Business – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com Delhi Ki Awaaz Thu, 28 Dec 2023 10:58:24 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 https://i0.wp.com/www.delhiaajkal.com/wp-content/uploads/2022/11/Black-minimalist-michael-vescera-logo.png?fit=32%2C32&ssl=1 Business – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com 32 32 212602069 It is estimated that business worth Rs 50 thousand crore will be generated in the country due to the inauguration of Shri Ram Temple. https://www.delhiaajkal.com/it-is-estimated-that-business-worth-rs-50-thousand-crore-will-be-generated-in-the-country-due-to-the-inauguration-of-shri-ram-temple/ https://www.delhiaajkal.com/it-is-estimated-that-business-worth-rs-50-thousand-crore-will-be-generated-in-the-country-due-to-the-inauguration-of-shri-ram-temple/#respond Thu, 28 Dec 2023 10:58:20 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3420 श्री राम मंदिर के उद्द्घाटन से देश में 50 हज़ार करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान

दिल्ली आजकल ब्यूरो , दिल्ली
28 दिसंबर 2023

आगामी 22 जनवरी को अयोध्या धाम में श्री राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का दिन हर लिहाज़ से ऐतिहासिक बनने जा रहा है. जिसके लिये देश भर में सभी वर्गों के लोगों में बेहद उत्साह और उमंग दिखाई दे रही है. यही कारण है कि श्री राम मंदिर की यह तारीख़ देश में आगामी महीने में लगभग 50 हज़ार करोड़ से अधिक के अतिरिक्त व्यापार का सृजन करेगी. देश में इस अतिरिक्त व्यापार की माँग को पूरा करने के लिए सभी राज्यों में व्यापारियों ने व्यापक तैयारियाँ कर ली हैं. यह बताते हुए कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि इससे यह सिद्ध होता है कि सनातन अर्थव्यवस्था की जड़ें भारत में बहुत गहरी हैं.

इसी बीच कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया है कि 22 जनवरी को “ राम राज्य दिवस” के रूप में घोषित किया जाए क्योंकि श्री राम भारत की प्राचीन संस्कृति, सभ्यता एवं मर्यादा के प्रत्येक हैं और राम का राज सही अर्थों में इन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं का साक्षात दर्शन है.

बीसी भरतिया एवं खंडेलवाल ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर देश भर में श्री राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर जिस अभियान को 1 जनवरी से चलाने की घोषणा की गई है और जो उत्साह देश भर के लोगों में दिखाई दे रहा है. उसने देश के सभी राज्यों में व्यापार के बड़े अवसर दिखाई दे रहे हैं. इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी जनवरी के महीने में 50 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होगा.

भरतिया एवं खंडेलवाल ने बताया कि देश के सभी बाज़ारों में बड़ी मात्रा में श्री राम ध्वजा, श्री राम अंग्वस्त्र सहित श्री राम के चित्र से अंकित मालाएँ, लाकेट, चाबी के चले, राम दरबार के चित्र, राम मंदिर के मॉडल के चित्र, सजावटी लटकनें , कड़े सहित अनेक प्रकार का सामान उपलब्ध है.

उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में विशेष रूप से श्री राम मंदिर के मॉडल की माँग बहुत अधिक है. यह मॉडल हार्डबोर्ड, पाइनवुड, लकड़ी आदि अन्य सामान से विभिन्न साइज़ों में बनाये जा रहे हैं. उल्लेखनीय बात यह है कि इन मॉडल को बनाने में बड़ी संख्या में महिलाओं को रोज़गार मिल रहा है. वहीं, सभी राज्यों में स्थानीय कारीगरों, कलाकारों एवं हाथ से काम करने वाले लोगों को भी बड़ा व्यापार मिल रहा है. श्री राम मंदिर का यह दिन देश में व्यापार के साथ साथ रोज़गार के नये अवसर भी पैदा कर रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में कुर्ते, टी शर्ट एवं अन्य वस्त्र भी तैयार किए जा रहे हैं. जिन पर श्री राम मंदिर के मॉडल की हाथ से कढ़ाई हो रही है या फिर छपाई हो रही है. ख़ास बात यह है कि मूल रूप से कुर्ते बनाने में खादी का उपयोग हो रहा है.

भरतिया एवं खंडेलवाल ने बताया कि 22 जनवरी को देश भर में दिवाली मनाये जाने के आह्वान को देखते हुए मिट्टी की दिये, रंगोली बनाने हेतु विभिन्न रंग, फूलों की सजावट के लिए फूल तथा बाज़ारों एवं घरों में रोशनी करने हेतु बिजली के सामान को उपलब्ध कराने वाले वर्ग को भी बड़ा व्यापार मिलने की संभावना है. वहीं , देश भर में प्रचार सामग्री जिसमें सड़कों पर लगने वाले होर्डिंग, पोस्टर, बैनर, पत्रक, अन्य साहित्य, स्टीकर आदि को भी बड़ा व्यापार मिलेगा.

भरतिया एवं खंडेलवाल ने यह भी बताया कि श्री राम मंदिर के कारण देश भर में संगीत व्यवसाय से जुड़े लोग भी इस अभियान में व्यापार से अछूते नहीं है. बड़ी मात्रा में देश भर में श्री राम मंदिर को लेकर गीत बन रहे है. विशेष बात यह है कि छोटे और अनजाने गीतकार, संगीतकार एवं गायकों को काम मिल रहा है. वहीं , सभी शहरों में काम कर रही ऑर्केस्ट्रा पार्टी भी श्री राम मंदिर से जुड़े कार्यक्रमों को करने के लिए पूरी तैयारियों में जुटी हैं.

दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा कि इस पूरे अभियान में सभी वर्गों को व्यापार दिलाने तथा घर घर-दुकान दुकान श्री राम का जयघोष करने हेतु कैट ने सभी राज्यों के व्यापारिक संगठनों को साथ लेकर एक बड़े समन्वय का काम अपने ज़िम्मे लिया है

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From Strength to Strength: Adani’s strategic initiatives enhance credit profile https://www.delhiaajkal.com/from-strength-to-strength-adanis-strategic-initiatives-enhance-credit-profile/ https://www.delhiaajkal.com/from-strength-to-strength-adanis-strategic-initiatives-enhance-credit-profile/#respond Fri, 25 Aug 2023 11:19:05 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=2215 Delhi Aajkal Bureau, Delhi 

25 August 2023

 In a significant milestone, the Adani Group, through a series of strategic initiatives, has increased its liquidity position at the portfolio level to finish with a cash balance of INR 42,115 crore at the end of the June quarter. The portfolio companies diligently focused on bolstering their financial standing, ensuring a robust foundation for their ambitious projects.

The following are the key measures that contributed to this positive transformation:

·         Significant deployment of equity resulted in total equity increasing to 55.77% of the total assets as compared to 40.16% at the end of FY19. Equity deployed by the end of FY23 was INR 2,35,812 crore, much higher than net debt of INR 1,87,087 crore.

·         EBITDA and gross assets have grown at a much faster rate in the last four years (FY19 to FY23) at a CAGR of 18.13% and 21.7% respectively. EBITDA in the June FY24 quarter increased by 42% year-on-year and was more than 40% of the entire FY23. As against these, net debt has grown at only 14.56% CAGR, resulting in consistently improving leverages ratios.

  • Net debt to run-rate EBITDA for FY23 fell to 2.8x as compared to 3.2x a year ago
  • Gross Assets to Net debt was 2.3x at the end of FY23
  • Net Debt to Equity at 0.8x at the end of FY23
  • Debt coverage ratio improved to 2.02x for FY23 as compared to 1.47x for FY22

·         More than half of the portfolio EBITDA is from the businesses that enjoy ratings equal to sovereign rating of India. Such high ratings have allowed continues capital market access.

·         The core infrastructure and utility platform accounted for 83% of total EBITDA in FY23 and 86% in the June FY24 quarter. Contractual businesses accounted for 82% of the portfolio EBITDA in FY23. Such a high contribution offers great stability and multi-decadal visibility on earnings.

·         Well-diversified finance sourcing from global as well as domestic banks, capital markets and others has eliminated concentration risk.

·         The conservative planning has provided for a robust maturity cover. Maturity profile of debt for all the companies exceeds cover period in all cases, ensuring refinancing protection and eliminating systemic risks.

·         Free funds flow plus cash for FY23 was 2.72x against average debt maturity cover of 6.55 years, thus eliminating refinance risks. Free funds flow is EBITDA less finance cost paid less tax.

·         Through a 10-year equity programme with long-only global investors formulated in 2016, the Adani portfolio has attracted over USD 9.5 billion (does not include the recent stake sale in Adani Power to GQG Partners) since 2019. This programme has supported strategic priorities, including pre-payment of margin-linked share-backed financing.

·         Promoter level entity has generated INR 30,900 crore (does not include recent stake sale in Adani Power to GQG Partners) through secondary market transactions since March 2023.

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एस्सार 2.0 नई ऊर्जा से प्रेरित हो बढ़ रहा आगे https://www.delhiaajkal.com/essar-2-0-moving-ahead-with-new-energy-targets/ https://www.delhiaajkal.com/essar-2-0-moving-ahead-with-new-energy-targets/#respond Mon, 29 May 2023 19:16:18 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=2133 दिल्ली आजकल ब्यूरो , दिल्ली
24 मई 2023

एस्सार समूह दिवालियापन की कगार पर पहुंचने के बाद अब नए सिरे से नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है. अतीत से सीखे गए कड़वे अनुभवों के बाद समूह को एक नई ऊर्जा मिल रही है. एस्सार 2.0 का मुख्य फोकस वही है. लेकिन वह पहले से बहुत अलग है.

क्या अलग है

एस्सार 2.0 का व्यावसायिक दृष्टिकोण कई मायनों में बदल गया है.
पहला, यह कि वह अब कर्ज के भरोसे नहीं. यह कर्ज का रास्ता अधिक लाभ पहुंचाने वाला था. लेकिन इसी की वजह से समूह को भारी नुकसान उठाना पड़ा. नए अवतार में यह समूह अब साझेदारी के माध्यम से परियोजनाओं को क्रियान्वित और कार्यान्वित करने की योजना बना रहा है. ऋण प्रतिभूतियों के माध्यम से धन जुटा रहा है.

दूसरा, यह एसेट लाइट मॉडल पर विचार कर रहा है. अतीत का एस्सार समूह के पास अपने पोर्टफोलियो में सभी बुनियादी ढांचे के कुल स्वामित्व के साथ भारी संपत्ति थी. इसके पास अभी भी संपत्ति है. लेकिन यह उन्हें भागीदारों के साथ क्रियान्वित कर रहा है.

कंपनी के एक सूत्र का कहना है कि एस्सार अपनी कई परियोजनाओं में अपनी विशेषज्ञता, कौशल और क्षेत्रों में अनुभव को मेज पर लाता है. उपरोक्त दोनों के उदाहरण के रूप में, फरवरी में समूह ने एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन द्वारा निम्न कार्बन ऊर्जा संक्रमण परियोजनाओं में $3.6 बिलियन के निवेश की घोषणा की. यह निवेश पांच साल की अवधि में किया जाएगा और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें एक भागीदार होगा. जो इक्विटी का एक बड़ा हिस्सा प्रदान करेगा.

तीन, मालिक-रुइया परिवार चालक की सीट पर प्रशांत रुइया के साथ खुद को प्रमोटर के बजाय निवेशक के रूप में सोचना और देखना पसंद करते हैं. मानसिकता में बदलाव से रिटर्न और शेयरधारक के हित पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है. यह अतीत की आत्म-केंद्रित ‘ लाला ‘ मानसिकता से एक बड़ा प्रस्थान है. जो आमतौर पर परिवार के स्वामित्व वाले व्यवसायों में प्रदर्शित होता है.

चौथा, जोखिम कम करना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति बन गई है. इसने एक मुख्य जोखिम अधिकारी भी नियुक्त किया है. कंपनी ने अपने परिचालन को भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, वियतनाम और सऊदी अरब में फैलाकर जोखिम को कम किया है. वास्तव में वह अपने घरेलू मैदान से ज्यादा इंग्लैंड पर ध्यान दे रहा है. $3.6 बिलियन के प्रस्तावित निवेश में से दो-तिहाई ब्रिटेन के लिए निर्धारित हैं.

ऊर्जा क्षेत्र मूल मे है

ऊर्जा पुराने एस्सार का फोकस था और यह ऐसा ही बना हुआ है. प्रशांत रुइया कहते हैं, “हम पिछले 30 वर्षों से ऊर्जा क्षेत्र में शामिल हैं… विचार ऊर्जा पर केंद्रित रहने का है.”
रुइया का कहना है कि अंतर प्रौद्योगिकियों में है. ऊर्जा पर इसका पहले ध्यान रिफाइनरियों, अन्वेषण, उत्पादन, डाउनस्ट्रीम और खुदरा मूल्य श्रृंखला के प्रभाव में था. अक्षय स्रोतों के माध्यम से हरित और स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करने के लिए नवीन तकनीकों में निवेश करते हुए थीम को डीकार्बोनाइजेशन में बदल दिया गया है.विचार मूल्य श्रृंखला पर केंद्रित रहना है, लेकिन भविष्य की तकनीकों के साथ.
इसलिए समूह अपने संयुक्त उद्यम वर्टेक्स के माध्यम से यूके में एक ब्लू हाइड्रोजन परियोजना चला रहा है. यूके में एक ग्रीन अमोनिया आयात टर्मिनल विकसित कर रहा है. भारत में भी एक ग्रीन अमोनिया परियोजना की व्यवहार्यता की जांच कर रहा है. ऊर्जा के साथ-साथ, यह बुनियादी ढांचे और रसद, धातु और खनन, प्रौद्योगिकी और खुदरा क्षेत्र में काम जारी रखेगा. लेकिन फिर से फोकस डीकार्बोनाइजेशन, विकेंद्रीकरण और डिजिटलीकरण पर होगा. जो स्थिरता के वर्तमान प्रवचन के साथ अधिक तालमेल बिठाएगा.

रुइया का कहना है कि वह नहीं मानते हैं कि किसी भी क्षेत्र की आवश्यकताओं में बदलाव आया है.

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TPCI’s inaugural edition of India Business & Trade Annual Conclave 2023 explores tactical plan to reach targeted $ 2 trillion exports https://www.delhiaajkal.com/tpcis-inaugural-edition-of-india-business-trade-annual-conclave-2023-explores-tactical-plan-to-reach-targeted-2-trillion-exports/ https://www.delhiaajkal.com/tpcis-inaugural-edition-of-india-business-trade-annual-conclave-2023-explores-tactical-plan-to-reach-targeted-2-trillion-exports/#respond Fri, 26 May 2023 17:52:33 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=2104 Delhi Aajkal Bureau, Delhi

May 23, 2022

The Trade Promotion Council of India (TPCI), government, industry and academic deep dive to explore ways to reach USD2 trillion of exports during its first edition of the India Business & Trade Annual Conclave 2023 at the ITC Maurya, New Delhi.

This Conclave, organized with the invaluable support of the Directorate General of Foreign Trade, NITI Aayog, and the Ministry of External Affairs was based on the theme “India @2030: Decoding FTP ’23 and Blueprint for a $2 trillion export economy’.

Santosh Kumar Sarangi (IAS), Director General Foreign Trade graced the occasion as Chief Guest to share his erudite insights on FTP 2023 and interact with stakeholders. During his keynote address, Mr Sarangi stated, “Research reveals a positive correlation between higher exports and higher per capita income. For achieving the $2 trillion target, India is focusing on both demand and supply side aspects with respective policies.”

