
जेल में नहीं हो पाएगा अवैध फोन का इस्तेमाल, भारतीय कंपनी श्याम वीएनएल ने बनाई तकनीक
दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
5 नवंबर 2023
आए दिन यह घटना सामने आती है कि गैंगस्टर या कुख्यात अपराधी जेल से अपनी गतिविधि चलाने के लिए फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. स्थानीय जेल प्रशासन और पुलिस के तमाम मुस्तैदी के दावों के बीच इस तरह की सूचनाएं सामने आती रहती है. लेकिन संभव है कि आने वाले समय में इस तरह की सूचनाएं न आएं या फिर उनकी संख्या काफी कम हो जाए. यह संभव हो पाएगा एक भारतीय कंपनी श्याम वीएनएल की ओर से विकसित नई तकनीक की वजह से. इसके माध्यम से जेल में अवैध फोन का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद हो जाएगा.

हाल ही में प्रगति मैदान में आयोजित एक प्रदर्शनी में श्याम वीएनएल ने अपनी इस तकनीक का प्रदर्शन किया. इसके माध्यम से चिन्हित एरिया में अवैध फोन को पूरी तरह से निष्क्रिय किया जा सकता है. इस तकनीक के इस्तेमाल से अवैध मोबाइल किसी दूसरे टॉवर से भी सिग्नल हासिल नहीं कर पाते हैं. जबकि वहां तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के वैध मोबाइल जारी रहते हैं. इसके लिए फ्रीक्वैंसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रदर्शनी में आए सेना, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने इसे जेल में अवैध फोन पर रोक लगाने के लिए काफी प्रभावी तकनीक करार दिया.

श्याम वीएनएल कंपनी के संस्थापक राजीव मेहरोत्रा ने दिल्ली आजकल से बातचीत में कहा कि इसका उपयोग जेल में अवैध फोन को बंद करने के साथ ही सीमा क्षेत्र में अवैध फोन को बंद करने के लिए किया जा सकता है. यह भीड़ नियंत्रण के लिए भी एक उपयोगी तकनीक हो सकती है. देश में सबसे पहले स्वदेशी तकनीक पर ग्रीन 4जी टॉवर बनाने वाली कंपनी श्याम वीएनएल के संस्थापक राजीव मेहरोत्रा ने कहा कि इस तकनीक की खासियत यह है कि इसका कंट्रोल किसी मोबाइल आपॅरेटर के पास नहीं होता है. इसका पूरा नियंत्रण जेल प्रशासन या स्थानीय उपयोगकर्ता प्रशासन के पास होगा. जिससे वे तकनीक का इस्तेमाल कर स्वयं यह पता कर पाएंगे कि किस जगह से अवैध फोन के इस्तेमाल का प्रयास किया गया है. हमारी तकनीक सटीकता के मामले में 1 मीटर तक की गारंटी देती है.