nitin

संदीप जोशी, दिल्ली
16 मार्च 2022

केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश की पहली ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल कार को अपने निवास पर लांच किया. मिराई का जापानी भाषा में मतलब भविष्य होता है. गडकरी ने कहा कि यह अपने नाम की तरह भविष्य की कार है. यह पेट्रोल—डीजल पर चलने वाली परंपरागत कार का बेहतरीन विकल्प होगी. यह बेहद आधुनिक तकनीक से बनी है. जिसमें फ्यूल सेल कार के चलने के दौरान अपने आप चार्ज होता रहता है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा यह इलेक्ट्रीक कार से भी इस मायने में बेहतर है कि हाईड्रोजन सेल चार्ज होने में कुछ ही समय लगता है. जबकि इलेक्ट्रीक वाहन को चार्ज होने में काफी समय लगता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत किसी भी एक तकनीक को तव्वजो देने के पक्ष में नहीं है. भारत में सभी तकनीक को अपनाया जाएगा. जो बेहतर होगा. वह स्वयं यहां की जनता स्वीकार करेगी. इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय पेट्रोलियम और शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी, भारती उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय और केंद्रीय उर्जा मंत्री आरके सिहं भी मौजूद थे. इसके अलावा

ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाली यह देश की पहली कार है. इस कार को टोयोटा और किर्लोस्कर ने मिलकर तैयार किया है. गिनीज बुक में दर्ज रिकॉर्ड में यह स्पेशल कार 1300 किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी है. इस कार में तीन हाइड्रोजन सिलिंडर लगाए गए हैं. कार के अन्दर सिलिंडर इस तरह से लगाए गए हैं कि सुरक्षा को लेकर कोई समस्या न आए. यह बुलेट प्रूफ सिलिंडर है. जिससे कोई डैमेज नहीं होगा. कार सेफ्टी के मामले में पूरी तरह सुरक्षित है. कार में सेंसर्स लगे हैं. जो किसी भी तरह की कोई परेशानी होने पर पूरे सिस्टम को बंद कर देते हैं. इस कार में ऑनबोर्ड इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट होती है. जिससे यह कार चलती है. कार के पिछले हिस्से में 1.4 किलोवाट की बैटरी लगी है. इलेक्ट्रिक गाड़ी के मुकाबले यह बैटरी 30 गुना कम है. एक सिलिंडर फीलिंग पर कार 650 किलोमीटर का सफर तय करती है. एक सिलिंडर में 5.6 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जाती है. गडकरी ने कहा कि इससे गैस उत्सर्जन नहीं होता है. ग्रीन हाईड्रोजन अक्षय उर्जा से प्राप्त होती है.

गडकरी ने इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी को कहा कि वह नागपुर में सीवर के पानी से गैस बनाते हैं. उसके बाद इसे बेचते हैं. इससे करोड़ों रूपये हासिल होते हैं. वह शहरी विकास मंत्री हैं. अगर वह नागपुर के अनुभव को देश भर में क्रियान्वित करें तो इससे न केवल सीवर का गंदा पानी भी साफ हो सकता है. जिससे एक ओर नगर निगमों को कमाई होगी. वहीं, इससे नदी और सागर में जाने वाली गंदगी भी काफी हद तक रोकी जा सकती है. उन्होंने नाले के पानी से निकलने वाली गैस से सार्वजनिक वाहन को चलाने की भी वकालत की. उन्होंने कहा कि बायो गैस से सार्वजनिक परिवहन दौड़ाने का प्रोजेक्ट भी उन्होंने नागपुर में शुरू किया. यह काफी सफल रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ भी बेकार नहीं है. हमें भविष्य को देखते हुूए वेस्ट टू वेल्थ की ओर बढ़ना होगा. उस समय हम अपनी आनी वाली पीढ़ी को बेहतर पर्यावरण दे पाएंगे. इस अवसर पर केंद्रीय उर्जा मंत्री आरके सिंह, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने भी अपने विचार रखे.

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *