National – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com Delhi Ki Awaaz Fri, 04 Nov 2022 05:07:59 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 https://i0.wp.com/www.delhiaajkal.com/wp-content/uploads/2022/11/Black-minimalist-michael-vescera-logo.png?fit=32%2C32&ssl=1 National – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com 32 32 212602069   राष्ट्रपति उम्मीदवार पर शरद पवार का फिर इनकार, गोपाल कृष्ण गांधी और फारूक अब्दुल्ला पर संयुक्त विपक्ष का विचार https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a6%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b0/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a6%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b0/#respond Thu, 03 Nov 2022 05:29:32 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1270 विनय कुमार, दिल्ली
15 जून 2022

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से संयुक्त विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में 17 से अधिक विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया. ये सभी दल इस बात पर सहमत थे कि विपक्ष की ओर से एक संयुक्त उम्मीदवार खड़ा किया जाए. बैठक में शामिल सभी दलों ने एकमत से इस पद के लिए संयुक्त उम्मीदवार के रूप में एनसीपी प्रमुख शरद पवार का नाम लिया. हालांकि उन्होंने इससे इनकार कर दिया. जिसके उपरांत गोपाल कृष्ण गांधी और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अबदुल्ला के नाम भी सामने आए. लेकिन इस बैठक में शामिल सभी नेताओं ने यह तय किया कि वे एक बार फिर से शरद पवार से अनुरोध करेंगे. उसके बाद ही किसी अन्य उम्मीदवार के नाम पर सहमति बनाई जाएगी. ममता बनर्जी ने कहा कि उनके पास दो दिन हैं. हम सभी को जल्द ही संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार का नाम सार्वजनिक करेंगे. उन्होंने कहा कि यह एक बेहतर संकेत है कि सभी दल इस बात पर सहमत हुए हैं कि वे एक साथ आएं. यह राष्ट्रपति चुनाव के लिए हमारी शुरूआत है. उन्होंने 2024 के चुनाव में ऐसी ही विपक्षी एकता के सवाल पर कहा कि इस समय हम राष्ट्रपति चुनाव की बात कर रहे हैं. ममता बनर्जी की इस बैठक को विपक्षी दलों की ओर से एक सफल आयोजन माना जा रहा है. पहले इसकी सफलता को लेकर स्वयं विपक्षी दलों के अंदर असमंजस की स्थिति थी.

ममता बनर्जी की ओर से आयोजित इस बैठक में आम आदमी पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति और अकाली दल ने हिस्सा नहीं लिया. जबकि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने स्वयं शरद पवार से मुलाकात की थी. इसी तरह से विपक्ष के उम्मीदवार को लेकर तेलंगाना राष्ट्र समिति के प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने भी पवार से भेंट की थी. इन दलों के बैठक में नहीं आने पर ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी कुछ व्यस्तता रही होगी. उन्होंने यह भी कहा कि यह एक बड़ी उपलब्धि है कि सभी विपक्षी दलों ने इस बात की जरूरत महसूस की कि उनको साथ बैठना चाहिए. ममता बनर्जी ने इस बात के भी संकेत दिए कि वह इस बात से प्रसन्न है कि इसमें कांग्रेस भी शामिल है. उन्होंने कहा कि यहां पर कांग्रेस भी है. यह संकेत है कि विपक्ष के सभी दल चाहते हैं कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए वह एक साथ आएं. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत हुई तो वह स्वयं बैठक में नहीं आने वाले दलों के प्रमुखों से बात करेंगी. उनसे शरद पवार भी बात करेंगे. एनसीपी के शरद पवार के साथ प्रफुल्ल पटेल भी बैठक में उपस्थित थे. शरद पवार ने कहा कि उनका नाम सभी दलों ने प्रस्तावित किया है. इसके लिए वह उनका धन्यवाद करते हैं. वह उनके प्रस्ताव का सम्मान करते हैं. लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया है. वह चाहते हैं कि इसके लिए किसी अन्य योग्य व्यक्ति का नाम सामने आए. वह इस अभियान में अपनी भूमिका अदा करेंगे.

इस बैठक में 17 विपक्षी दलों का एक साथ आना चौंकाने वाला था. पहले यह माना जा रहा था कि इस बैठक में अधिकतम आधा दर्जन या उससे कुछ अधिक दल ही शामिल होंगे.  ममता बनर्जी की बैठक में विशेषकर कांग्रेस की उपस्थिति से यह साफ संकेत मिले कि 2024 के अभियान में कांग्रेस अपनी ओर से कुछ समझौता करने को भी तैयार है. जिससे उस पर  विपक्षी एकता को कमजोर करने का आरोप न लगने पाए. ममता बनर्जी की इस बैठक में कांग्रेस, एनसीपी, सपा, डीएमके, सीपीआई, सीपीएम, सीपीआईएमएल, आरएसपी, शिवसेना, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, राष्ट्रीय लोकदल, जेडीएस, झारखंड मुक्ति मोर्चा, आईयूएमएल जैसे दल शामिल हुए. अपने खराब स्वास्थ्य के बावजूद इसमें पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा भी शामिल हुए. जबकि कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खड़गे— जयराम रमेश और रणदीप सुरजेवाला, एनसीपी से शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल, राजद से मनोज झा, नेशनल कांफ्रेंस से उमर अब्दुल्ला, पीडीपी से महबूबा मुफती, राष्ट्रीय लोकदल से जयंत चौधरी, सपा से अखिलेश यादव उपस्थित हुए. 