Mr Sarangi expressed confidence that while the US$ 2 trillion export target is ambitious as it entails an annual growth of 14.5% (CAGR), it is not impossible. We must, however, be wary of geopolitical concerns, global economic scenario as well as growing protectionism.

While there is significant room for export growth in top markets, Mr Sarangi also said that India must adapt its profile of export products in line with the global trade scenario to achieve the US$ 2 trillion ambition. ”We are working on the manifold strategy from demand to supply side…signing more FTA’s, generating investment and marketing and promotion,” he added.

DGFT also informed that we trying to address issues on seamless e-commerce for export promotion. We are in touch with Department of Revenue, RBI, Icegate, Department of Post on the issues which entail Remission of Duties and Incentives, ensuring postal bills flows into Icegate, building a regulatory system, which addresses return back, etc.

Sanjeet Singh (IRS), Senior Adviser, NITI Aayog, and Md. Noor Rahman Sheikh (IFS), JS (ED), Ministry of External Affairs, also graced the event as esteemed Guests of Honour and shared their insights on global trade policy scenarios and the synergy between trade and economic diplomacy respectively.

During his address, Mohit Singla, Chairman, Trade Promotion Council of India, welcomed the Chief Guest, dignitaries and industry delegates, stating, “India Business and Trade Conclave in the years to come will be at the forefront to discuss all aspects of India’s foreign trade. The conclave will also emphasise on how the industry will benefit from the initiatives taken by the government, focusing on emerging areas of growth and potential.”

The India Business & Trade Conclave 2023 was attended by a wide cross-section of stakeholders spanning policy, industry, academia, foreign embassies, trade promotion bodies, consultants, law firms, technology, banking and logistics sectors.

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वित्तीय वर्ष 2024 में अपने बेडे में 1500 एलएनजी ट्रक जोड़ेगी ग्रीनलाइन https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2024-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%a1/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2024-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%a1/#respond Fri, 26 May 2023 17:48:59 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=2101 दिल्ली आजकल ब्यूरो ,दिल्ली
22 मई 2023
ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस ग्रीनलाइन मार्च 2024 में समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष में अपने बेड़े मे 1500 तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) ट्रक जोड़ेगी. यह कंपनी एस्सार समूह का हिस्सा है. कंपनी का उद्देश्य भारत में भारी ट्रकिंग को डीकार्बोनाइज करना है. यह एलएनजी संचालित माल परिवहन को व्यापक रूप से अपनाने का मार्ग प्रशस्त कर रहा है जो डीजल की तुलना में बेहतर माइलेज प्रदान करता है. इससे परिचालन लागत कम होती है.
ग्रीनलाइन के सीईओ आनंद मिमानी ने बताया कि मार्च 2024 तक ग्रीनलाइन 1500 एलएनजी संचालित ट्रकों को तैनात करेगी. इस समय लगभग 100 से 110 वाहन प्रयोग में हैं. इसके अलावा, लगभग 66 सीएनजी और एलएनजी टैंकर भी हैं.
वर्तमान कंपनी के कुल 160 से 170 वाहन चल रहे हैं. एक एलएनजी ट्रक पर आम तौर पर बीमा, आरटीओ, रोड टैक्स, ट्रेलर आदि सहित लगभग 75 लाख रूपए लागत होती है.
मिमानी ने बताया कि ग्रीनलाइन के पीछे का विचार पूरे लॉजिस्टिक्स मूल्य श्रृंखला को डीकार्बोनाइज करना था. उन्होंने कहा कि कंपनी ने सबसे पहले सीएनजी वाहनों (टाटा 151 और आयशर वाहन) के साथ शुरूआत की. जिसमें सीएनजी के लिए अधिकतम भार वहन सीमा 15 टन थीं.
ग्रीनलाइन के सीईओ ने बताया कि एलएनजी एक ऐसी जगह है जिसे हम समझना चाहते थे. हम एलएनजी को ईंधन के रुप म स्थानांतरित करना चाहते हैं. हम भारत में एलएनजी के कारण सबसे बड़े वर्चुअल पाइपलाइन मूवर्स में से एक हैं. हमने सेल के साथ भागीदारी की और बहुत कुछ सीखा है.
उन्होंने एलएनजी से चलने वाले ट्रकों के लिए वित्त पोषण के बारे में बताय कि अभी तक वाहनों को कंपनी की इक्विटी के जरिए खरीदा गया है.
मिमानी ने बताया कि कंपनी बैंकों और एनबीएफसी के साथ चर्चा कर रही है, जो ट्रकों का वित्त पोषण करते हैं. उन्होंने कहा कि हमें एनबीएफसी (टीवीएस क्रेडिट) में से एक के साथ एक छोटी सी शुरुआत मिली है जो न वाहनों को निधि देने के लिए सहमत है. एचडीएफसी, आईसीआईसीआई जैसे अन्य बैंकों के साथ भी चर्चा की जा रही है. हालांकि, एलएनजी ट्रक माल वाहन क्षेत्र में नए हैं. ऐसे में कुछ बैंकरों की अपनी आशंकाएं भी हैं. लेकिन हमें पूरी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में वे हमें फंड देने के लिए राजी हो जाएंगे.

