NDMC / DDA / Delhi Cantt – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com Delhi Ki Awaaz Mon, 11 Sep 2023 17:17:17 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 https://i0.wp.com/www.delhiaajkal.com/wp-content/uploads/2022/11/Black-minimalist-michael-vescera-logo.png?fit=32%2C32&ssl=1 NDMC / DDA / Delhi Cantt – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com 32 32 212602069 Tiger with broken teeth will return to Rewa from Delhi Zoo https://www.delhiaajkal.com/tiger-with-broken-teeth-will-return-to-rewa-from-delhi-zoo/ https://www.delhiaajkal.com/tiger-with-broken-teeth-will-return-to-rewa-from-delhi-zoo/#respond Mon, 11 Sep 2023 17:14:48 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=2509 दिल्ली चिड़ियाघर से वापस रीवा जाएगा टूटे दांत वाला टाइगर

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
11 सितंबर 2023

दिल्ली चिड़ियाघर ने रीवा चिड़ियाघर से आए उस बंगाल टाइगर को वापस भेजने का निर्णय किया है. जिसके उपर के दो दांत टूट हुए हैं. यह कहा जा रहा है कि रीवा से दिल्ली लाए जाने के दौरान टाइगर के दांत टूट गए हैं. उपर के दांत टूटे हुए होने की वजह से टाइगर मांस खाने में दिक्कत महसूस कर रहा है. ऐसे में दिल्ली चिड़ियाघर नहीं चाहता है कि टाइगर को किसी तरह की समस्या होने पर इसकी जिम्मेदारी उसके उपर आए.

एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत रीवा से दिल्ली चिड़ियाघर में बंगाल टाइगर लाया गया था. जबकि दिल्ली चिड़ियाघर ने अपने वाइट टाइगर टीपू को रीवा चिड़ियाघर को दिया था. यह एक्सचेंज प्रोग्राम प्रजनन योजना के लिए भी की जाती है. जिससे चिड़ियाघर में विभिन्न प्रजाति के जानवरों की संख्या को उस स्तर पर रखा जाए. जिससे आने वाले समय में उनके विलुप्त होने की आशंका न रहे.

इस समय दिल्ली चिड़ियाघर में 7 बंगाल टाइगर है. इनमें दो बच्चे टाइगर या शावक हैं. इसके अलावा रीवा से आया टूटे दांत वाला बंगाल टाइगर भी शामिल है. इसके अलावा अदिति, बरखा व सिददी नामक तीन मादा टाइगर हैं. इसके साथ ही एक करण नामक नर टाइगर भी इन 7 टाइगरों में शामिल है. हालांकि उसकी उम्र अधिक होने की वजह से दिल्ली चिड़ियाघर प्रजनन योजना के लिए कम उम्र के टाइगर को दिल्ली चिड़ियाघर लाना चाहता है.

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जी—20 की तैयारी, एनडीएमसी फिर से बनाएगी अपनी एक दर्जन सड़क https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%9c%e0%a5%80-20-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a4%bf/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%9c%e0%a5%80-20-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a4%bf/#respond Sun, 18 Dec 2022 08:08:47 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=1866 दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
17 नवंबर 2022

देश के आयोजित होने वाले जी—20 सम्मेलन को लेकर नई दिल्ली नगर पालिका परिषद ( NDMC ) ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है. उसने एनडीएमसी क्षेत्र की ऐसी एक दर्जन सड़कों को फिर से बनाने का निर्णय किया है. जहां से जी—20 सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के आने—जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है.

एनडीएमसी ने जिन एक दर्जन सड़कों को फिर से बनाने और उनको पूरी तरह से गडडा मुक्त करने का निर्णय किया है. उनमें जंतर मंतर रोडद्व गुरूद्धारा रकाबगंज रोड, न्यू आरके आश्रम रोड, रायसीना रोड, महादेव रोड, उदयान मार्ग, पार्लियामेंट स्ट्रीट रोड, रेड क्रॉस रोड, बंगला साहिब रोड, भाई वीर सिंह मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट रोड और ओल्ड आरके आश्रम मार्ग शामिल हैं.