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मनीष सिसोदिया बोले: भाजपा दिल्ली में चाहती थी एकनाथ शिंदे मॉडल,भाजपा बोली हम चिमटे से भी नहीं छूएंगे https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%b7-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%aa%e0%a4%be/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%b7-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%aa%e0%a4%be/#respond Wed, 02 Nov 2022 20:53:39 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1264 बृजेंद्र नाथ,  दिल्ली
22 अगस्त 2022

दिल्ली की नई आबकारी नीति को लेकर भाजपा – आम आदमी पार्टी लगातार एक दूसरे पर हमलावर बनी हुई है. भाजपा ने सोमवार को जहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर प्रदर्शन कर उनके इस्तीफा की मांग की. वहीं, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उनको भाजपा की ओर से संदेश आया था. उन्हें दिल्ली में एकनाथ शिंदे मॉडल से मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया गया है. लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. उनके इस दावे पर भाजपा ने पलटवार किया. उसने कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कट्टर भ्रष्टाचारी हैं. उनको भाजपा चिमटे से भी नहीं छूएगी. इससे एक दिन पहले सिसोदिया ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी होने का दावा भी किया था. जिसे भाजपा और सीबीआई ने नकार दिया था.
 मनीष सिसोदिया ने भाजपा की ओर से संदेश आने की जानकारी देते हुए कहा कि मेरे पास भाजपा का संदेश आया है. आप छोड़कर भाजपा में आ जाओ. सारे सीबीआई – ईडी के केस बंद करवा देंगे. मेरा भाजपा को जवाब. मैं महाराणा प्रताप का वंशज हूं. राजपूत हूं. सर कटा लूंगा. लेकिन भ्रष्टाचारियों- षड्यंत्रकारियों के सामने नहीं झुकूंगा. मेरे खिलाफ सारे केस झूठे हैं. जो करना है. कर लो.  सिसोदिया ने कहा कि भाजपा के पास दिल्ली में कोई चेहरा नहीं है. यही वजह है कि उसने दिल्ली में भी एकनाथ शिंदे मॉडल से अपनी सरकार बनाने की योजना बनाई है. लेकिन भाजपा नहीं जानती है कि अरविंद केजरीवाल का हर कार्यकर्ता मर सकता है. लेकिन गद्दारी नहीं कर सकता है.
 मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा केजरीवाल की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है. दिल्ली और पंजाब के बाद गुजरात में भी आम आदमी पार्टी चुनाव जीतने वाली है. वहां की जनता जिस तरह से अपना समर्थन हमें दे रही है. उसे देखते हुए यह केजरीवाल को रोकने की रणनीति है. आबकारी नीति एक बहाना है. जिस मामले में हमने ही सीबीआई जांच की मांग की है. उसमें हमें ही फसाने का कार्य किया जा रहा है. जनता भाजपा की चाल और चरित्र समझ गई है. भाजपा चाहे तो मुझे जेल में डाल दे. लेकिन हमारी लड़ाई रुकेगी नहीं. गुजरात में भाजपा के 27 साल के कुशासन को हम खत्म करेंगे. इसके लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ मैं भी गुजरात जा रहा हूं. 
सीबीआई ने इससे पहले सिसोदिया के घर पर दबिश दी थी. यह छापा आबकारी नीति 2021- 22 में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में डाला गया था. करीब 11 घंटे की जांच के बाद सीबीआई ने FIR दर्ज करते हुए 15 लोगों को नामजद किया है. इस FIR में मनीष सिसोदिया को आरोपी नंबर 1 बनाया गया है. इस एफआईआर के बाद सिसोदिया ने एक ट्वीट किया था. जिसमें उन्होंने लिखा था कि आपके सभी छापे विफल हो गए हैं. कुछ भी नहीं मिला. एक पैसे की भी हेराफेरी नहीं हुई. अब आपने लुकआउट नोटिस जारी किया है. इसमें कहा गया है कि मनीष सिसोदिया नहीं मिल रहे हैं. यह क्या नाटक है. मैं दिल्ली में खुलेआम घूम रहा हूं. मुझे बताओ कि मुझे कहां आना है. क्या आप मुझे ढूंढ नहीं पा रहे हैं.

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मल्टीनेशनल कंपनियों को स्वदेशी चुनौती:  बाबा रामदेव 5 साल में चार कंपनियों का आईपीओ लाएंगे https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8/#respond Wed, 02 Nov 2022 20:49:21 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1260 संदीप जोशी, दिल्ली
16 सितंबर 2022

देश और दुनिया में योग तथा आयुर्वेद को पहचान दिलाने के बाद योग गुरु बाबा रामदेव देश के अग्रणी कारोबारी बनने की दिशा में भी बढ़ रहे हैं.  पतंजलि फूड्स का मार्केट कैप 50000 करोड रुपए तक पहुंचाने के उपरांत बाबा रामदेव ने अगले 5 साल में चार नई कंपनियों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने का ऐलान किया है. यह कंपनियां पतंजलि आयुर्वेद, पतंजलि वैलनेस, पतंजलि मेडिसिन और पतंजलि लाइफस्टाइल होंगी. बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि फूड्स का कारोबार अगले 5 साल में एक लाख करोड़ रुपए के करीब होगा. इसके अलावा जो 4 नई कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध की जा रही है. उन कंपनियों का कारोबार भी एक लाख करोड़ रुपए प्रति कंपनी का लक्ष्य रखा गया है. इस तरह से अगले 5- 7 साल में पतंजलि समूह की कंपनियों का टर्नओवर 5 लाख करोड़ रुपए होगा. उन्होंने कहा कि पतंजलि अगले 5-7 साल में 5 लाख प्रत्यक्ष रोजगार भी देगी.