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भारत नवीकरणीय ऊर्जा के लिए सबसे आकर्षक बाजार के रूप में उभरा है: आरके सिंह https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%8a%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%8a%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf/#respond Fri, 26 May 2023 17:33:23 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=2092 दिल्ली आजकल ब्यूरो , दिल्ली
18 मई 2023

भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनियों में से एक टाटा पावर और विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं से रूबरू होने वाली कंपनी न्यूज18 ने एक साथ मिलकर सस्टेनेबल इज एटेनेबल फेस्ट (एसआईए फेस्ट) की शुरुआत की है, ताकि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक पटल पर भारत के पक्ष को मजबूती मिल सके. इसका उद्देश्य लोगों को हरित ऊर्जा के प्रति जागरूक करना और एक व्यावहारिक परिवर्तन लाना है. दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत में एसआईए फेस्ट से सामूहिक जागृति प्रबल होगी. इससे भारत हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नया मानक स्थापित कर सके.

इस मौके पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा कि भारत ऊर्जा के क्षेत्र में एक वैश्विक नेता और पथप्रदर्शक के रूप में अपने को स्थापित कर चुका है. हमारा प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक स्तर का एक तिहाई है. 2015 के पेरिस शिखर सम्मेलन में हमने प्रतिज्ञा की थी कि 2030 तक हम अपनी कुल ऊर्जा का 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन से प्राप्त करेंगे. हम समय सीमा से सात साल पहले ही 42.8 प्रतिशत पर हैं. हम नवीकरणीय ऊर्जा के लिए सबसे आकर्षक बाजार के रूप में भी उभरे हैं.

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने एसआईए फेस्ट के रूप में की गई पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्य सामुदायिक कार्रवाई को प्रेरित करते हैं. ‘एक पृथ्वी, एक भविष्य’ विकास के लिए सही दृष्टिकोण है. जलवायु परिवर्तन से मुकाबले के लिए पूरी सरकार और पूरे समाज के दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे हैं. ‘सस्टेनेबल इज एटेनेबल’ को सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सभी अंग साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

एक दिवसीय एसआईए फेस्ट स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के प्रति जनजागृति का एक बड़ा अभियान है. जिसे भारत के दो प्रमुख कॉरपोरेट समूहों द्वारा शुरू किया गया है. यह स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य की दिशा में भारत के लिए एक अहम पहल है. एसआईए फेस्ट स्वच्छ ऊर्जा के मिशन के तहत एक अनूठा उत्सव है. जो बताता है कि हमारे देश में सतत विकास का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. देश में स्थायी बदलाव लाने के लिए हितधारकों के विविध समूहों को सबके प्रयास से महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है. सभी की सक्रिय भागीदारी भारत की ऊर्जा की यात्रा को सुनिश्चित करेगी. भारत दुनिया को यह दिखाने के लिए अच्छी तरह से तैयार है कि कैसे एक बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था ऊर्जा के क्षेत्र में परिवर्तन कर स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में अग्रसर है.

टाटा पावर के सीईओ और एमडी डॉ प्रवीर सिन्हा ने कहा कि ‘सस्टेनेबल इज एटेनेबल’ अभियान का उद्देश्य स्थिरता और हरित क्षेत्र में बेहतर समझ को सक्षम करना है. भारत सरकार की पहल की सराहना करते हुए डॉ. सिन्हा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे सौर ऊर्जा के कृषि में उपयोग, ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण, और व्यावसायिक तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों को रूफटॉप समाधान अपनाने में सक्षम बनाता है. साथ ही यह बदलाव देश को हरित भविष्य की ओर ले जा रहा है.

इस एसआईए फेस्ट में भारत में कॉरपोरेट नेताओं, राजदूतों और विदेशी दूतावासों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया. भारत और यूरोपीय संघ दोनों एक हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं. भारत और यूरोपीय संघ मिलकर वैश्विक एजेंडे को आकार देने में मदद कर सकते हैं और वैश्विक भलाई के लिए मिलकर काम कर सकते हैं. जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई हमारी रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण घटक है. भारत के पास अनुभव है. जिससे वैश्विक समाधान के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

भूटान में यूरोपीय संघ के राजदूत उगो अस्तुतो ने कहा कि हम सब कुछ सरकार के हवाले नहीं कर सकते. हमें खुद आगे आना होगा. भारत में डेनमार्क के राजदूत फ्रेडी स्वान ने स्थिरता के लिए सामूहिक सामुदायिक कार्रवाई की आवश्यकता को दोहराते हुए कहा कि भारत का भविष्य वर्तमान के हाथों में मजबूती से निहित है और यह महत्वपूर्ण है कि सभी एक साथ मिलकर एक जीवंत, स्वच्छ, हरित और टिकाऊ कल बनाने का प्रयास करें.

नेटवर्क18 (ब्रॉडकास्ट) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और ए+ई नेटवर्क्स के प्रबंध निदेशक श्री अविनाश कौल ने कहा, ‘भारत में हरित ऊर्जा संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए टाटा पावर के साथ हमारी साझेदारी भारतीय उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने और उन्हें सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता से प्रेरित है. यह जागरूकता फैला कर उन्हें स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और मांग करने के लिए प्रेरित करता है. पिछले कुछ महीनों में हमने समाचार चैनलों और डिजिटल माध्यमों में अपने विविध दर्शकों के साथ सम्मोहक सामग्री के साथ जुड़ाव दिखाया है कि सतत विकास का लक्ष्य कैसे प्राप्त किया जा सकता है. एसआईए फेस्ट नीति- निर्माताओं, प्रमुख नेताओं और उपभोक्ताओं के बीच सतत ऊर्जा के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव लाने के लिए बातचीत को प्रेरित करके आंदोलन को आगे बढ़ाता है.

