
संदीप जोशी, दिल्ली
28 अप्रैल 2022
देश में अगले साल तक हर 2जी मोबाइल फोन को 4जी में बदलने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. उसने यह तय किया है कि वह देश के हर एक टॉवर को 4जी तकनीक से लैस करेगी. इसके प्रथम चरण में केंद्रीय कैबिनेट ने एक दिन पहले ही नक्सल प्रभावित इलाकों में 2342 मोबाइल टॉवर को अपग्रेड कर 4जी तकनीक से चलाने का निर्णय किया है.
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि हमनें स्वदेशी 4जी तकनीक विकसित कर ली है. यह मौजूदा विदेशी 4जी तकनीक से काफी अधिक प्रभावी और सस्ती भी है. इससे हम आने वाले समय में स्वदेशी तकनीक पर 5जी सेवा भी लांच कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि यह निर्णय भी किया गया है कि अगले साल के अंत तक देश के सभी टॉवरों को 4जी सेवा से लैस कर दिया जाए. इसके लिए अगले चरण में करीब 6 हजार टॉवर और उसके उपरांत 1 लाख टॉवरों को 4जी सेवा से लैस किया जाएगा. इससे हर व्यक्ति का फोन 4जी हो जाएगा.
उन्होंने कहा कि देश में 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी मई—जून तक हो जाएगी. जिससे देश में अगस्त—सितंबर तक अधिकारिक रूप से 5जी सेवा शुरू हो जाएगी. इंडस्ट्री ने यह कहा है कि 5जी स्पेक्ट्रम कुछ महंगा है. इसको लेकर उनसे हम बात करने को तैयार हैं. यह मामला सुलझा लिया जाएगा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गांवों में इंटरनेट पहुंचाने के लिए भारत नेट को बीएसएनएल के साथ मिला दिया गया है. वहां पर स्थानीय व्यक्ति को इंटरनेट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जा रही है. यह इस योजना का प्रभाव है कि गांव में भी प्रति मोबाइल यूजर 70—80 जीबी डाटा की खपत सामने आ रही है. हमें उम्मीद है कि जल्द ही एमटीएनएल और बीएसएनएल फिर से बेहतर व्यवसायिक कारोबार करने में सक्षम होंगे.
बॉक्स: मोबाइल के दामों में दखल नहीं देगी सरकार, 15 अगस्त को पीएम कर सकते हैं पहली 5जी कॉलिंग
सूत्रों के मुताबिक 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में पहली 5जी तकनीक आधारित कॉल कर सकते हैं. यही वजह है कि दूरसंचार मंत्रालय किसी भी हालत में मई—जून में 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी करना चाहता है. वहीं, मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि मोबाइल कंपनियां अगर दरों में इजाफा करती है तो उसमें सरकार दखल नहीं देगी. यह कार्य ट्राई और प्रतिस्पर्धा आयोग का है कि वह यह देखें कि क्या कंपनियां मिलकर तो दाम नहीं बढ़ा रही है. इसमें मंत्रालय का दखल नहीं होता है.