पाम ऑयल- शिक्षा और वैलनेस

बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि अगले कुछ सालों में 15 लाख एकड़ भूमि पर पाम ऑयल के पेड़ लगाएगी. इससे अगले 40 वर्ष तक प्रति वर्ष 2000 करोड़ रुपए की आय का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि इससे देश में खाद्य तेल में विदेशी निर्भरता को भी कम किया जा सकेगा. इस समय खाद्य तेल बड़ी मात्रा में आयात किया जाता है. उनकी परियोजना के क्रियान्वित होने से  खाद्य तेलों का आयात कम होगा. जिससे विदेशी मुद्रा भी बचेगी. उन्होंने इसके साथ ही अगले 5 साल में देश के अंदर एक लाख पतंजलि विद्यालय बनाने का भी ऐलान किया. उन्होंने कहा कि इसके लिए शिक्षा बोर्डों से मान्यता भी हासिल की जाएगी. बाबा रामदेव ने एक बार फिर एलोपैथी पर हमला करते हुए कहा कि इसके माध्यम से केवल किसी रोग पर तात्कालिक रोक लगाई जा सकती है. लेकिन किसी भी रोग को जड़ से आयुर्वेद ही खत्म कर सकता है. अगर सर्जरी की बात छोड़ दी जाए तो 98% रोगों पर आयुर्वेद प्रभावी है. उन्होंने और पतंजलि ने इसे साबित करके दिखाया है. उन्होंने कहा कि भले ही एलोपैथी माफिया उनके खिलाफ तमाम तरह के प्रपंच करे. लेकिन आयुर्वेद और योग को निरोगता का विकल्प बनाने का उनका अभियान जारी रहेगा. वह अगले 5-7 साल में 1 लाख वैलनेस सेंटर खोलेंगे.

झूठा प्रचार , घिनौना षड्यंत्र

बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ लोग , समूह और राजनीतिक दल उनसे व्यक्तिगत ईर्ष्या रखते हैं. वह इस बात को हजम नहीं कर पा रहे हैं कि एक अनपढ़ माता-पिता का सरकारी स्कूल और गुरुकुल में पढ़ने वाला रामदेव इतनी बड़ी कंपनियों का संचालन कैसे करने लगा है. इस वजह से कभी उनके तो कभी पतंजलि समूह के उत्पाद को लेकर घिनौने षड्यंत्र -झूठे प्रचार किए जाते हैं. वह पहले इस तरह के प्रचार पर ध्यान नहीं देते थे. लेकिन इस बार झूठा प्रचार करने वाले करीब 100 लोगों के खिलाफ कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं. बाबा रामदेव ने कहा कि उत्तराखंड घनसाली में पतंजलि घी के खिलाफ एक षड्यंत्र हुआ. जिसमें इसे फेल करार दिया गया. जबकि पतंजलि का घी ऑस्ट्रेलिया के मानक पर खरा पाया गया. आखिर यह कैसे हुआ. उन्होंने कहा कि घनसाली उत्तराखंड में कुछ अधिकारियों ने उनके घी को फेल कर दिया. जब उन्होंने इसकी शिकायत की तो घी की जांच गाजियाबाद की सरकारी लैब में की गई. जहां यह पास हो गया. जिससे यह साफ है कि कुछ खास अधिकारियों ने कुछ खास लोगों से मिलीभगत कर पतंजलि घी के खिलाफ षड्यंत्र किया था. इसमें किसी सरकार या सत्ताधारी पार्टी का हाथ नहीं था. उन्होंने कहा कि सरकार घी को लेकर केवल कुछ ही टेस्ट करती है. लेकिन पतंजलि अपने घी को लेकर 75 तरह के मानक पर जांच करती है. ऐसे में पतंजलि घी में कोई गड़बड़ी हो ही नहीं सकती है. उन्होंने कहा कि न केवल घी बल्कि कभी एलोवेरा तो कभी हमारे आंवला उत्पाद को लेकर भी झूठा प्रचार और षड्यंत्र किया जाता रहा है. लेकिन इसके बावजूद पतंजलि लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि उनसे नफरत रखने वाले लोगों ने तो यहां तक कहा कि बाबा ने विदेश में जाकर अपने घुटनों और पेट की आंत का ऑपरेशन करा लिया है. जबकि वह सभी को योग से ठीक करने का दावा करते हैं. इसी तरह से यह दुष्प्रचार भी किया गया कि बाबा रामदेव ने बाईपास सर्जरी कराई है. लेकिन झूठ बहुत दिन तक जिंदा नहीं रहता है. वह लगातार टीवी चैनल पर योग कर रहे हैं. जिससे उनके स्वास्थ्य की जानकारी स्वयं सार्वजनिक हो रही है. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दवा माफिया, खाद्य माफिया और कई अन्य लोग सक्रिय हैं. लेकिन उन्होंने पिछले 50 साल में कभी भी प्रकृति के विधान और देश के संविधान का उल्लंघन नहीं किया है. यही वजह है कि उनका योग और पतंजलि के उत्पाद लगातार बढ़ रहे हैं. वह दुनिया के 80% आबादी को योग से ठीक करने के अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार बढ़ते रहेंगे.

