Crime – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com Delhi Ki Awaaz Thu, 07 Mar 2024 08:49:45 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 https://i0.wp.com/www.delhiaajkal.com/wp-content/uploads/2022/11/Black-minimalist-michael-vescera-logo.png?fit=32%2C32&ssl=1 Crime – Delhi Aaj Kal https://www.delhiaajkal.com 32 32 212602069 Raids in 7 states in case of converting jail prisoners into terrorists: NIA https://www.delhiaajkal.com/raids-in-7-states-in-case-of-converting-jail-prisoners-into-terrorists-nia/ https://www.delhiaajkal.com/raids-in-7-states-in-case-of-converting-jail-prisoners-into-terrorists-nia/#respond Thu, 07 Mar 2024 08:49:41 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3701 जेल में कैदियों को आतंकी बनाने के मामले में 7 राज्यों में छापेमारी : एनआईए

इंद्र वशिष्ठ

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
6 मार्च 2024

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने
बेंगलुरु की जेल में कैदियों को आतंकवादी /कट्टरपंथी बनाए जाने के मामले में मंगलवार को 7 राज्यों में 17 ठिकानों पर छापेमारी की. कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, पंजाब, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल में छापेमारी में 25 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप, 4 स्टोरेज डिवाइस, दस्तावेज, भारतीय और विदेशी मुद्रा बरामद हुई.

एनआईए ने मंगलुरु में संदिग्ध नाविद, बेंगलुरु में सैय्यद खली, दक्षिण कन्नड़ में बीजू , पश्चिम बंगाल, दक्षिण 24 परगना में मयूर चक्रबर्ती, गुरदासपुर, पंजाब में नवजोत सिंह, मेहसाणा गुजरात में हार्दिक कुमार, अहमदाबाद में कर्ण कुमार, कासरगोड केरल में जॉनसन, रामनाथपुरम्, तमिलनाडु में मुश्ताक अहमद सातिकाली, मुबिथ और चेन्नई में हसन अली बासम के ठिकानों पर छापे मारे.

बेंगलुरु की जेल में बंद लश्कर ए तोएबा के आतंकवादी टी नासिर पर आरोप है कि वह जेल के अंदर भी कैदियों को आतंकी बनाने में लगा हुआ था.

बेंगलुरु की जेल में हथियार और वॉकी टॉकी मिलने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने जुलाई 2023 में मामला दर्ज किया था. जेल से 7 पिस्तौल, 4 हथगोले और 45 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे.
एनआईए 25 अक्टूबर 2023 से इस मामले की जांच कर रही है. एजेंसी ने 12 जनवरी 2024 को फरार आरोपी जुनैद अहमद और सलमान खान सहित आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. जांच से पता चला कि भगोड़ों ने लश्कर की गतिविधियों को बढ़ावा देने और गुमनाम रूप से विभिन्न व्यक्तियों तक धन पहुंचाने के लिए भारत भर में व्यक्तियों का एक नेटवर्क स्थापित किया था.

इस मामले में अब तक कुल छह गिरफ्तारियां हुईं हैं. लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी टी. नासिर इस मामले में जुनैद अहमद के साथ आरोपी है. नासिर ने बेंगलुरु की केंद्रीय जेल में पांच लोगों को कट्टरपंथी बनाया था.
नासिर केरल के कन्नूर का रहने वाला है. साल 2013 से ही वह बेंगलुरु सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है. वहीं, इस मामले में आरोपी जुनैद अहमद और सलमान खान विदेश भाग गए. इन दोनों को नासिर ने जेल में ही आतंकी बना दिया था. इसके अलावा भी कई कैदी नासिर के संपर्क में थे. इसमें सैयद सुहैल खान, मोहम्मद उमर, जाहिव तबरेज, सैयद मुदासिर पाशा, मोहम्मद फैसल रब्बानी का नाम शामिल है.

एनआईए को जांच में पता चला कि नासिर किसी तरह से इन कैदियों को अपने बैरक में शिफ्ट करवाता था. इसके बाद उनको बरगला कर आतंकी बनाने में जुट जाता था. इसके बाद इन लोगों को भी और लोगों को लश्कर में शामिल करवाने के लिए तैयार कर देता था. जुनैद जेल से छूटने के बाद कुछ और अपराधों में भी शामिल हुआ और फिर विदेश भाग गया. जानकारी के मुताबिक वह विदेश से लश्कर का आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग करता है. इसके अलावा सलमान के साथ मिलकर वह हथियार और गोला बारूद सप्लाई करवाता है ताकि आत्मघाती हमले करवाए जा सकें.