एनडीएमसी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय, सदस्य कुलचीत चहल और विशाखा सैलानी ने कहा कि इन सड़कों को फिर से बनाने के लिए सीआरआरआई , केंद्रीय सड़क अनुंसाधन संस्थान से सर्वे कराया गया था. जिसके उपरांत यह निर्णय किया गया है. इसके अलावा कनॉट प्लेस से लेकर इंडिया गेट तक सीवर लाइन बदलने , जलापूर्ति की योजना अगले 25 साल को ध्यान में रखकर बनाने और सफाईकर्मियों के बच्चों को उच्च शिक्षा में मदद करने का निर्णय भी किया गया है.

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राज्यसभा से सेवानिवृत हो रहे 72 सांसदों को विदाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा लौट कर आईये https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a5%8b/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%b9%e0%a5%8b/#respond Wed, 02 Nov 2022 18:27:59 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1203 संदीप जोशी, दिल्ली
31 मार्च 2022

राज्यसभा के 72 सदस्य मार्च से जुलाई के बीच सेवानिवृत हो रहे हैं. इन सदस्यों को राज्यसभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गुरूवार को विदाई दी. इन सांसदों में सुब्रहमण्यम स्वामी, कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा, पी चिदंबरम, प्रसन्ना आचार्य, संजय राउत, सतीश चंद्र मिश्रा, नरेंद्र जाधव शामिल हैं. इस अवसर पर अधिकतर सांसद भावुक थे. विदाई समारोह के दौरान कुछ हल्के—फुल्के पल भी सामने आए. सेवानिवृत होने वाले सदस्यों ने पार्टी लाइन से हटकर सहयोगियों के साथ संसद में बिताए दिनों की यादों को साझा किया.राज्यसभा से विदा लेने वाले सदस्यों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपने इस सदन से बहुत अनुभव हासिल किया है. अगर संभव हो तो एक बार फिर सदन में लौट कर आईये. सेवानिवृत होने वाले सदस्यों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हैं. हालांकि इन दोनों का सदन में फिर से आना तय है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवानिवृत होने वाले सदस्यों से कहा कि उन्होंने सदन से बहुत अनुभव हासिल हुए हैं. इसे लोगों के हित में समस्त भारत में ले जाने और आनी वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने में मदद देने के लिए उपलब्ध कराएं. सेवानिवृत हो रहे सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुभव से जो प्राप्त हुआ होता है. उसमें समस्याओं के समाधान के लिए उपाय सरल होते हैं. अनुभव का अपना अलग ही महत्व होता है. जब ऐसे अनुभवी साथी सदन से जाते हैं तो सदन व राष्ट्र को बहुत बड़ी कमी महसूस होती है. उन्होंने रिटायर हो रहे सांसदों के लिए कहा कि आप बड़े मंचों पर जाकर आजादी के अमृत महोत्सव के पर्व को माध्यम बनाकर लोगों को प्रेरित करने में योगदान कर सकते हैं.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू जी ने राज्य सभा को शक्ति और अन्तरंगता प्रदान की थी.  उन्होंने ही राज्यसभा सांसदों को विभिन्न समितियों का सदस्य बनाया.  धन विधेयकों को अगर छोड़ दिया जाए तो दोनों सदन समान रूप से शक्तिशाली हैं. उन्होंने कहा कि राज्यसभा एक स्थायी सदन है. कुछ सदस्य सेवानिवृत्त होंगे. जबकि कुछ अन्य आएंगे. लेकिन यह सदन हमेशा चलता रहेगा. हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं. लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम कुशलता से काम करते रहें.  उन्होंने कहा कि राजनीति में एक कहावत है कि उतार-चढ़ाव अक्सर आते रहते हैं. लेकिन कभी भी मैदान नहीं छोड़ना चाहिए. लोगों के लिए काम करते समय हमें इसे ध्यान में रखना चाहिए.

