवल वीआईपी पास वाली गाड़ियां जा सकेंगी. जबकि तीसरे कैरिज-वे से निजी एवं व्यावसायिक गाड़ियों के जाने की सुविधा होगी. 

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