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Delhi traffic police constable arrested, inspector line present https://www.delhiaajkal.com/delhi-traffic-police-constable-arrested-inspector-line-present/ https://www.delhiaajkal.com/delhi-traffic-police-constable-arrested-inspector-line-present/#respond Thu, 11 Jan 2024 05:36:26 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3569 दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का हवलदार गिरफ्तार, इंस्पेक्टर लाइन हाज़िर

इंद्र वशिष्ठ

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
10 जनवरी 2024

सीबीआई ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के कोतवाली सर्किल के एक हवलदार को शिकायतकर्ता से 4 हजार रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए पकड़ा है.

सीबीआई के प्रवक्ता आरसी जोशी ने बताया कि एक शिकायत पर ट्रैफिक पुलिस, सेंट्रल रेंज, दिल्ली के हवलदार अमन मलिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

मंथली दो
आरोप है कि शिकायतकर्ता ने मलबा उठाने के लिए 5 वाहन किराए पर लिए थे. शिकायतकर्ता के वाहनों को हवलदार अमन मलिक ने रोका और वाहनों को चलाने की अनुमति देने के लिए उससे 5 हजार रुपये मासिक की अवैध रिश्वत की मांग की. बातचीत करने पर, हवलदार अमन मलिक  शिकायतकर्ता से प्रति माह 4 हजार रुपये की प्रारंभिक रिश्वत लेने के लिए सहमत हो गया. सीबीआई ने जाल बिछाया और हवलदार अमन मलिक को शिकायतकर्ता से 4 हज़ार रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए पकड़ लिया गया.

लाइन हाज़िर
पुलिस सूत्रों के अनुसार सीबीआई की रेड के दौरान वहां मौजूद दो अन्य पुलिस कर्मी मौके से भाग गए.
वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में इस सर्किल के ट्रैफिक इंस्पेक्टर विकास पिलानिया समेत 3 पुलिस कर्मियों को लाइन हाज़िर कर दिया है.

एमसीडी के दो गिरफ्तार
एक अन्य मामले में, सीबीआई ने शिकायतकर्ता से 4 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते हुए एमसीडी के शाहदरा जोन में
उप मुख्य लेखाकार (पेंशन सेल), डीसी कार्यालय में कार्यरत एलडीसी (रिकॉर्ड कीपर) नीरज और सफाई कर्मचारी देशपाल को पकड़ा. आरोप है कि शिकायतकर्ता ने अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की एक फाइल को मंजूरी देने के लिए आरोपी नीरज से संपर्क किया था. आरोपी ने उक्त फाइल को मंजूरी देने के लिए 4 हज़ार रुपये की रिश्वत की मांग की.सीबीआई ने जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को शिकायतकर्ता से 4 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया. आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है.

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PFI terrorist who cut professor’s palm with a reward of Rs 10 lakh arrested https://www.delhiaajkal.com/pfi-terrorist-who-cut-professors-palm-with-a-reward-of-rs-10-lakh-arrested/ https://www.delhiaajkal.com/pfi-terrorist-who-cut-professors-palm-with-a-reward-of-rs-10-lakh-arrested/#respond Thu, 11 Jan 2024 05:18:53 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3564 प्रोफेसर की हथेली काटने वाला पीएफआई का 10 लाख का इनामी आतंकी गिरफ्तार

इंद्र वशिष्ठ

दिल्ली आजकल ब्यूरो , दिल्ली
10 जनवरी 2024

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केरल के प्रोफेसर की हथेली काटने के मामले में मुख्य और आखिरी फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. तेरह साल से फरार पीएफआई के इस आतंकी पर दस लाख रुपए का इनाम घोषित था.

एनआईए के अनुसार लगातार प्रयासों के बाद मट्टनूर, कन्नूर (केरल) से सावेद को गिरफ्तार कर लिया गया.
सावेद की पहचान 2010 में प्रोफेसर टीजे जोसेफ की हथेली काटकर हत्या के प्रयास के मामले में मुख्य आरोपी के रूप में की गई थी. यह भारत में ऐसी सबसे पहली घटनाओं में से एक थी. जो पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा अपनाई जा रही हिंसक उग्रवाद की विचारधारा को दर्शाती है.