लंपी – काला धन

देश में जानवरों के बीच फैल रही लंपी बीमारी को लेकर उन्होंने कहा कि पतंजलि इस पर कार्य कर रहा है. जब भी इसका निदान मिलेगा. उसे पतंजलि सार्वजनिक करेगा. उन्होंने कहा कि इस बीमारी के बीच भी हमने अपनी एक भी गाय को इससे मरने नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि जब कोरोना से लड़ने के लिए पतंजलि ने कोरोनील बनाई थी. उस समय भी पतंजलि पर लोगों ने सवाल उठाए थे. देश में काला धन वापस लाने के अपने अभियान को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि उन्होंने एक मुद्दा उठाया था. इसके लिए वर्ष 2009 से 2013 तक उन्होंने लगातार संघर्ष किया. जिसकी वजह से उस समय सत्ता में बैठे कुछ लोग उनके खिलाफ हो गए थे. उन्होंने इस मुद्दे पर अपना काम कर दिया है और इसे मुल्क के निजाम पर छोड़ दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर कहा कि देश में कई तरह के विकास कार्य हो रहे हैं. कई मोर्चों पर बेहतर कार्य किया जा रहा है. ऐसे में वह स्वयं राजनीतिक मुद्दों से दूर रहकर पतंजलि के विस्तार कार्य करने में जुटे हुए हैं. उनका पहला और अंतिम लक्ष्य देश में लोगों को निरोग रखना और योग का विस्तार करना है. जिसके माध्यम से कई तरह की बीमारी को खत्म किया जा सकता है.

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आजम खान के समर्थन में मायावती के टवीट से उप्र की राजनीति में नए समीकरण की संभावना https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%86%e0%a4%9c%e0%a4%ae-%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%86%e0%a4%9c%e0%a4%ae-%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be/#respond Wed, 02 Nov 2022 20:45:36 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1251 विनय कुमार, दिल्ली
12 मई 2022

जेल में बंद सपा नेता आजम खान के समर्थन में बसपा सुप्रीमों मायावती ने एक टवीट किया है. इसमें उन्होंने कहा है कि उनको दो साल से जेल में बंद रखना न्याय का गला घोंटने की तरह है. मायावती ने एक के बाद एक तीन टवीट कर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा. हालांकि मायावती ने भाजपा सरकार पर हमला किया है.  लेकिन सपा के नेताओं का मानना है कि उनके टवीट में जो नजर आता है. उनके टवीट का लक्ष्य इसके विपरीत है. सपा नेताओं का मानना है कि मायावती यह प्रयास कर रही हैं कि आजम खान के बहाने वह मुसलमानों को सपा से दूर कर पाएं. इसमें उनको परोक्ष रूप से भाजपा का समर्थन मिल रहा है. इन दिनों आजम खान के परिजन और समर्थक सपा से नाराज हैं. उनका कहना है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनको जेल से छुड़ाने के लिए केाई भी बड़ा आंदोलन नहीं चलाया. जबकि आजम खान ने सपा को खड़ा करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ पार्टी को दिया है.

मायावती ने अपने एक के बाद एक टवीट में भाजपा सरकार की ओर से विभ्न्नि राज्यों में चलाए जा रहे बुलडोजर अभियान को गरीब, प्रवासी, मजदूर विरोधी करार दिया. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा भी कांग्रेस की तरह ही गरीबों, दलितों, आदिवासियों, मुस्लिमों पर जुल्म कर रही है. उन्होंने कहा कि इसका प्रमाण आजम खान जैसे वरिष्ठ नेता को दो साल से जेल में रखना है. यह लोगों को न्याय का गला घोंटने जैसा लग रहा है. उनके इन टवीट से उप्र सहित दिल्ली की राजनीति में भी नया समीकरण बनने की संभावना बढ़ गई है. लेकिन रोचक यह है कि सपा ने उनके इस टवीट को भाजपा की शह पर किया गया कार्य करार दिया है. सपा का कहना है कि टवीट में जो दिख रहा है. उस तरह की बात नहीं है. यह सपा के साथ मजबूती से खड़े मुसिल्म समाज को बांटने की रणनीति है. जिसमें बसपा केंद्र की भाजपा सरकार का मोहरा बन रही है.

सपा के एक नेता ने कहा कि मुसलिमों को अपनी हार की वजह बताने वाली मायावती आखिर इतनी मुसलिम हितैषी कैसे हो गईं. वह खुले तौर पर आजम खान का विरोध करती रही हैं. ऐसे में रातों—रात उनका हृदय परिवर्तन कैसे हो गया. इसकी दो वजह है. एक, वह केंद्रीय एजेंसियों के डर से भाजपा के खिलाफ  नहीं जाना चाहती हैं. दो, बसपा सुप्रीमों के इन टवीट के पीछे भाजपा की रणनीति है. जो नहीं चाहती है कि मुसलिम समाज सपा के साथ रहे. वह चाहती है कि इसमें टूट—फूट हो. जिससे सपा कमजोर हो और भाजपा को और अधिक मजबूत बनने का अवसर हासिल हो. हालांकि मायावती के टवीट पर आजम खान के परिवार की ओर से कोई बयान नहीं आया है. लेकिन यह माना जा रहा है कि मायावती ने सही समय पर यह टवीट किया है. इससे मुसलिम वर्ग में उनको अपनी पार्टी की बढ़त बनाने में सहायता मिल सकती है. एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह देखना रोचक होगा कि टवीट के बाद क्या मायावती जेल में आजम खान से मिलने जाती हैं. उससे उप्र की राजनीति के नए समीकरण स्पष्ट हो सकते हैं.