इस साल मार्च से लेकर जुलाई तक सात मनोनीत सदस्यों सहित कुल 72 राज्यसभा सांसद सेवानिवृत्त हो रहे हैं. यह सदन की कुल संख्या के लिहाज से एक तिहाई है. जिससे आने वाले दिनों में राज्यसभा का स्वरूप काफी बदला हुआ होगा. यह पहली बार होगा. जब अकाली दल का कोई भी सदस्य इस सदन में नहीं होगा. वहीं, आम आदमी पार्टी के सदस्य संख्या भी बढ़कर नौ—दस तक हो जाएगी. हालांकि सेवानिवृत होने वाले कुछ सदस्य फिर से सदन में लौट भी सकते हैं. इनमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल प्रमुख नाम हैं. सेवानिवृत्त होने वाले सदस्य 19 राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इनमें से कुछ के पास पांच कार्यकाल का अनुभव है. राज्यसभा से सेवानिवृत्त होने वालों में एके एंटनी, अंबिका सोनी, पी चिदंबरम, आनंद शर्मा, जयराम रमेश, सुरेश प्रभु, प्रफुल पटेल, सुब्रमण्यम स्वामी, प्रसन्ना आचार्य, संजय राउत, नरेश गुजराल, सतीश चंद्र मिश्रा, एमसी मैरी कॉम, स्वप्न दासगुप्ता और नरेंद्र जाधव शामिल हैं.

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चुनाव खत्म, सपा में चाचा—भतीजा की लड़ाई फिर शुरू https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%96%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%be-%e0%a4%ad/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%96%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%be-%e0%a4%ad/#respond Wed, 02 Nov 2022 17:50:41 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1197 विनय कुमार, दिल्ली
26 मार्च 2022

समाजवादी पार्टी में वर्चस्व और अहम की लड़ाई फिर से शुरू होती हुई दिख रही है. विधानसभा चुनाव खत्म् होते ही चाचा शिवपाल यादव और भतीजा अखिलेश यादव के बीच खींचतान शुरू हो गई है. समाजवादी पार्टी के विधायक दल की बैठक गई थी. लेकिन इसमें शिवपाल यादव नहीं आए. जब उनसे इसको लेकर सवाल किया गया कि वह क्यों नहीं आए तो उन्होंने बिना लाग—लपेट कहा कि उनको बुलाया नहीं गया था. ऐसे में वह बैठक में क्यों और कैसे जाते.

यह बैठक काफी अहम थी. इसकी वजह यह थी कि इसमें सपा के विधायक दल का नेता चुना जाना था. इसमें सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने स्वयं ही विपक्ष के नेता की कमान अपने हाथ में ले ली. वह नेता प्रतिपक्ष होंगे. यह माना जा रहा है कि शिवपाल यादव को जानबूझकर बैठक में नहीं बुलाया गया था. इसकी वजह यह थी कि अखिलेश यादव गुट को यह आशंका थी कि अगर वह बैठक में होंगे तो विधायक दल के नेता के रूप में उनके समर्थक उनका नाम प्रस्तावित कर सकते थे. जिससे अखिलेश के लिए असहज स्थिति उत्पन्न हो सकती थी. यही वजह है कि शिवपाल यादव को इस बैठक की जानकारी नहीं दी गई थी. सपा की ओर से तय विधायक दल के नेता को ही नेता प्रतिपक्ष का पद हासिल होगा. यह भी भी पहले से ही तय था. इसकी वजह यह है कि सपा ही उप्र में सबसे बड़ा विपक्षी राजनीतिक दल है.