इडुक्की जिले के थोडुपुझा स्थित न्यूमैन कॉलेज में बी.कॉम छात्रों की आंतरिक परीक्षा के लिए तैयार किए गए मलयालम प्रश्न पत्र में कथित तौर पर पैगंबर मोहम्मद का उपहास करने पर हमलावरों ने प्रोफेसर की हथेली काट दी थी. आरोपियों ने सवाल को उत्तेजक/ भड़काऊ माना था.
4 जुलाई 2010 को परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में प्रोफेसर पर बर्बर हमला किया था. आरोपियों ने प्रोफेसर पर उस समय हमला किया था. जब वह परिवार सहित रविवार की सुबह प्रार्थना सभा के बाद चर्च से लौट रहे थे. घटनास्थल से भागने से पहले हमलावरों ने लोगों में दहशत फैलाने के लिए बम भी फेंका था.

इस हमले ने इस्लाम के आलोचकों और अन्य धर्मों के प्रमुख व्यक्तियों को निशाना बनाकर लोगों और समाज को आतंकित करने और उनके छद्म तालिबान शैली वाले न्यायालय ‘दार-उल-खदा’ के फैसलों को लागू करने के पीएफआई के नापाक और हिंसक इरादे और डिजाइन को उजागर किया था.

इस मामले में 10 जनवरी 2011 को सावेद के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था. इस मामले में आईपीसी और यूए (पी) अधिनियम के तहत विभिन्न अपराधों के लिए अब तक कुल 19 आरोपियों को सज़ा सुनाई जा चुकी है. उनमें से तीन को आजीवन कारावास की सजा और 10 अन्य को आठ साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है.

इस मामले के सभी आरोपी अब प्रतिबंधित पीएफआई और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के नेता या कार्यकर्ता/कैडर थे और मुवत्तुपुझा में प्रोफेसर टी.जे. जोसेफ पर घातक हमले से संबंधित आपराधिक साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे.

मामला मूल रूप से 4 जुलाई 2010 को एर्नाकुलम जिले के मुवत्तुपुझा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था. बाद में इसकी जांच एनआईए को सौंप दी गई थी. एनआईए लगातार पूरे भारत में पीएफआई पर शिकंजा कसती जा रही है. पीएफआई के खिलाफ एजेंसी द्वारा दर्ज किए गए कई मामलों में भारत की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को उखाड़ फेंकने और 2047 तक देश में इस्लामिक स्टेट स्थापित करने की साजिश का खुलासा हुआ है

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Police should use data instead of batons: Prime Minister https://www.delhiaajkal.com/police-should-use-data-instead-of-batons-prime-minister/ https://www.delhiaajkal.com/police-should-use-data-instead-of-batons-prime-minister/#respond Tue, 09 Jan 2024 07:18:59 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3547 पुलिस डंडे के बजाए डाटा का इस्तेमाल करे : प्रधानमंत्री

इंद्र वशिष्ठ

दिल्ली आजकल ब्यूरो , दिल्ली
8 जनवरी 2024

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नए आपराधिक कानून ‘नागरिक पहले, गरिमा पहले और न्याय पहले’ के सिद्धांत पर बनाए गए हैं और पुलिस को अब ‘डंडे’ के साथ काम करने के बजाए ‘डेटा’ के साथ काम करने की जरूरत है. प्रधानमंत्री ने जयपुर में पुलिस महानिदेशकों/पुलिस महानिरीक्षकों के 58वें अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लिया.
प्रधानमंत्री ने नए आपराधिक कानूनों की शुरूआत पर चर्चा करते हुए कहा कि ये कानून आपराधिक न्याय प्रणाली में एक आदर्श बदलाव लाएंगे. नए आपराधिक कानून ‘नागरिक पहले, गरिमा पहले और न्याय पहले’ के सिद्धांत पर बनाए गए हैं और पुलिस को अब ‘डंडे’ के साथ काम करने के बजाए ‘डेटा’ के साथ काम करने की जरूरत है. उन्होंने पुलिस प्रमुखों से नए लागू कानूनों के पीछे की भावना को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने के लिए रचनात्मक ढंग से सोचने की अपील की.

प्रधानमंत्री ने नए आपराधिक कानून के तहत महिलाओं और लड़कियों को उनके अधिकार और सुरक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया. पुलिस से महिला सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिलाएं निडर होकर ‘कभी भी और कहीं भी’ काम कर सकें. प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए भारतीय पुलिस को खुद को आधुनिक बनाकर विश्व स्तरीय पुलिस बल बनाना होगा.
प्रधानमंत्री ने नागरिकों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. नागरिकों के लाभ के लिए सकारात्मक जानकारी और संदेश प्रसारित करने के लिए पुलिस स्टेशन स्तर पर सोशल मीडिया का उपयोग करने का सुझाव दिया. प्राकृतिक आपदाओं और आपदा राहत पर अग्रिम जानकारी प्रसारित करने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने का भी सुझाव दिया. नागरिक-पुलिस संबंधों को मजबूत करने के लिए विभिन्न खेल आयोजनों का भी सुझाव दिया. चूंकि सीमावर्ती गांव भारत के ‘पहले गांव’ हैं, इसलिए उन्होंने सरकारी अधिकारियों से स्थानीय लोगों के साथ बेहतर ‘संपर्क’ स्थापित करने के लिए इन गांवों में रहने का आग्रह किया.