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सुनील जाखड़ और केवी थॉमस को दो साल के लिए कांग्रेस से निलंबित करने की सलाह https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%a5%e0%a5%89%e0%a4%ae%e0%a4%b8-%e0%a4%95/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%a5%e0%a5%89%e0%a4%ae%e0%a4%b8-%e0%a4%95/#respond Wed, 02 Nov 2022 20:33:17 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1242 विनय कुमार, दिल्ली
26 अप्रैल 2022

कांग्रेस ने अनुशासनहीनता के आरोप में पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद सुनील जाखड़ के साथ ही केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री केवी थॉमस के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है. पार्टी की अनुशासन समिति ने इन दोनों ही  नेताओं को दो साल के लिए पार्टी से निलंबित करने की अनुशंसा की है. इस मामले में अंतिम फैसला पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी लेंगी. सुनील जाखड़ पंजाब चुनाव के दौरान लगातार तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ हमलावर बने हुए थे. उन पर यह आरोप भी लगाया गया था कि उन्होंने दलित समाज से आने वाले चन्नी के साथ ही समस्त दलित समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है. वहीं, केवी थॉमस ने पार्टी निर्देशों को अनदेखा करते हुए सीपीआईएम के राष्ट्रीय अधिवेशन में हिस्सा लिया था. उनका कहना था कि जब स्वयं पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी वामपंथी दलों के साथ गठबंधन करने के साथ ही उनके मंचों पर जाते रहे हैं तो उनको इससे क्यों मना किया जा रहा है. उन्होंने कहा था कि वह सीपीआईएम के अधिवेशन में वक्ता की हैसियत से जा रहे हैं. यह पार्टी पर निर्भर करता है कि वह उनके खिलाफ क्या कार्रवाई करती है. वह अपने फैसले से पीछे नहीं होंगे.

इन दोनों नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा के लिए कांग्रेस ने पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटोनी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की थी. इसमें तारिख अनवर, जेपी अग्रवाल, जी परमेश्वर, अंबिका सोनी शामिल थीं. मंगलवार को इस समिति की बैठक हुई. जिसमें यह फैसला किया गया कि पार्टी के नियमों और अनुशासन की अवेहलना करने वाले इन दोनों नेताओं को पार्टी के सभी पदों से मुक्त करते हुए दो साल के लिए पार्टी से निलंबित किया जाए. मंगलवार को हुई बैठक में हालांकि अंबिका सोनी उपस्थित नहीं थी. अनुशासन समिति की इस सिफारिश के आने के बाद सुनील जाखड़ ने कहा कि वह कांग्रेस को अपनी शुभकामनाएं देते हैं. कांग्रेस की इस अनुशासन समिति ने मेघालय में उन पांच विधायकों के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा की है. जो पार्टी निर्देशों को धत्ता बताते हुए मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस में शामिल हो गए हैं.

यह पहले से ही तय माना जा रहा था कि जाखड़ और थॉमस के खिलाफ कार्रवाई होगी. इन दोनों नेताओं को कारण बताओं नोटिस भी जारी किया गया था. थॉमस ने तो इसका जवाब दिया था.  लेकिन सुनील जाखड़ ने इसका जवाब तक  नहीं दिया था. उनका कहना था कि पंजाब चुनाव ने यह साबित कर दिया कि वह सही थे. उन्होंने कहा था कि चन्नी कांग्रेस के लिए बोझ बन जाएंगे. उनके नेतृत्व में पार्टी राज्य में चुनाव बुरी तरह हारेगी. यह अंतत: सच हुआ है. उनकी बात सही साबित हुई है. ऐसे में वह कोई जवाब क्यों दें. मंगलवार को अनुशासन समिति की बैठक से पहले इसको लेकर किये गए एक सवाल में जवाब में उन्होंने कहा कि आज सिर उनके कलम होंगे, जिनमें जमीर बाकी है. यह माना जा रहा है कि थॉमस सीपीआईएम की सदस्यता ग्रहण कर  लेंगे. उन्हें सीपीआईएम उप—चुनाव में उतारने पर भी विचार कर रही है. थॉमस जिस क्षेत्र से आते हैं. वहां पर उनकी मजबूत पकड़ है. यही वजह है कि तमाम प्रयास के बाद भी वहां पर सीपीआईएम जीत नहीं पाती थी. लेकिन कांग्रेस ने इस बार थॉमस को टिकट ही नहीं दिया था. उसी समय से यह माना जा रहा था कि सीपीआईएम उनको अपने पाले में लाने के लिए कदम उठाएगी.