सस्टेनेबल इज एटेनेबल (एसआईए) फेस्ट एक महत्वपूर्ण जनआंदोलन है. इसने भारत में हरित ऊर्जा को अपनाने और इससे जुड़े संवाद को बढ़ावा देने के लिए एक जीवंत मंच तैयार किया. सस्टेनेबिलिटी का जश्न मनाकर और प्रमुख सस्टेनेबिलिटी लीडर्स से समर्थन हासिल करके इस फेस्ट का उद्देश्य लाखों भारतीयों को टिकाऊ जीवन शैली अपनाने और हासिल करने के लिए प्रेरित करना है. सस्टेनेबल इज एटेनेबल आंदोलन का अत्यधिक महत्व है क्योंकि भारत जीवाश्म ईंधन के हानिकारक प्रभाव को देखते हुए नवीकरणीय और टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों की ओर स्थानांतरित करने की तत्काल आवश्यकता को स्वीकार करता है. भारत का लक्ष्य 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन हासिल करना है और वैश्विक हरित ऊर्जा क्रांति में खुद को एक प्रमुख नेता के रूप में स्थापित करना है. सस्टेनेबल इज एटेनेबल अभियान के माध्यम से भारत में हरित ऊर्जा संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए, हमने जागरूकता बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों को अपनाने और मांग करने के लिए आवश्यक ज्ञान के साथ भारतीय उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है.

एसआईए फेस्ट प्रमुख नीति निर्माताओं को लाकर इस आंदोलन को बढ़ावा देता है. इसे प्रभावित करने वाले नेता और बदलाव लाने वाले एक साझा मंच पर हैं, जो भारत के लिए एक हरित और स्वच्छ भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहा है. इस आयोजन में चैंपियंस ऑफ चेंज का अभिनंदन भी देखा गया. जिसमें दुनिया का पहला हरित हवाई अड्डा कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट शामिल है. जो अपनी बिजली की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पूरी तरह से सौर ऊर्जा द्वारा संचालित है. सतत विकास लक्ष्यों के लिए भारत की पहली राष्ट्रीय अधिवक्ता भूमि पेडनेकर, यूएनडीपी द्वारा नियुक्त युवा जलवायु नवप्रवर्तक प्राची शेवगांवकर, जो एक ऐप और आंदोलन ‘कूल द ग्लोब’ चलाती हैं. जो लोगों को उनके कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए छोटे-छोटे कदम उठाने में मदद करता है.ब्लू स्मार्ट मोबिलिटी, स्वच्छ गतिशीलता की ओर बढ़ने के मिशन के साथ भारत की पहली ऑल-इलेक्ट्रिक राइड हीलिंग मोबिलिटी सेवा वी-शेश, जो कॉरपोरेट क्षेत्र में रोजगार हासिल करने के लिए विकलांग व्यक्तियों को प्रशिक्षित करने की दिशा में काम करता है, हीलिंग हिमालय के संस्थापक प्रदीप सांगवान और प्रभागीय वन अधिकारी, हीराकुंड, ओडिशा की अंशु प्रज्ञान दास उपस्थित थी. ‘सस्टेनेबल इज अटेनेबल’ अभियान की प्रतिध्वनि लंबे समय तक जनता के बीच महसूस की जाएगी. हरित ऊर्जा समाधानों को अपनाने की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण आह्वान लोगों के साथ प्रतिध्वनित होता है और यह जन जागरूकता को बढ़ाता है.

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New Chairman appointed for Apparel Made-Ups & Home Furnishing Sector Skill Council https://www.delhiaajkal.com/new-chairman-appointed-for-apparel-made-ups-home-furnishing-sector-skill-council/ https://www.delhiaajkal.com/new-chairman-appointed-for-apparel-made-ups-home-furnishing-sector-skill-council/#respond Fri, 20 Jan 2023 08:39:06 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=2040 Delhi Aajkal Bureau, Delhi

17 January 2023

Padma Shri Dr A Sakthivel has been appointed as Chairman of the Apparel, Made-Ups & Home Furnishing Sector Skill Council (AMHSSC). He has taken over from Premal Udani, Managing Director, Kaytee Corporations Pvt Ltd.

He is a man of many accomplishments with an experience of over three and a half decades and has achieved path- breaking accomplishments in the Apparel Sector. He is President of the Federation of Indian Export Organizations (FIEO), an apex body of all export promotion bodies in the Country and Honorary Chairman of the Tirupur Exporters’ Association (TEA), Former Chairman and Southern Region In charge of the Apparel Export Promotion Council (AEPC).

He was the first Chairman of the Apparel, Made-Ups & Home Furnishing Council (AMHSSC) and under his dynamic leadership  AMHSSC has been able to position itself as one of the best Sector Skill Councils in India. He has been the Chairman of the India Knit Fair Association (IKFA) for the past 24 years. He has also been the Chairman of the Tamilnadu Branch of Indo-American Chamber of Commerce.