जनवरी 6-7 को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में आयोजित इस सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण कारकों पर चर्चा की गई. इनमें नए प्रमुख आपराधिक कानून, आतंकवाद विरोधी नीतियां, वामपंथी कट्टरपंथ, उभरते साइबर खतरे, दुनिया भर में कट्टरवाद विरोधी उपाय आदि शामिल हैं.

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Inspectors created ruckus at Special Commissioner’s house, police denied the incident. https://www.delhiaajkal.com/inspectors-created-ruckus-at-special-commissioners-house-police-denied-the-incident/ https://www.delhiaajkal.com/inspectors-created-ruckus-at-special-commissioners-house-police-denied-the-incident/#respond Mon, 08 Jan 2024 06:46:28 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3544 स्पेशल कमिश्नर के घर इंस्पेक्टरों ने किया हंगामा , पुलिस का घटना से इनकार

इंद्र वशिष्ठ

दिल्ली आजकल ब्यूरो , दिल्ली
7 जनवरी 2024

दिल्ली पुलिस में पैसे के दम पर भी एसएचओ लगने/लगाने की बात होती रही है. लेकिन पैसे देने के बावजूद एसएचओ नहीं लगाए जाने पर इंस्पेक्टरों द्वारा एक स्पेशल कमिश्नर के घर पर हंगामा करने के मामले ने इतिहास रच दिया है. हालांकि दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इस तरह की किसी भी घटना से इनकार किया है. उसने कहा है कि पीसीआर कॉल के साथ ही संबंधित इलाके के नजदीक वाले सभी पुलिस स्टेशन के रोजनामचा की भी जांच की गई है. जिसमें इस तरह की किसी भी घटना की कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

शर्मनाक

इस मामले ने वैसे तो पुलिस महकमे और खासतौर पर आईपीएस बिरादरी को शर्मसार किया है. इस मामले ने यह तो साबित कर ही दिया कि पैसा देकर एसएचओ लगने/लगाने की बात में दम है. दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर रणवीर सिंह कृष्णियां (1989 बैच के आईपीएस)
31 दिसंबर 2023 को सेवानिवृत्त हो गए. 29 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय में रणवीर सिंह का विदाई समारोह था. उसके बाद कुछ इंस्पेक्टरों ने उनके घर (पंडारा रोड) जाकर हंगामा कर दिया. एक इंस्पेक्टर ने पीसीआर पर कॉल भी कर दी.

पैसे लिए, एसएचओ नहीं लगाया

आरोप है कि इंस्पेक्टरों ने एसएचओ लगने के लिए स्पेशल कमिश्नर के एक बेहद खास इंस्पेक्टर को लाखों रुपए दिए थे. एसएचओ नहीं लगाए जाने पर इंस्पेक्टर अपना पैसा वापस मांग रहे थे. स्पेशल कमिश्नर ने अपने खास इंस्पेक्टर को बुलाया. पैसे लेने वाले इंस्पेक्टर और पैसे देने वाले इंस्पेक्टरों के बीच कहासुनी/ झगड़ा हुआ. पीसीआर कॉल से पुलिस महकमे में हडकंप मच गया.

चर्चा है कि पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने अपने ओएसडी मनीषी चंद्रा और एक अन्य डीसीपी को स्पेशल कमिश्नर के घर भेजा. कुछ इंस्पेक्टरों के पैसे वापस कर दिए गए और अन्यों को पैसे वापस करने का आश्वासन दे दिया गया.

सब झूठ है- इस आरोप के बारे में सेवानिवृत्त स्पेशल कमिश्नर रणवीर सिंह कृष्णियां का कहना है कि पूरा का पूरा मामला फ्राड है, गलत इरादे से कही गई मनगढ़ंत कहानी है. इसमें एक प्रतिशत भी सच्चाई नहीं है. उनके घर कोई इंस्पेक्टर नहीं आया.

कैमरे पोल खोल सकते हैं

वैसे रणवीर कृष्णियां की अब तक की छवि तो विवाद रहित रही है. ऐसे में वह अगर सच्चे हैं तो उन्हें खुद आगे आकर गृहमंत्री और पुलिस कमिश्नर से इस मामले की जांच की मांग करनी चाहिए. जिससे उनके दामन पर लगा दाग जल्दी से जल्दी साफ़ हो सके. रणवीर कृष्णियां के घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से भी यह आसानी से पता लग सकता है कि पैसे देने का आरोप लगाने वाले इंस्पेक्टर उनके घर गए थे या नहीं.

गृहमंत्री सबक सिखाओ

यह मामला इतना संगीन, गंभीर और खतरनाक है कि प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को ही इस मामले की जांच करानी चाहिए क्योंकि मामला आईपीएस अधिकारी का है और आईपीएस द्वारा तो आईपीएस को बचाने की ही परंपरा रही है. ईमानदारी से जांच की जाए तो बहुत आसानी से सच्चाई सामने आ जाएगी. किस इंस्पेक्टर ने पीसीआर कॉल की थी. यह बात पीसीआर कॉल के रिकॉर्ड और उस इंस्पेक्टर के मोबाइल फोन के रिकॉर्ड से साबित हो सकती है.

कमिश्नर की भूमिका-
इस मामले में पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा की भूमिका पर भी सवालिया निशान लग जाता है. पुलिस कमिश्नर को एसएचओ लगने के लिए लाखों रुपए देने वाले वाले उन सभी इंस्पेक्टरों और स्पेशल कमिश्नर के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज करके मिसाल कायम करनी चाहिए थी.

रिकॉर्ड सार्वजनिक हो

पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा पीसीआर कॉल का रिकॉर्ड सार्वजनिक करके साबित करें कि किसी इंस्पेक्टर ने पीसीआर कॉल की थी या नहीं. पुलिस कमिश्नर बताएं कि उनके ओएसडी मनीषी चंद्रा सेवानिवृत्त स्पेशल कमिश्नर के घर गया था या नहीं. मनीषी चंद्रा के मोबाइल फोन के रिकॉर्ड से भी उनकी उस दिन/समय की लोकेशन स्पेशल कमिश्नर के घर पर थी या नहीं, यह आसानी से पता चल सकता है. पीसीआर कॉल का रिकॉर्ड और ओएसडी मनीषी चंद्रा के मोबाइल फ़ोन का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने से ही इस मामले की सच्चाई सामने आ सकती है.

मौजूदगी

चर्चा है कि दस से ज्यादा इंस्पेक्टरों ने स्पेशल कमिश्नर के घर पर हंगामा किया था. इन सभी इंस्पेक्टरों के मोबाइल फोन के रिकॉर्ड से भी उनकी स्पेशल कमिश्नर के घर पर मौजूदगी साबित हो सकती है.

खास इंस्पेक्टर

स्पेशल कमिश्नर के साथ लंबे समय से जुड़े राजस्थान के ही निवासी इंस्पेक्टर विकास के मोबाइल फोन के रिकॉर्ड से भी यह पता चल जाएगा कि कौन- कौन इंस्पेक्टर एसएचओ लगने के लिए उसके साथ निरंतर संपर्क में था. इंस्पेक्टर विकास भी हंगामा वाले समय स्पेशल कमिश्नर के घर गया था या नहीं.

भ्रष्ट इंस्पेक्टर

वैसे स्पेशल कमिश्नर रणवीर सिंह कृष्णियां पर आरोप लगाने वाले इंस्पेक्टर भी भ्रष्ट तो हैं ही. यह तो उन्होंने हंगामा करके खुद ही ढिंढोरा पीट कर साबित कर ही दिया. ऐसे इंस्पेक्टर ही एसएचओ लगने के बाद पैसा वसूलने के लिए डाकुओं की तरह आम लोगों का तो खून चूसते ही है बल्कि पैसा लेकर अपराध और अपराधियों को संरक्षण तक देते हैं. ऐसे हालात के लिए भ्रष्ट आईपीएस अधिकारी जिम्मेदार होते हैं.

कमिश्नर को किसका इंतजार

स्पेशल कमिश्नर रणवीर सिंह कृष्णियां पर आरोप लगाने वाले इंस्पेक्टरों ने एसएचओ लगने के लिए पैसा देने की बात ढिंढोरा पीट कर (पीसीआर कॉल) कबूली. पुलिस कमिश्नर का तो यह कर्तव्य बनता था कि जैसे ही उनकी जानकारी में भ्रष्टाचार का यह संगीन मामला आया, तुरंत मामला दर्ज करना चाहिए था. इस मामले में पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा से बात करने के लिए उनके घर पर और मोबाइल फोन पर संपर्क की कोशिश की गई. पुलिस कमिश्नर के घर से बताया गया कि वह दिल्ली से बाहर हैं.