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अगले साल तक देश का हर मोबाइल फोन हो जाएगा 4जी https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%87/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%87/#respond Wed, 02 Nov 2022 20:29:46 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1239 संदीप जोशी, दिल्ली
28 अप्रैल 2022

देश में अगले साल तक हर 2जी मोबाइल फोन को 4जी में बदलने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. उसने यह तय किया है कि वह देश के हर एक टॉवर को 4जी तकनीक से लैस करेगी. इसके प्रथम चरण में केंद्रीय कैबिनेट ने एक दिन पहले ही नक्सल प्रभावित इलाकों में 2342 मोबाइल टॉवर को अपग्रेड कर 4जी तकनीक से चलाने का निर्णय किया है.

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि हमनें स्वदेशी 4जी तकनीक विकसित कर ली है. यह मौजूदा विदेशी 4जी तकनीक से काफी अधिक प्रभावी और सस्ती भी है. इससे हम आने वाले समय में स्वदेशी तकनीक पर 5जी सेवा भी लांच कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि यह निर्णय भी किया गया है कि अगले साल के अंत तक देश के सभी टॉवरों को 4जी सेवा से लैस कर दिया जाए. इसके लिए अगले चरण में करीब 6 हजार टॉवर और उसके उपरांत 1 लाख टॉवरों को 4जी सेवा से लैस किया जाएगा. इससे हर व्यक्ति का फोन 4जी हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि देश में 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी मई—जून तक हो जाएगी. जिससे देश में अगस्त—सितंबर तक अधिकारिक रूप से 5जी सेवा शुरू हो जाएगी. इंडस्ट्री ने यह कहा है कि 5जी स्पेक्ट्रम कुछ महंगा है. इसको लेकर उनसे हम बात करने को तैयार हैं. यह मामला सुलझा लिया जाएगा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गांवों में इंटरनेट पहुंचाने के लिए भारत नेट को बीएसएनएल के साथ मिला दिया गया है. वहां पर स्थानीय व्यक्ति को इंटरनेट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जा रही है. यह इस योजना का प्रभाव है कि गांव में भी प्रति मोबाइल यूजर 70—80 जीबी डाटा की खपत सामने आ रही है. हमें उम्मीद है कि जल्द ही एमटीएनएल और बीएसएनएल फिर से बेहतर व्यवसायिक कारोबार करने में सक्षम होंगे.

बॉक्स: मोबाइल के दामों में दखल नहीं देगी सरकार, 15 अगस्त को पीएम कर सकते हैं पहली 5जी कॉलिंग
सूत्रों के मुताबिक 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में पहली 5जी तकनीक आधारित कॉल कर सकते हैं. यही वजह है कि दूरसंचार मंत्रालय किसी भी हालत में मई—जून में 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी करना चाहता है. वहीं, मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि मोबाइल कंपनियां अगर दरों में इजाफा करती है तो उसमें सरकार दखल नहीं देगी. यह कार्य ट्राई और प्रतिस्पर्धा आयोग का है कि वह यह देखें कि क्या कंपनियां मिलकर तो दाम नहीं बढ़ा रही है. इसमें मंत्रालय का दखल नहीं होता है.

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सिग्नेचर ब्रिज पर सड़क हादसे रोकेंगे ‘ प्लास्टिक के कोन ‘ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9a%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9c-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%be/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9a%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9c-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%be/#respond Wed, 02 Nov 2022 20:09:55 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1233 14 October 2022

बृजेंद्र नाथ , दिल्ली

राजधानी में अत्याधिक सड़क हादसों वाले ब्लैक स्पॉट में सिग्नेचर ब्रिज शामिल है. यहां आये दिन सड़क हादसे होते हैं. जिनमें कई बार लोगों की जान चली जाती है. इसे सुरक्षित बनाने के लिए गैर सरकारी संस्था सेव लाइफ फाउंडेशन ने कई सरकारी विभागों के साथ मिलकर यहां अस्थायी बदलाव किए हैं. भारत में पहली बार किसी ब्रिज पर इस तरह के अस्थायी बदलाव लोगों को सुरक्षित बनाने के लिए किया गया है. यहां पर वर्ष 2018-21 के दौरान 53 सड़क हादसे हुए हैं. जिनमें 17 लोगों की जान गई है.

नवंबर 2018 में सिग्नेचर ब्रिज का उद्घाटन हुआ था. यह ब्रिज जहां एक तरफ लोगों के लिए घूमने की जगह है तो वहीं दूसरी तरफ इससे उत्तरी दिल्ली से उत्तर-पूर्वी दिल्ली पहुंचना आसान हो गया. लेकिन यहां पर आये दिन सड़क हादसे भी होने लगे. इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार के निर्देश पर सेव लाइफ फाउंडेशन ने ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी आदि के साथ मिलकर यहां अस्थायी बदलाव कर सिग्नेचर ब्रिज को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया है. यहां पर कोन का इस्तेमाल कर सड़क को पैदल एवं साइकिल चलाने वालों के लिए सुरक्षित बनाया गया है. इनके सकारात्मक परिणाम आने पर सरकार इस व्यवस्ता को स्थायी कर सकती है.

डायलोग और डेवलपमेंट कमिशन के उपाध्यक्ष जास्मिन शाह ने कहा कि दिल्ली सरकार सड़क हादसों को कम करने के लिए इस तरह से कदम उठा रही है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली को 2047 तक दुनिया का नंबर एक शहर बनाना चाहते हैं. इसके लिए सरकार विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि ब्लैक स्पॉट वाली जगहों को सड़क हादसों से मुक्त बनाया जा सके. 