As a visionary Industry leader for the Indian Apparel Sector, he has actively and strongly represented the issues of the Apparel exporters and has played a vital role in the tremendous growth and overhaul of the Apparel Sector in India.  Especially for the MSMEs. As the Founder President of Tirupur Exporters’ Association – popularly known as TEA, his contribution to the growth of Tirupur exports has been outstanding. The Sector saw a growth from a mere Rs.  15 Crore to over Rs.30,000 Crore. He has been instrumental in bringing Tirupur on the global map by getting it recognized in the State as Apparel cluster hub. Over the years he has also strongly promoted the manufacturing and export of synthetic garments as he could foresee the vast potential of the product in the global market.

Recognizing his unparalleled service towards the Domestic & Export Industry in the Apparel sector, the Central Government conferred the prestigeous “Padma Shri” award on him in the year 2009. He was also awarded with Degree of Doctor of Literature (Honoris Causa) by the Bharathiyar University, Coimbatore for his distinguished contribution towards the growth of the Industry and development of the society. 

Dr Sakthivel as Chairman AMHSSC is fully motivated and committed to give further impetus to entrepreneurship, job creation and to strengthening the value chain of the Apparel Industry by providing skilled youthful manpower to the industry and living up to the vision of  Prime Minister  Narendera Modi  of making India, as the World’s Skill Capital.

While thanking  Premal Udani for his excellent contribution in the development of the Council and leading the team for two years, Team AMHSSC extends a warm welcome to Dr. Sakthivel and looks forward to his experience and exemplary leadership for taking India’s Apparel Sector to a much higher level.

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Soon, India will experience the true benefits of DigiYatra: Jyotiraditya M. Scindia https://www.delhiaajkal.com/soon-india-will-experience-the-true-benefits-of-digiyatra-jyotiraditya-m-scindia/ https://www.delhiaajkal.com/soon-india-will-experience-the-true-benefits-of-digiyatra-jyotiraditya-m-scindia/#respond Fri, 20 Jan 2023 08:25:17 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=2031 Delhi Aajkal Bureau, Delhi
19 January 2023

The adoption of facial recognition technology in civil aviation is a novel concept that is being pioneered through DigiYatra and the country will experience the true benefits of it as we are expanding from 3 airports currently to airports in Pune, Vijayawada, Kolkata and eventually throughout the country, said Shri Jyotiraditya M. Scindia, Union Minister of Civil Aviation & Steel, on Wednesday. The Minister was speaking at the 14th International Civil Aviation Conference and Awards organised by ASSOCHAM at Delhi. Presently, the DigiYatra facility is available in Delhi, Bangalore & Varanasi Airports.

“Internationally, a 40 percent reduction in time for both passengers and aircrafts in terms of boarding which tremendously improves ease of travel for passengers and enhances the throughput capabilities for airlines and airports because of reduced processing time. The DigiYatra app has been downloaded 300,000 time,” said Scindia, “ The adoption rates in Delhi and Bengaluru are creeping up. In Varanasi it is almost 20 percent; one in 5 travellers from the airport is not using the orthodox old system of passing through the airport. I would urge the Delhi and Bengaluru airports to improve adoption rates and I would request the airlines to drive extremely hard to promote ease of travel for passengers.”

In response to a question on promotion of Drone, Scindia said “The government is incentivizing and promoting the use of drones and as many as 12 line ministries are using drones for their day to day activities. From the agricultural ministry to spray pesticides, mining industry for explorations, the Rural Development ministry for surveys, checking of transmission towers by the Power ministry and agencies like the NDRF and SDRF under the Home ministry, drones are being used extensively. Today the government is the primary driver of demand for drones.”

“Cargo is another area where we have a tremendous future for growth and by cargo we mean not just equipment and merchandise being moved. From horticulture products, poultry, fresh foods, fruits and vegetables from far flung areas of India are being moved not only domestically, but internationally to Germany, London and many other destinations. Post Covid COVID we have increased our number of freighters from seven to 29, and also our number of million tonnes that we’ve transported, it shows that this is a sector that holds tremendous promise. We are working to resolve the various pain points and the latest being the issue of cargo being double checked during transhipment which has already been resolved to a large extent. Cargo as an industry has tremendous potential and we must work together to enhance ease of business as the growth of the industry will also mean growth for all stakeholders.” he added.

In his address, Narayan Rao, Chairman ASSOCHAM National Council on Civil Aviation and Deputy MD, GMR Group said, “Civil aviation sector plays a major role in economy in terms of GDP and employment generation. India should focus on how to create a civil aviation hub in the country. New trends such as DigiYatra for touchless travel, use of local sectors, skill development should be encouraged so that country benefits. The most important stakeholders are airports. Tier 1 and 2 airports should be privatised. The government is planning another 25 airports in India for privatisation. India is looking forward to 10 million tonnes of cargo by 2030. India still has to go a long way in cargo and in terms of new policies. Civil aviation industry is also working towards environmental issues and airports are concentrating on green power. It requires support from all stakeholders.”

PK Thakur, Deputy Director General, Ministry of Civil Aviation GOI said, ”The government intends to increase Indians’ access to and affordability of civil aviation. Civil aviation will propel India to become a $5 trillion economy by 2024, serving as a significant growth engine for the country. The latest renovations in the sector are enabling many people in India to participate in their first Udaan, as well as assisting the sector in catching up with the growth trajectory more quickly”

At the event, honourable Civil Aviation Minister, gave away several awards honouring outstanding achievers in segments like Airports, Manufacturing, Airlines, Services, Construction & Consultancy, Institutes and young achievers.