पुलिस ने घटना से किया इनकार

दिल्ली पुलिस ने इस तरह की किसी भी घटना के होने से इनकार किया है. उसने कहा है कि पीसीआर वैन में आई हजारों कॉल की जांच की गई. इसके अलावा तिलक मार्ग , कर्तव्य पथ , तुगलक रोड सहित कई थानों के रोजनामचों की भी जांच की गई. जिसमें इस तरह की किसी भी घटना को लेकर कोई कॉल या लिखित शिकायत नहीं आई है. दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि पुलिस कमिश्नर के ओएसडी या किसी अन्य डीसीपी के घटनास्थल पर जाने को लेकर भी कोई सवाल नहीं उठता है. इसकी वजह यह है कि इस तरह की कोई घटना हुई ही नहीं है. यह एक मनगढ़ंत कहानी है. जिसे सनसनीखेज तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है.

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Officer involved in bribery of Rs 10 lakh, Broker and bribe giver arrested https://www.delhiaajkal.com/officer-involved-in-bribery-of-rs-10-lakh-broker-and-bribe-giver-arrested/ https://www.delhiaajkal.com/officer-involved-in-bribery-of-rs-10-lakh-broker-and-bribe-giver-arrested/#respond Fri, 05 Jan 2024 09:08:03 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3493 10 लाख की रिश्वतखोरी में अफसर,
दलाल और रिश्वत देने वाला गिरफ्तार

इंद्र वशिष्ठ

दिल्ली आजकल ब्यूरो , दिल्ली
5 जनवरी 2024

सीबीआई ने दस लाख रुपए की रिश्वतखोरी में दो डिप्टी चीफ़ कंट्रोलरो, निजी कंपनी के डायरेक्टर और एक दलाल को गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने दो करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी, सोने के बिस्कुट और चांदी बरामद की है.

सीबीआई ने पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी संगठन, नागपुर के अधिकारियों, एक दलाल/बिचौलिए और रिश्वत देने वाले के ख़िलाफ़ रिश्वतखोरी और साजिश का मामला दर्ज किया. दलाल ने निजी कंपनी के डायरेक्टर का काम 10 लाख रुपए रिश्वत के बदले करवाने के लिए अफसरों के साथ मिलकर साज़िश रची.

सीबीआई ने जाल बिछाया रिश्वत देने वाले राजस्थान के चितौड़गढ़ की मैसर्स सुपर शिव शक्ति केमिकल प्राइवेट लिमिटेड चितौड़गढ़ के डायरेक्टर देवी सिंह कच्छवाहा और दलाल प्रियदर्शन दिनकर देशपांडे को गिरफ्तार किया.

इसके बाद पीईएसओ के एक्सप्लोसिव के डिप्टी चीफ़ कंट्रोलर विवेक कुमार और अशोक कुमार दलीला को गिरफ्तार किया.
दलाल प्रिय दर्शन दिनकर देशपांडे के नागपुर के घर की तलाशी में एक करोड़ 19 लाख रुपए, सोने के बिस्कुट और चांदी आदि बरामद हुए. डिप्टी चीफ़ कंट्रोलर विवेक कुमार के परिसर से 88 लाख रुपए बरामद हुए.

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Hizbul terrorist Javed Ahmed Mattu arrested from Nizamuddin area of ​​Delhi. https://www.delhiaajkal.com/hizbul-terrorist-javed-ahmed-mattu-arrested-from-nizamuddin-area-of-delhi/ https://www.delhiaajkal.com/hizbul-terrorist-javed-ahmed-mattu-arrested-from-nizamuddin-area-of-delhi/#respond Fri, 05 Jan 2024 08:02:22 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3483 हिजबुल का आतंकी जावेद अहमद मट्टू दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से गिरफ्तार

दिल्ली आजकल ब्यूरो , दिल्ली
4 जनवरी 2024

दिल्ली पुलिस ने हिजबुल के एक बड़े आतंकी को गिरफ्तार किया है. आतंकी का नाम हिजबुल कमांडर जावेद अहमद मट्टू है. दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने जावेद मट्टू को गिरफ्तार किया है. दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी क्राइम एसजीएस धालीवाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को भी इस आतंकी की तलाश थी.

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी क्राइम एसजीए धारीवाल ने गुरुवार को बताया कि जावेद अहमद मट्टू जम्मू कश्मीर में कई आतंकी हमलों में वांछित था. जावेद पांच अलग-अलग मामलों में पांच पुलिस अधिकारियों की हत्या में भी शामिल रहा है. वह ए++ नामित आतंकवादी है. वह जम्मू-कश्मीर के सोपोर का रहने वाला है.

धारीवाल ने बताया कि जावेद अहमद मट्टू जम्मू-कश्मीर में रहने वाले आतंकी समूहों में अंतिम जीवित आतंकी है. पुलिस के अनुसार 2010 के बाद से जावेद मट्टू कभी पकड़ा नहीं गया. यह पहली मौका है जब वह पुलिस के हत्थे चढ़ा है.मट्टू को दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके के पास से गिरफ्तार किया गया है. वह अक्सर अपना स्थान बदलता रहता था.

स्पेशल सीपी क्राइम धारीवाल ने कहा कि जावेद अहमद मट्टू पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) भी चुका है. जांच में यह सामने आया है कि मट्टू जम्मू-कश्मीर पुलिस का भी वांछित आतंकी है.

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Another accused arrested in Gogamedi murder case, 8 pistols recovered: NIA https://www.delhiaajkal.com/another-accused-arrested-in-gogamedi-murder-case-8-pistols-recovered-nia/ https://www.delhiaajkal.com/another-accused-arrested-in-gogamedi-murder-case-8-pistols-recovered-nia/#respond Thu, 04 Jan 2024 06:40:55 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3472 गोगामेड़ी हत्याकांड में एक और अभियुक्त गिरफ्तार ,8 पिस्तौल बरामद: एनआईए

इंद्र वशिष्ठ

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
3 जनवरी 2024

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के मामले में हरियाणा और राजस्थान में 31 स्थानों पर छापेमारी की और प्रमुख संदिग्ध अशोक कुमार को गिरफ्तार किया है. इस आरोपी की गिरफ्तारी से सनसनीखेज हत्या मामले में अब तक गिरफ्तारियों की संख्या 09 हो गई है.

एनआईए ने आरोपी व्यक्तियों और कई संदिग्धों के घर/ ठिकानों की तलाशी में 8 पिस्तौलें, कारतूस, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, डीवीआर और वित्तीय लेनदेन से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज़ आदि बरामद किए हैं.

एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि एक प्रमुख संदिग्ध, अशोक कुमार मेघवाल को राजस्थान के झुंझुनू जिले में पिलानी में झेरली गांव में उसके परिसर से 8 पिस्तौल और कारतूसों की बरामदगी के बाद गिरफ्तार किया गया. उससे पूछताछ में मामले में उसकी संदिग्ध भूमिका उजागर हुई और मामले में आरोपी कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के साथ उनके संबंध का भी पता चला. जिसने कथित तौर पर दो शूटरों को श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष गोगामेड़ी की हत्या के लिए प्रेरित किया था. अशोक मेघवाल के ख़िलाफ़ अनेक आपराधिक मामले दर्ज हैं.

5 दिसंबर 2023 को जयपुर (राजस्थान) में गोगामेड़ी के श्याम नगर स्थित आवास पर दिनदहाड़े हुई गोलीबारी में गोगामेड़ी सहित एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए, जबकि एक ने बाद में दम तोड़ दिया। मूल रूप से राजस्थान पुलिस द्वारा,
मामला दर्ज किया गया था। 11 दिसंबर 2023 को एनआईए ने यह मामला अपने हाथ में लिया।

दो हथियारबंद हमलावरों की पहचान रोहित राठौड़, निवासी झोटवाड़ा, जयपुर और नितिन फौजी, गांव दोगडा जाट महेंद्रगढ़, हरियाणा के रूप में हुई है, जिन्होंने पिछले महीने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोलीबारी के दौरान नवीन शेखावत की भी मौके पर ही मौत हो गई और बाद में दो घायलों में से एक अजीत सिंह ने दम तोड़ दिया। रोहित और नितिन दोनों को 9 दिसंबर 2023 को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। नितिन सेना में सिपाही है। उसकी पोस्टिंग राजस्थान के अलवर में है। 8 नवंबर को वह दो दिन की छुट्टी लेकर घर पहुंचा था, लेकिन इसके बाद उसने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की।
गिरफ्तार आरोपियों और संदिग्धों से लगातार पूछताछ से हत्या के मामले में हरियाणा और राजस्थान के कुख्यात अपराधियों और संगठित आपराधिक गिरोह के सदस्यों की संलिप्तता का पता चला। एनआईए की जांच के अनुसार, सभी आरोपी और संदिग्ध गोगामेड़ी की हत्या से पहले और बाद में आरोपी व्यक्तियों से जुड़े हुए पाए गए

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Muslim League Jammu Kashmir (Masrat Alam faction) declared illegal organization https://www.delhiaajkal.com/muslim-league-jammu-kashmir-masrat-alam-faction-declared-illegal-organization/ https://www.delhiaajkal.com/muslim-league-jammu-kashmir-masrat-alam-faction-declared-illegal-organization/#respond Thu, 28 Dec 2023 06:34:57 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3373 मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) गैर कानूनी संगठन घोषित

इंद्र वशिष्ठ

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
28 दिसंबर 2023

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) को गैर कानूनी संगठन घोषित कर दिया है.