यह कहा जा रहा है कि इस बैठक में शामिल होने के लिए शिवपाल यादव इटावा से लखनऊ आ गए थे. लेकिन उन्हें लखनऊ में होने के बाद भी इस बैठक में शामिल होने के लिए किसी ने सूचना नहीं दी. जिससे वह काफी नाराज भी बताए जा रहे हैं. शिवपाल यादव ने संवाददाताओं से बात करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर भी की है.  उन्होंने कहा कि सभी विधायकों को पार्टी कार्यालय से फोन किया गया. लेकिन उन्हें कोई कॉल नहीं आया. इसके साथ ही आगे के कदम के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इसको लेकर जानकारी साझा करेंगे.    

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने मैनपुरी की करहल सीट से चुनाव लड़ा और जीत भी दर्ज की.  वह आजमगढ़ से सांसद भी थे. उन्होंने अपनी विधायकी के लिए लोकसभा से इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी हुआ करते थे लेकिन इस बार के चुनाव में वह जीत दर्ज करने में सफल नहीं हो पाए.

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केजरीवाल ने कहा अगर दिल्ली एमसीडी में भाजपा जीत जाएगी तो वह राजनीति छोड़ देंगे https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2/#respond Wed, 02 Nov 2022 17:45:00 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1194 बृजेंद्र नाथ, दिल्ली
23 मार्च 2022

पंजाब की जीत से उत्साहित दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा को सीधी चुनौती दी है. उन्होंने दिल्ली में एमसीडी चुनाव टालने के मुददे पर भाजपा पर हमलावर होते हुए कहा कि अगर समय पर चुनाव कराने के बाद भाजपा जीत जाती है तो वह राजनीति छोड़ देंगे. हालांकि केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम नहीं लिया. लेकिन एक सवाल के जवाब में कहा कि किसी की राष्ट्रीय छवि और कामयाब रणनीतिकार पर वह कुछ नहीं कह रहे हैं. लेकिन जब हम यह कहते हैं कि आम आदमी पार्टी अगर इस चुनाव में हार गई तो हम राजनीति छोड़ देंगे. उसके बाद भी बड़ी छवि और कामयाब रणनीति बनाने वाले क्यों एमसीडी चुनाव समय पर नहीं करा रहे हैं.

केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय में आया है. जब दिल्ली के तीनों नगर निगमों उत्तर—पूर्व—दक्षिणी नगर निगम को पहले की तरह एक करने संबंधी विधेयक को कैबिनेट ने एक दिन पहले ही अपनी मंजूरी दी है. केजरीवाल ने कहा कि अगर भाजपा में दम है तो वह नगर निगम चुनावों को समय पर कराए. केजरीवाल ने कहा कि अगर भगवा पार्टी इन चुनावों को समय पर कराकर जीत हासिल करती है तो आम आदमी पार्टी  राजनीति छोड़ देगी.

दिल्ली विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत में केजरीवाल ने कहा कि अगर भाजपा समय पर नगर निगम चुनाव कराती है. उसमें जीत जाती है. ऐसे में आम आदमी पार्टी राजनीति ही छोड़ देगी. केजरीवाल ने इससे संबंधित एक टवीट भी किया. जिसमें उन्होंने कहा कि ‘बीजेपी अपने आप को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है. कमाल है. दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी एक छोटी सी आम आदमी पार्टी से घबराकर भाग गयी? हिम्मत है तो MCD के चुनाव समय पर करवाकर दिखाओ.’

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने एमसीडी चुनाव की तिथि टालने को शहीदों का अपमान करार दिया. केजरीवाल ने कहा कि ‘भाजपा का दिल्ली नगर निगम का चुनाव टालना शहीदों का अपमान है, जिन्होंने अंग्रेजों को देश से भगाकर देश में जनतंत्र स्थापित करने के लिए कुर्बानियां दीं थीं. आज ये हार के डर से दिल्ली नगर निगम के चुनाव टाल रहे हैं, कल ये राज्यों और देश के चुनाव टाल देंगे.’

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