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Largest ever footfall at Auto Expo 2023 – Components Show https://www.delhiaajkal.com/largest-ever-footfall-at-auto-expo-2023-components-show/ https://www.delhiaajkal.com/largest-ever-footfall-at-auto-expo-2023-components-show/#respond Fri, 20 Jan 2023 08:21:01 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=2028 Delhi Aajkal Bureau, Delhi
16 January 2023

The 16th edition of Auto Expo 2023 – Components Show, organised jointly by Automotive Component Manufacturers Association (ACMA), Confederation of Indian Industry (CII), and Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM), from 12 to 15 January 2023, ended with the largest ever footfall of 1,22,500 business delegates from 65 countries.  The 800 plus exhibitors from 15 countries with six country pavilions from France, Germany, Japan, Poland South Korea, and UK, witnessed packed stalls with serious visitors from India and overseas during the four days exhibition at the new exhibition halls at Pragati Maidan, New Delhi.

Powering India’s Growth Engine, the Components Show, marked the beginning of a new era, with full of opportunities to Innovate to Make in India for the World.  The Indian Auto Component Industry is on a Robust Path, with strong rebound in almost all segments.

As emerging technologies are set to define the future of Mobility, the theme and focus of the Components show – “Technovation – Global Platform for Future Technologies & Innovation – has aptly set the tone for future areas for innovation for India’s auto component industry.  The 1400 plus new products on display, was the special attraction, reaffirming industry’s commitment to India’s plan for transforming into a sustainable and green future mobility.  Some of the Innovations and Futuristic Products on display at Auto Expo 2023 – Components Show included Low Weight Tailgate and Sunroof; Tyre Changing Attachment for EVs; Energy Efficient Power Control Units; Nano-Catalyst for Coating CDPF; Friction Motor Cooling System; Semi-Solid LiIon Cell; On-Board Carger (OBC); Digital Twin Benchmarking, Delta Costing and Iceberg 3.0; PVC Fabric Tarpauline; LSR Components for EVs, etc.

The event created a lot of excitement amongst the visitors, who were busy with business meetings, networking, and forming new partnerships with Indian and global players present at the show.  The Show ended on a positive note with the companies who were not able to get space, putting in their space requests in advance, and majority of the participants seeking bookings for larger space at the next edition.

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SIAM and U.S. Grains Council Sign MoU on Technology Transfer to Support Higher Ethanol Adoption https://www.delhiaajkal.com/siam-and-u-s-grains-council-sign-mou-on-technology-transfer-to-support-higher-ethanol-adoption/ https://www.delhiaajkal.com/siam-and-u-s-grains-council-sign-mou-on-technology-transfer-to-support-higher-ethanol-adoption/#respond Sun, 15 Jan 2023 13:50:18 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=1949 Delhi Aajkal Bureau, Delhi

13 January 2023

The Society of Indian Automobile Manufacturers and the U.S. Grains Council signed a Memorandum of Understanding today for support for higher ethanol blending in India at the Auto Expo 2023. The Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) is the apex industry body for the Indian automobile industry and the U.S. Grains Council (USGC) is a U.S. based not-for-profit organization developing export markets for ethanol globally. SIAM and USGC will work to create ethanol awareness, increase production capacity and efficiency and advocate for ethanol’s wide adoption.

The MOU was signed by Mr. Vinod Aggarwal, President, SIAM and Mr. Josh Miller, Chairman, USGC. The MOU was signed in the presence of  Hardeep Singh Puri,  Minister of Petroleum and Natural Gas and Ms. Gloria Berbena, Acting Deputy Chief of Mission and Counsellor, Embassy of the United States, New Delhi.

SIAM President, Aggarwal said, “SIAM highly appreciates the role and vision of the Council to develop long-term partnerships with Indian stakeholders, create opportunities and add value to the U.S.-India trade relationship. The Council has had a presence in India for over 25 years and we look forward to working with the Council on the promotion and implementation of the government’s ethanol blending mandate.”

Ethanol is a renewable and clean fuel which benefits the environment, health, and economy. In June 2022, India achieved the target of supplying 10 percent ethanol-blended petrol, five months ahead of schedule, up from 0.67 percent blending in 2012. The country aims to double the blend to 20 percent by 2025-26, for which it will need an estimated 2.68 billion gallons or 10.15 billion litres of ethanol.

USGC Chairman Josh Miller said, “We congratulate the Indian Government for achieving the significant milestone of 10 percent ethanol blending ahead of schedule. We believe in collaboration and are constantly exploring opportunities to support India to achieve its next target of 20 percent blending by 2025. India is the second-largest importer of U.S. ethanol for industrial purposes. This MOU reflects the excellent mutual relations between the countries and our collaborative efforts and shared priorities in this space.”

The Council has undertaken various initiatives and conducted a series of master classes advocating for enhanced consumer education to clear misconceptions around ethanol-blended fuel. This MOU with SIAM is another such initiative.

The purpose of the MOU is to establish a framework of cooperation covering scientific, technical and policy aspects of the production, blending, distribution and marketing of ethanol in a sustainable and environmentally friendly manner. This framework will not only help form national priorities, but also socio-economic development strategies and goals.

Under this MOU, the organisations will work on key areas such as standards, regulations and policy frameworks, blending and retailing, production and logistics as well as automobile compatibility.

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