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ये संगठन और इसके सदस्य जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रविरोधी और अलगाववादी गतिविधियों मे शामिल हैं और आतंकी गतिविधियों और लोगों को भड़का कर वहां इस्लामिक शासन स्थापित करने को समर्थन देने में लिप्त हैं. इस संगठन के सदस्य लोगों को भड़का कर जम्मू और कश्मीर में इस्लामिक शासन स्थापित करना चाहते हैं. जो भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता के लिए हानिकारक है.

इस संगठन के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय दंड संहिता, आर्म्स एक्ट और रनबीर दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. सरकार ने गैर कानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) के तहत इस संगठन को गैरकानूनी संगठन घोषित किया है.

गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार का संदेश एकदम स्पष्ट है कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ कार्य करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसे कानून के तहत कठोरतम सज़ा दी जाएगी. आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत, गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2023 में अब तक 4 संगठनों को आतंकी संगठन, 6 व्यक्तियों को आतंकवादी और 2 संगठनों को गैर कानूनी संगठन घोषित किया जा चुका है

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Home Ministry is reviewing, CISF will handle the security of Parliament https://www.delhiaajkal.com/home-ministry-is-reviewing-cisf-will-handle-the-security-of-parliament/ https://www.delhiaajkal.com/home-ministry-is-reviewing-cisf-will-handle-the-security-of-parliament/#respond Sat, 23 Dec 2023 06:54:32 +0000 https://www.delhiaajkal.com/?p=3280 गृह मंत्रालय कर रही समीक्षा, सीआईएसएफ संभालेगी संसद की सुरक्षा

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
21 दिसंबर 2023

संसद में दो युवकों की घुसपैठ और उनके सदन में कूदने की घटना के बाद संसद की सुरक्षा को चाक- चौबंद करने के लिए कई कदम उठाए जाने शुरू कर दिए गए हैं. केंद्र सरकार सुरक्षा को पहले से बेहतर और सुदृढ़ करने के लिए यहां की सुरक्षा दिल्ली पुलिस की जगह सीआईएसएफ को देने पर भी विचार कर रही है. केंद्रीय गृह मंत्रालय इस मुद्दे पर सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों के साथ बातचीत कर रही है.

सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय का यह मानना है कि सीआईएसएफ को सुरक्षा देने से यहां की सुरक्षा को पहले से बेहतर बनाया जा सकता है. इसकी वजह यह है कि सीआईएसएफ पहले से ही एयरपोर्ट और अन्य स्थानों पर बॉडी स्केनर सहित कई अन्य उच्च सुरक्षा उपकरण के साथ अपनी सेवा दे रही है. उसे इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहतर अनुभव है. संसद में हमले के बाद यहां पर भी फुल बॉडी स्कैनर लगाने की अनुशंसा की गई है. सीआईएसएफ पर किसी का दबाव भी काम नहीं करेगा. इसकी वजह यह है कि सीआईएसएफ का बाहरी लोगों के साथ बहुत ज्यादा संपर्क नहीं रहता है. जबकि दिल्ली पुलिस पिछले लंबे अरसे से यहां सुरक्षा व्यवस्था दे रही है. ऐसे में कई लोगों की दिल्ली पुलिस के तंत्र के अंदर भी बेहतर पहुंच बन गई है. जिसकी वजह से कई बार व्यक्तिगत आधार पर भी सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही हो जाती है.

 केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संसद में घुसपैठ और हमला करने के मामले में सीआरपीएफ के महानिदेशक के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय जांच टीम गठित की है. यह संसद में घुसपैठ और हमला मामले की जांच करने के साथ ही यहां पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने संबंधी सलाह भी देगी. स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि यह कमेटी उन सभी बिंदुओं की जांच करेगी. जो किसी भी तरह के संभावित सुरक्षा चूक को हमेशा के लिए खत्म करने में उपयोगी होगी. उन्होंने यह भी कहा था कि यह समिति अगले 15-20 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट लोकसभा सचिवालय को सौंप देगी.

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