सेव लाइफ फाउंडेशन के सीईओ पीयूष तिवारी के अनुसार सिग्नेचर ब्रिज के दोनों तरफ लगभग 4 से 5 फीट जगह को कोन लगाकर राहगीर, साइकिल चालक, रिक्शा चालक, रेहड़ी आदि चलाने वालों के लिए आरक्षित किया गया है. सड़क अलग होने वाली जगहों पर तेज घुमाव वाली जगह को पहले ही अलग कर दिया गया है ताकि गाड़ियां आपस में न टकराएं. इसके अलावा वाहनों की गति को कम करने के भी उपाय किये गये हैं.

पीयूष तिवारी के अनुसार सड़क हादसों को कम करने के लिए इसकी संभावना को कम करना आवश्यक है. सिग्नेचर ब्रिज पर हुए बदलाव से पैदल चलने वाले लोगों के सड़क हादसे का शिकार होने की सं‌भावना 83 फीसदी कम हो गई है. इससे पूर्व भलस्वा चौक, राजघाट चौक, गांधी विहार और बुराड़ी चौक पर भी इस तरह के बदलाव किए गये हैं.

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अटल इनोवेशन मिशन के विस्तार को मंजूरी दी, दस हजार अटल टिंकरिंग, 101 अटल इन्क्यूबेशन सेंटर; 50 अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर स्थापित किए जायेंगे https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%85%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%85%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4/#respond Wed, 02 Nov 2022 19:47:12 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1182 8 April 2022

संदीप जोशी , दिल्ली

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) को मार्च 2023 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है. एआईएम देश में एक नवाचार की संस्कृति और उद्यमशीलता से संबंधित इकोसिस्टम विकसित करने के अपने अभीष्ट लक्ष्य पर काम करेगा. एआईएम द्वारा यह काम अपने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से किया जाएगा.

एआईएम द्वारा प्राप्त किए जाने वाले अभीष्ट लक्ष्य हैं

• 10,000 अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) की स्थापना करना,

• 101 अटल इन्क्यूबेशन सेंटर (एआईसी) की स्थापना करना,

• 50 अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (एसीआईसी) की स्थापना करना और

• अटल न्यू इंडिया चैलेंजेज के माध्यम से 200 स्टार्टअप को सहायता प्रदान करना।

उपरोक्त सेंटरों की स्थापना और लाभार्थियों को सहायता प्रदान करने की इस प्रक्रिया में कुल 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निर्धारित बजट खर्च किया जाएगा.

अटल इनोवेशन मिशन को  वित्त मंत्री द्वारा वर्ष 2015 के बजट भाषण में की गई घोषणा के अनुरूप नीति आयोग के तहत स्थापित किया गया है. एआईएम का मुख्य उद्देश्य स्कूल, विश्वविद्यालय, अनुसंधान संस्थानों, सूक्ष्य, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और उद्योगों के स्तरों पर विभिन्न उपायों के माध्यम से देश भर में नवाचार और उद्यमिता का एक इकोसिस्टम बनाना और उसे बढ़ावा देना है. एआईएम ने बुनियादी ढांचे के निर्माण और संस्थानों निर्माण दोनों पर ध्यान केंद्रित किया है. जैसा कि निम्नलिखित उदाहरणों से स्पष्ट है. एआईएम ने राष्ट्रीय और वैश्विक, दोनों स्तर पर नवाचार से जुड़े इकोसिस्टम को एकीकृत करने की दिशा में काम किया है.

एआईएम ने नवाचार और उद्यमिता के मामले में सहक्रियात्मक सहयोग विकसित करने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ द्विपक्षीय संबंध बनाए हैं. जिनमें रूस के साथ एआईएम– एसआईआरआईयूएस छात्र नवाचार विनिमय कार्यक्रम, डेनमार्क के साथ एआईएम– आईसीडीके (इनोवेशन सेंटर डेनमार्क) वाटर चैलेंज और ऑस्ट्रेलिया के साथ आईएसीई (इंडिया ऑस्ट्रेलियन सर्कुलर इकोनॉमी हैकाथॉन) शामिल हैं.

एआईएम ने भारत और सिंगापुर के बीच आयोजित एक इनोवेशन स्टार्टअप समिट, इन्स्प्रेन्योर, की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

 एआईएम ने रक्षा नवाचार संगठन, जोकि रक्षा के क्षेत्र में नवाचार के साथ-साथ खरीद को बढ़ावा दे रहा है, की स्थापना के लिए रक्षा मंत्रालय के साथ भागीदारी की.

पिछले कुछ वर्षों में, एआईएम ने देश भर की नवाचार की गतिविधियों को एकीकृत करने के लिए एक संस्थागत तंत्र प्रदान करने के लिए काम किया है. अपने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इसने लाखों स्कूली बच्चों में नवाचार के प्रति रुचि पैदा की है. एआईएम समर्थित स्टार्टअप ने सरकारी और निजी इक्विटी निवेशकों से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई है और कई हजार नौकरियां पैदा की हैं. एआईएम ने राष्ट्रीय हित के विभिन्न विषयों से संबंधित नवाचार की चुनौतियों का भी समाधान किया है. एआईएम के कार्यक्रमों में 34 राज्यों एवं केन्द्र – शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है. जिसका लक्ष्य नवाचार से जुड़े इकोसिस्टम में अधिक से अधिक भागीदारी को प्रेरित करते हुए भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश का फायदा उठाना है.

केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा जारी रखे जाने की मंजूरी मिलने के साथ, एआईएम के जिम्मे नवाचार से संबंधित एक ऐसा समावेशी इकोसिस्टम बनाने का एक और भी बड़ा दायित्व आ गया है. जिसमें नवाचार और उद्यमिता की गतिविधियों में संलग्न होना लगातार आसान होता जाए.

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कांग्रेस का चिंतन शिविर नौ साल बाद फिर से राजस्थान में https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%a8/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%a8/#respond Wed, 02 Nov 2022 19:17:20 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1221 विनय कुमार, दिल्ली
19 अप्रैल 2022

पांच राज्यों में करारी हार की वजह तलाश करने और आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति पर विचार करने के लिए कांग्रेस ने नौ साल बाद राजस्थान में अपना चिंतिन शिविर आयोजित करने का फैसला किया है. इस तीन दिन के अधिवेशन में कांग्रेस के 700 से अधिक नेता शिरकत करेंगे. इसका आयोजन 14—16 मई के बीच किया जाना प्रस्तावित है.

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी भी इसमें हिस्सा लेंगे. यह उम्मीद की जा रही है कि इस चिंतन शिविर से पहले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी औपचारिक रूप से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर लेंगे और इस शिविर में हिस्सा लेंगे.

इस शिविर में देश भर से आए प्रतिनिधियों से पांच राज्यों की चुनावी हार पर उनकी राय हासिल की जाएगी. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ चुनाव की रणनीति को लेकर भी विमर्श किया जाएगा.

कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि इस शिविर में कांग्रेस के सभी महासचिव भी हिस्सा लेंगे. यहां पर लोकसभा चुनाव 2024 में विभिन्न दलों के साथ गठबंधन पर चर्चा के साथ ही प्रशांत किशोर की ओर से दिए गए सुझाव पर भी मंथन किया जाएगा. इसमें यह भी तय किया जाएगा कि लोकसभा चुनाव में मुकाबला के लिए कांग्रेस की क्या रणनीति रहेगी.

आम चुनाव 2024 में राहुल गांधी को बतौर प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किये जाने पर क्या इस शिविर में चर्चा होगी. इसके जवाब में कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि पहले हमें कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त करना है. वह हमारी प्राथमिकता है. उसके लिए संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है. प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा. यह कांग्रेस से होगा या संयुक्त् विपक्ष बनने पर किसी अन्य दल से उम्मीदवार सामने आएगा. यह सभी बिंदु चुनाव के समय ही तय किये जा सकते हैं. लेकिन शिविर में लोकसभा चुनाव के लिए बड़े स्तर पर एक चर्चा जरूर होगी.

कांग्रेस ने इससे पहले 2013 में राजस्थान के जयपुर में अपना चिंतन शिविर आयोजित किया था. जिसमें राहुल गांधी को उस समय उपाध्यक्ष बनाने का ऐलान किया गया था. हाल ही में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में यह फैसला किया गया था कि चुनावी हार पर मीमांसा के लिए कांग्रेस एक बार फिर से चिंतन शिविर का आयोजन करेगी. 

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स्कूलों के लिए कोरोना गाइडलाइन जारी करेगी दिल्ली सरकार https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%87/ https://www.delhiaajkal.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%87/#respond Wed, 02 Nov 2022 19:13:43 +0000 https://highfaz.com/delhiajkl/?p=1218 बृजेंद्र नाथ, दिल्ली
14 अप्रैल 2022

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कोरोना के मामले एक बार फिर बढ़ने के बीच दिल्ली सरकार ने कहा है कि वह स्कूलों के लिए गाइडलाइंस जारी करेगी. दिल्ली में स्कूल 4 अप्रैल से खुले हैं.

दिल्ली सरकार ने यह फैसला हाल ही में दक्षिणी दिल्ली के एक निजी स्कूल में सामने आए कोरोना के मामले के बाद लिया है. यहां पर एक टीचर और उसकी कक्षा के एक बच्चे में कोरोना के लक्षण पाए गए थे. इसके बाद स्कूल प्रशासन ने संबंधित कक्षा के सभी बच्चों को घर भेज दिया था.

दिल्ली में कोरोना मामलों में इजाफा दर्ज किया गया है. बुधवार को दिल्ली में 299 मामले सामने आए थे. दिल्ली सरकार ने कहा है कि पिछले दो दिन में दिल्ली में कोरोना के मामलों में 118 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है.

दिल्ली के उप—मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. हालांकि इससे घबराने की जरूरत नहीं है. इसकी वजह यह है कि मरीजों को अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है. लेकिन एतियात बरतने की जरूरत है. यही वजह है कि हमनें स्कूलों के लिए कोरोना गाइडलाइंस जारी करने का निर्णय किया है.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और गुड़गांव को लेकर भी उन्हें बताया गया है कि वहां पर भी कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में सावधानी बरतना जरूरी है. यही वजह है कि स्कूलों के लिए कोरोना गाइडलाइंस जारी की जा रही है. सभी स्कूलों को इसे मानना होगा. उन्होंने कहा कि शुक्रवार तक यह गाइडलाइंस जारी कर दी जाएंगी.

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